उदित राज का आरोप: वोटर लिस्ट से नाम काटे तो विपक्ष सड़क पर उतरेगा, चुनाव आयोग पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि आयोग मनमाने तरीके से वोटर लिस्ट से नाम हटाता रहा तो विपक्ष को सड़कों पर उतरना ही होगा। यह बयान उस समय आया है जब देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों ने खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमज़ोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी है।
उदित राज का मुख्य बयान
उदित राज ने कहा कि यदि चुनाव आयोग गलत फैसले लेता है, करोड़ों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाता है और मनमाने तरीके से फॉर्म-6 में बदलाव करता है, तो विपक्ष आवाज़ उठाएगा — क्योंकि यही विपक्ष का मौलिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि सिविल सोसाइटी, एनजीओ, छात्र, युवा और पत्रकार — हर नागरिक को अपनी बात रखनी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार यह 'लोकतंत्र की हत्या का मामला है।'
उन्होंने दावा किया कि जिन राज्यों में हाल ही में चुनाव हुए, वहाँ 'लाखों वोट काटे गए।' हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब सड़कों पर आंदोलन तेज हुआ, तब चुनाव आयोग को झुकना पड़ा और आयोग ने घोषणा की कि फॉर्म भरकर हटाए गए नाम फिर से जोड़े जाएँगे।
राहुल गांधी और विपक्षी एकता पर टिप्पणी
उदित राज ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को 'सामाजिक न्याय के योद्धा' और 'वोट बचाने के योद्धा' बताया। उनके अनुसार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के अन्य नेता जो लड़ाई लड़ रहे हैं, वह देश के हित में है।
EVM विवाद पर पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी द्वारा राहुल गांधी पर लोकतंत्र कमज़ोर करने का आरोप लगाने पर उदित राज ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि EVM बिल्कुल सही है, तो BJP के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इसका विरोध क्यों किया था और सुब्रमण्यम स्वामी सर्वोच्च न्यायालय तक क्यों गए थे?
उन्होंने यह भी दावा किया कि दुनिया के कई देश, जो पहले EVM से चुनाव कराते थे, अब इसे छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस समय एलन मस्क से बड़ा कोई वैज्ञानिक या टेक्नोक्रेट होगा, उन्होंने भी कहा है कि EVM से निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता। जर्मनी जैसे कई देशों ने EVM को अपनाने के बाद अब छोड़ दिया है।' हालाँकि, ये दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और सीजेपी की भूमिका
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन में ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल पर उदित राज ने कहा कि सीजेपी को इंडिया गठबंधन के पीछे खड़ा होना चाहिए। उन्होंने इसे राजनीतिक लड़ाई की बजाय 'वोट बचाने की लड़ाई' करार दिया।
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब चुनाव सुधार और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में विपक्षी दलों के प्रदर्शन और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।