9 अक्टूबर 2026
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उदित राज का आरोप: वोटर लिस्ट से नाम काटे तो विपक्ष सड़क पर उतरेगा, चुनाव आयोग पर निशाना

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उदित राज का आरोप: वोटर लिस्ट से नाम काटे तो विपक्ष सड़क पर उतरेगा, चुनाव आयोग पर निशाना

सारांश

42 पूर्व न्यायाधीशों के खुले पत्र के बाद सियासी संग्राम तेज़ — कांग्रेस नेता उदित राज ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि मनमानी जारी रही तो विपक्ष सड़कों पर उतरेगा। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 9 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से मनमाने तरीके से नाम हटाने का आरोप लगाया।
देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों ने खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमज़ोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी।
उदित राज ने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में चुनाव आयोग ने फॉर्म भरकर हटाए गए नाम फिर से जोड़ने की बात कही।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के EVM बचाव पर उदित राज ने लालकृष्ण आडवाणी और सुब्रमण्यम स्वामी के पूर्व विरोध का हवाला दिया।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना है।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आयोग मनमाने तरीके से वोटर लिस्ट से नाम हटाता रहा तो विपक्ष को सड़कों पर उतरना ही होगा। यह बयान उस समय आया है जब देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों ने खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमज़ोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी है।

उदित राज का मुख्य बयान

उदित राज ने कहा कि यदि चुनाव आयोग गलत फैसले लेता है, करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाता है और मनमाने तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव करता है, तो विपक्ष आवाज़ उठाएगा — क्योंकि यही विपक्ष का मौलिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सिविल सोसाइटी, एनजीओ, छात्र, युवा और पत्रकार — हर नागरिक को अपनी बात रखनी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार यह 'लोकतंत्र की हत्या का मामला है।'

उन्होंने दावा किया कि जिन राज्यों में हाल ही में चुनाव हुए, वहाँ 'लाखों वोट काटे गए।' हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब सड़कों पर आंदोलन तेज हुआ, तब चुनाव आयोग को झुकना पड़ा और आयोग ने घोषणा की कि फॉर्म भरकर हटाए गए नाम फिर से जोड़े जाएँगे।

राहुल गांधी और विपक्षी एकता पर टिप्पणी

उदित राज ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को 'सामाजिक न्याय के योद्धा' और 'वोट बचाने के योद्धा' बताया। उनके अनुसार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के अन्य नेता जो लड़ाई लड़ रहे हैं, वह देश के हित में है।

EVM विवाद पर पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा राहुल गांधी पर लोकतंत्र कमज़ोर करने का आरोप लगाने पर उदित राज ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि EVM बिल्कुल सही है, तो BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इसका विरोध क्यों किया था और सुब्रमण्यम स्वामी सर्वोच्च न्यायालय तक क्यों गए थे?

उन्होंने यह भी दावा किया कि दुनिया के कई देश, जो पहले EVM से चुनाव कराते थे, अब इसे छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस समय एलन मस्क से बड़ा कोई वैज्ञानिक या टेक्नोक्रेट होगा, उन्होंने भी कहा है कि EVM से निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता। जर्मनी जैसे कई देशों ने EVM को अपनाने के बाद अब छोड़ दिया है।' हालाँकि, ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और सीजेपी की भूमिका

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन में ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर उदित राज ने कहा कि सीजेपी को इंडिया गठबंधन के पीछे खड़ा होना चाहिए। उन्होंने इसे राजनीतिक लड़ाई की बजाय 'वोट बचाने की लड़ाई' करार दिया।

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब चुनाव सुधार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों के प्रदर्शन और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनके स्वतंत्र सत्यापन का कोई ठोस तंत्र क्यों नहीं है। 42 पूर्व न्यायाधीशों का पत्र संस्थागत चिंता को दर्शाता है, जिसे सत्तापक्ष महज़ राजनीतिक हमला बताकर खारिज कर रहा है। जब तक चुनाव आयोग पारदर्शी डेटा सार्वजनिक नहीं करता, यह बहस तथ्य पर नहीं, आस्था पर टिकी रहेगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने हाल के चुनावों में लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से मनमाने तरीके से हटाए और फॉर्म-6 में बदलाव किए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह जारी रहा तो विपक्ष सड़कों पर उतरेगा।
42 पूर्व न्यायाधीशों का खुला पत्र किस बारे में है?
देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों ने एक खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमज़ोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी है। यह पत्र चुनाव सुधार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है।
EVM विवाद पर उदित राज ने BJP को क्या जवाब दिया?
उदित राज ने BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के EVM बचाव पर पलटवार करते हुए कहा कि BJP के ही वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने EVM का विरोध किया था और सुब्रमण्यम स्वामी सर्वोच्च न्यायालय तक गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि जर्मनी सहित कई देशों ने EVM को छोड़ दिया है, हालाँकि ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर क्या होने वाला है?
10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन की योजना है। उदित राज ने कहा कि सीजेपी को इंडिया गठबंधन के पीछे खड़ा होना चाहिए क्योंकि यह राजनीतिक नहीं बल्कि 'वोट बचाने की लड़ाई' है।
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट विवाद पर क्या कहा है?
उदित राज के अनुसार, आंदोलन के दबाव में चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों में नाम हटाए गए हैं, वहाँ फॉर्म भरकर उन्हें फिर से जोड़ा जाएगा। हालाँकि, चुनाव आयोग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान अभी तक सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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