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जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा: कर्नाटक राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने जताया शोक, 6 की मौत पर परिवारों को दिलाया साथ का भरोसा

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जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा: कर्नाटक राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने जताया शोक, 6 की मौत पर परिवारों को दिलाया साथ का भरोसा

सारांश

जोशीमठ के पास बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर चाई गाँव के वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया — कर्नाटक के पाँच तीर्थयात्री और पायलट की जान गई। राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने शोक जताया और पार्थिव शरीरों की सम्मानपूर्वक वापसी का भरोसा दिलाया। DGCA जाँच टीम देहरादून रवाना।

मुख्य बातें

जोशीमठ के निकट 30 अक्टूबर 2026 को हुए हेलीकॉप्टर हादसे में कर्नाटक के 5 तीर्थयात्री और 1 पायलट की मौत हो गई।
ट्रांसभारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ हेलीपैड से दोपहर 1:14 बजे उड़कर चाई गाँव के पास वन क्षेत्र में गिरा।
मृतकों में सीसीबी इंस्पेक्टर अरुण सालंके , प्रताप बी.
निंगराजू , कैप्टन हिमांशु सभरवाल , एचएस नटराजू , सुधीर के.
और शंकरगौड़ा वीबी शामिल हैं।
कर्नाटक की राज्यपाल डॉ.
सुधा यादव ने शोक जताया और पार्थिव शरीरों की सम्मानपूर्वक वापसी का आश्वासन दिया।
DGCA की जाँच टीम देहरादून भेजी गई; उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जाँच के आदेश दिए।

कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने 31 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के जोशीमठ के निकट हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिसमें कर्नाटक के पाँच तीर्थयात्रियों और एक पायलट की जान चली गई। राज्यपाल ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट करते हुए उन्हें इस कठिन घड़ी में कर्नाटक की ओर से पूरी सहायता का आश्वासन दिया।

राज्यपाल का शोक संदेश

डॉ. सुधा यादव ने कहा, 'जोशीमठ के पास हुए इस दुखद हेलीकॉप्टर हादसे से मुझे गहरा आघात लगा है, जिसमें छह लोगों की जान चली गई। इस हादसे में हुई जान-माल की हानि अत्यंत पीड़ादायक है।' उन्होंने हादसे में जान गँवाने वाले सीसीबी इंस्पेक्टर अरुण सालंके, प्रताप बी. निंगराजू, कैप्टन हिमांशु सभरवाल, एचएस नटराजू, सुधीर के. और शंकरगौड़ा वीबी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि 'अपनों का अचानक बिछड़ जाना एक ऐसी त्रासदी है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती, और इतने गहरे दुख के समय में शब्द भी सांत्वना देने के लिए नाकाफी हैं।' उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को यह भारी दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

हादसे का विवरण

ट्रांसभारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ हेलीपैड से उड़ान भरकर देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान यह जोशीमठ के निकट चाई गाँव के पास वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर में एक पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे।

दुर्घटनास्थल पर मलबा मिलने के बाद खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। गौरतलब है कि बद्रीनाथ क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवा एक महत्वपूर्ण यातायात माध्यम है, और यह हादसा उस क्षेत्र की विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जाँच और सरकारी कार्रवाई

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को बताया कि हादसे की प्रारंभिक एवं नियामकीय जाँच के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक टीम देहरादून भेजी गई है। इससे पहले, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस हादसे की जाँच के आदेश दे दिए थे।

यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर हादसों की पुनरावृत्ति पर विशेषज्ञ चिंता जता चुके हैं। DGCA की जाँच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे की तकनीकी अथवा मौसम-सम्बन्धी वजह क्या थी।

पार्थिव शरीरों की वापसी और परिवारों को सहायता

राज्यपाल कार्यालय संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और सहयोग मिल सके। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिवंगत तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक कर्नाटक वापस लाए जाएँ।

डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि 'इस कठिन समय में कर्नाटक के लोग पीड़ित परिवारों के साथ एकजुट होकर खड़े हैं।' राज्यपाल के इस आश्वासन से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

आगे क्या

DGCA की जाँच रिपोर्ट आने के बाद हेलीकॉप्टर सेवा संचालकों की जवाबदेही तय होने और सुरक्षा मानकों में संशोधन की माँग तेज़ होने की संभावना है। पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजे और सहायता की प्रक्रिया भी शुरू होने की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पहाड़ी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति बताती है कि सिफारिशें ज़मीन पर नहीं उतर रहीं। राज्यपाल का संवेदना-संदेश आवश्यक है, पर असली सवाल यह है कि क्या इस बार जाँच के बाद ऑपरेटर लाइसेंसिंग और मार्ग-सुरक्षा मानकों में ठोस बदलाव होंगे। पीड़ित परिवारों के लिए शोक से आगे बढ़कर जवाबदेही और मुआवजे की प्रक्रिया में पारदर्शिता ज़रूरी है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 30 अक्टूबर 2026 को जोशीमठ के निकट चाई गाँव के वन क्षेत्र में हुआ। ट्रांसभारत एविएशन का हेलीकॉप्टर दोपहर 1:14 बजे बद्रीनाथ हेलीपैड से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ा था और उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
हादसे में कौन-कौन से लोग मारे गए?
हादसे में कर्नाटक के पाँच तीर्थयात्री — सीसीबी इंस्पेक्टर अरुण सालंके, प्रताप बी. निंगराजू, एचएस नटराजू, सुधीर के. और शंकरगौड़ा वीबी — तथा पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल की मौत हो गई। कुल छह लोग हेलीकॉप्टर में सवार थे।
कर्नाटक राज्यपाल ने इस हादसे पर क्या कहा?
कर्नाटक की राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सभी छह दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और दिवंगत तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीरों की सम्मानपूर्वक कर्नाटक वापसी का भरोसा भी दिलाया।
हादसे की जाँच कौन कर रहा है?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक टीम प्रारंभिक और नियामकीय जाँच के लिए देहरादून भेजी गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अलग से हादसे की जाँच के आदेश दिए हैं।
पीड़ित परिवारों को सहायता कैसे मिलेगी?
राज्यपाल कार्यालय संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि दिवंगत तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक कर्नाटक वापस लाए जाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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