30 अक्टूबर 2026
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उदित राज का भाजपा पर तीखा प्रहार: 'लोकतंत्र बचाओ' रैली दबाव का सबूत, सरकार डिफेंसिव

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उदित राज का भाजपा पर तीखा प्रहार: 'लोकतंत्र बचाओ' रैली दबाव का सबूत, सरकार डिफेंसिव

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली को डिफेंसिव राजनीति का प्रमाण बताया। उनका तर्क है कि सत्तारूढ़ दल रोड शो नहीं करता — यह विपक्ष की ज़िम्मेदारी है। 800 स्थानों पर रैली करना भाजपा की घबराहट दर्शाता है, जबकि लाखों सरकारी पद रिक्त और महंगाई बेकाबू है।

मुख्य बातें

उदित राज ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली को सरकार के 'डिफेंसिव' होने का सबूत बताया।
कांग्रेस की माँग — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा; इसी मुद्दे पर खड़गे आवास पर 'मॉक पार्लियामेंट' प्रस्तावित।
भाजपा कथित तौर पर 800 स्थानों पर 'लोकतंत्र बचाओ' कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
सीटीआई ने दावा किया कि 1 नवंबर की मेगा-रैली से 20 बाज़ारों में ₹10,000–12,000 करोड़ का नुकसान होगा; उदित राज ने इसे सरकारी दबाव में दिया गया बयान बताया।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव की घोषणा; उदित राज ने इसे एनएसयूआई के संघर्ष की जीत कहा।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर कड़ा हमला बोला और कहा कि यह आयोजन सरकार के दबाव में आने का प्रमाण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रस्तावित 'मॉक पार्लियामेंट' का उद्देश्य देश की जनता को संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग से अवगत कराना है।

मॉक पार्लियामेंट का मकसद क्या है

उदित राज ने कहा कि मॉक पार्लियामेंट एक लोकतांत्रिक परंपरा है, जिसके ज़रिए थिएटर, संगीत, रैली और प्रदर्शन के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाता है। उनके अनुसार, इस आयोजन का मुख्य संदेश यह है कि किस प्रकार संसद और लोकतंत्र को कमज़ोर किया जा रहा है तथा कथित तौर पर वोट चोरी कर चुनाव जीते जा रहे हैं। विपक्ष की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है।

भाजपा की रैली पर सीधा हमला

उदित राज ने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी लगभग 800 जगहों पर कार्यक्रम कर रही है। यह हमारे लिए अच्छी बात है, क्योंकि इससे पता चलता है कि भाजपा दबाव में आ गई है और डिफेंसिव हो गई है। उनकी चोरी पकड़ी गई है कि किस तरह से वोट की डकैती करके वे चुनाव जीतते रहे हैं।' उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सरकारें पदयात्रा या रोड शो नहीं करतीं — यह विपक्ष का काम होता है, और सत्तारूढ़ दल का ऐसा करना स्वयं उनकी कमज़ोरी को उजागर करता है।

सरकार पर शासन विफलता के आरोप

उदित राज ने केंद्र और राज्य सरकारों पर प्राथमिकताएँ गलत रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों में लाखों सरकारी पद रिक्त हैं, किसानों की समस्याएँ अनसुलझी हैं और महंगाई अब भी जनता की कमर तोड़ रही है। उनके अनुसार, रैलियाँ करने के बजाय सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

व्यापारियों की रैली-विरोध याचिका पर प्रतिक्रिया

व्यापारिक संगठन सीटीआई ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दावा किया है कि 1 नवंबर की मेगा-रैली के कारण 20 बाज़ारों में ₹10,000 से ₹12,000 करोड़ तक का नुकसान होगा और रैली टालने की माँग की है। उदित राज ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अधिकांश व्यापारी सरकारी दबाव में हैं — आयकर विभाग और जीएसटी विभाग की जाँचों के डर से वे मुक्त रूप से बोल नहीं पाते। उन्होंने सवाल किया कि जब नोटबंदी और जीएसटी से व्यापारी बर्बाद हुए थे, तब वे चुप क्यों थे।

जामिया छात्र संघ चुनाव पर स्वागत

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव होने की घोषणा पर उदित राज ने इसे छात्रों की जीत करार दिया। उन्होंने एनएसयूआई के छात्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन को अनावश्यक रूप से बाधा नहीं डालनी चाहिए थी, लेकिन अंततः 'मजबूर होकर' चुनाव की अनुमति देनी पड़ी। यह घटनाक्रम उस व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है जिसमें विपक्ष संस्थागत स्वायत्तता की बहाली को केंद्रीय मुद्दा बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से 12,000 करोड़ — बिना स्वतंत्र सत्यापन के हैं, और उदित राज का यह कहना कि व्यापारी 'दबाव में' बोल रहे हैं, स्वयं एक ऐसा दावा है जिसे प्रमाण की ज़रूरत है। जामिया छात्र संघ चुनाव का मुद्दा राजनीतिक दलों से परे छात्र स्वायत्तता का प्रश्न है, जिसे महज़ पार्टी की जीत तक सीमित कर देना उस संस्थागत महत्व को कम करता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर क्या कहा?
उदित राज ने कहा कि भाजपा का 800 स्थानों पर कार्यक्रम करना यह साबित करता है कि सरकार दबाव में आ गई है और डिफेंसिव हो गई है। उनके अनुसार, सत्तारूढ़ दल रोड शो नहीं करता — यह विपक्ष का काम होता है।
कांग्रेस की 'मॉक पार्लियामेंट' का उद्देश्य क्या है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रस्तावित 'मॉक पार्लियामेंट' का मकसद जनता को संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग से अवगत कराना है। उदित राज ने इसे लोकतांत्रिक जागरूकता की एक स्थापित परंपरा बताया।
सीटीआई ने रैली को लेकर क्या चिंता जताई?
व्यापारिक संगठन सीटीआई ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दावा किया कि 1 नवंबर की मेगा-रैली से 20 बाज़ारों में ₹10,000 से ₹12,000 करोड़ तक का नुकसान होगा। उदित राज ने इस याचिका को सरकारी दबाव का नतीजा बताते हुए खारिज किया।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव 20 साल बाद क्यों हो रहा है?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब 20 वर्षों के अंतराल के बाद छात्र संघ चुनाव की घोषणा हुई है। उदित राज ने इसे एनएसयूआई छात्रों के संघर्ष की जीत बताया और कहा कि प्रशासन को अनावश्यक बाधा नहीं डालनी चाहिए थी।
उदित राज ने सरकार की शासन विफलता पर क्या आरोप लगाए?
उदित राज ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों में लाखों पद रिक्त हैं, किसानों की समस्याएँ अनसुलझी हैं और महंगाई पर नियंत्रण नहीं है। उनके अनुसार, भाजपा रैलियाँ करने के बजाय इन मुद्दों को प्राथमिकता दे।
राष्ट्र प्रेस
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