30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बद्रीनाथ-देहरादून हेलीकॉप्टर लापता: जोशीमठ घाटी में संपर्क टूटा, पायलट समेत 6 की तलाश जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बद्रीनाथ-देहरादून हेलीकॉप्टर लापता: जोशीमठ घाटी में संपर्क टूटा, पायलट समेत 6 की तलाश जारी

सारांश

बद्रीनाथ से देहरादून रवाना हुआ ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर को जोशीमठ घाटी के ऊपर रडार से गायब हो गया। कैप्टन हिमांशु समेत 6 लोग सवार थे। मुख्यमंत्री धामी ने खुद निगरानी संभाली; सेना, SDRF और प्रशासन की संयुक्त टीमें तलाश में जुटी हैं।

मुख्य बातें

ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:14 बजे बद्रीनाथ से उड़ान भरने के बाद जोशीमठ घाटी के ऊपर संपर्क टूटने पर लापता हो गया।
हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु सहित 6 लोग — प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के.
भारतीय सेना , SDRF और चमोली जिला प्रशासन संयुक्त सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चाई गाँव, जोशीमठ के पास हेलीकॉप्टर क्रैश की सूचना साझा करते हुए घायलों को एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए।
ट्रांस भारत एविएशन के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की उड़ानों पर तत्काल रोक लगाई गई है।

उत्तराखंड के बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए रवाना हुआ ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का एक हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान लापता हो गया। हेलीकॉप्टर में कैप्टन हिमांशु सहित कुल छह लोग सवार थे और दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही रडार एवं ट्रैकिंग सिस्टम से संपर्क टूट गया। सूचना मिलते ही भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने संयुक्त सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।

घटना का विवरण

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने बद्रीनाथ से सहस्रधारा के लिए दोपहर 1:14 बजे उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर पहुँचते ही हेलीकॉप्टर का एटीसी से रेडियो संपर्क अचानक समाप्त हो गया और उसी समय ट्रैकिंग सिस्टम ने भी उसकी लोकेशन प्रदर्शित करना बंद कर दिया। अब तक हेलीकॉप्टर की अंतिम ज्ञात स्थिति के बारे में कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पाँच यात्री — प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एच.एस. नटराज — सवार थे। घटना की जानकारी मिलते ही एहतियाती उपाय के तहत ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की सभी उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना, SDRF और चमोली जिला प्रशासन की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं और सर्च अभियान शुरू किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया: 'चाई गांव, जोशीमठ के निकट हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की दुर्भाग्यपूर्ण सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।'

धामी ने यह भी कहा कि वे स्वयं पूरे घटनाक्रम की निरंतर निगरानी कर रहे हैं और गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्र पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। चाई गाँव, जोशीमठ के नज़दीक क्षेत्र को संभावित दुर्घटना स्थल मानते हुए खोज अभियान केंद्रित किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि एवं संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड की ऊँचाई वाली घाटियों में वायुमार्ग यात्रा, विशेषकर हेलीकॉप्टर सेवाएँ, पर्यटन और तीर्थयात्रा के लिए महत्त्वपूर्ण हो चुकी हैं। जोशीमठ घाटी का मौसम अक्टूबर के अंत में तेज़ी से बदलता है और निम्न दृश्यता तथा तेज़ पहाड़ी हवाएँ उड़ान को जोखिमभरा बना सकती हैं। गौरतलब है कि उत्तराखंड में पर्वतीय हेलीकॉप्टर सेवाओं से जुड़ी यह ताज़ा घटना पहाड़ी हवाई संचालन की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर फिर से सवाल खड़े करती है।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि हेलीकॉप्टर का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है और संबंधित एजेंसियाँ पूरी तत्परता के साथ खोज अभियान में लगी हुई हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और हेलीकॉप्टर की सटीक स्थिति अज्ञात बनी हुई है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो हवाई खोज का दायरा बढ़ाए जाने की संभावना है। UCADA और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस घटना की जाँच करेंगे और सभी अपडेट आधिकारिक चैनलों के ज़रिए साझा किए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले से भूधँसाव के संकट से जूझ रही है, अब एक और मानवीय त्रासदी की आशंका का केंद्र बन गई है। DGCA को इस बात की जाँच करनी होगी कि क्या ऑपरेटर ने मौसमीय जोखिम का पर्याप्त आकलन करके उड़ान भरी थी। पहाड़ी हवाई मार्गों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक कड़ा करने की ज़रूरत पर बहस अब टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर कब और कहाँ लापता हुआ?
हेलीकॉप्टर 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ से उड़ान भरने के बाद जोशीमठ घाटी के ऊपर लापता हो गया। उसी समय रेडियो संपर्क और ट्रैकिंग सिस्टम दोनों ने काम करना बंद कर दिया।
लापता हेलीकॉप्टर में कौन-कौन सवार थे?
हेलीकॉप्टर में पायलट कैप्टन हिमांशु के अलावा पाँच यात्री — प्रताप, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एच.एस. नटराज — सवार थे। कुल 6 लोग हेलीकॉप्टर में मौजूद थे।
सर्च ऑपरेशन में कौन-सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
भारतीय सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और चमोली जिला प्रशासन संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं।
ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टरों पर क्या कार्रवाई हुई?
एहतियाती उपाय के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े की सभी उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। UCADA ने यह जानकारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी।
मुख्यमंत्री धामी ने इस घटना पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए चाई गाँव, जोशीमठ के पास हेलीकॉप्टर क्रैश की दुर्भाग्यपूर्ण सूचना साझा की। उन्होंने गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्र पहुँचाने के निर्देश दिए और यात्रियों के सकुशल होने की कामना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले