29 सितंबर 2026
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वोट चोरी और चुनाव आयोग-BJP मिलीभगत का आरोप: कांग्रेस नेता उदित राज का बड़ा हमला

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वोट चोरी और चुनाव आयोग-BJP मिलीभगत का आरोप: कांग्रेस नेता उदित राज का बड़ा हमला

सारांश

कांग्रेस नेता उदित राज ने BJP और चुनाव आयोग पर 2024 समेत कई चुनावों में 'वोट चोरी' का आरोप लगाया। बिहार में 1.32 करोड़ मतदाताओं की सूची में कथित गड़बड़ी और बंगाल में 38 लाख मतदाताओं के वंचित होने के दावे के साथ विपक्ष ने चुनावी पारदर्शिता को अपना केंद्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश की है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 28 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि BJP और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से 2024 के आम चुनाव और कई विधानसभा चुनाव बेईमानी से जीते गए।
बिहार में अंतिम मतदाता सूची में 1 करोड़ 32 लाख नामों में कथित अशुद्धियाँ पाई गईं।
पश्चिम बंगाल में 38 लाख मतदाताओं को वोट देने से वंचित किए जाने का दावा; बाद में 92-93% को वास्तविक मतदाता बताया गया।
30 सितंबर की इंडिया ब्लॉक बैठक में अखिलेश यादव की संभावित अनुपस्थिति पर उदित राज ने कहा — प्रतिनिधि भेजे जा सकते हैं।
दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा और विधायक गजेंद्र दराल के लोगों पर मारपीट के अलग-अलग आरोप लगाए गए।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (ECI) की कथित मिलीभगत से 2024 के आम चुनाव सहित दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और हरियाणा के विधानसभा चुनाव बेईमानी से जीते गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से करोड़ों वैध नामों को गलत तरीके से हटाया गया, जो उनके अनुसार एक सुनियोजित 'वोट चोरी' है।

सीडब्ल्यूसी और इंडिया ब्लॉक बैठक पर रुख

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की प्रस्तावित बैठक के एजेंडे पर उदित राज ने कहा कि एजेंडा बैठक में ही सामने आएगा और उन्हें अभी इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है। उनके अनुसार देश के सामने सबसे प्रमुख मुद्दा चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता का है। महंगाई जैसे अन्य विषय भी बैठक की चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं।

30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की संभावित अनुपस्थिति पर उदित राज ने कहा कि अखिलेश यादव यात्रा पर हैं और उनकी जगह कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव इंडिया ब्लॉक के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे।

मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप

उदित राज ने बिहार की मतदाता सूची का हवाला देते हुए दावा किया कि अंतिम सूची जारी होने के बाद 1 करोड़ 32 लाख मतदाताओं के नामों में अशुद्धियाँ या कमियाँ पाई गईं — जिनमें नाम, पता और वर्तनी से जुड़ी कथित गलतियाँ शामिल थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 38 लाख मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया गया, और बाद में जाँच में उनमें से 92-93 प्रतिशत को वास्तविक मतदाता पाया गया।

उन्होंने गोवा के एक मतदाता का उदाहरण भी दिया, जिसने कथित तौर पर कई बार चुनाव कार्यालय से संपर्क करने के बावजूद अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं करा पाया। उदित राज ने सवाल उठाया कि यदि इन आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो संबंधित पक्षों को इनका खंडन करना चाहिए।

योगी आदित्यनाथ के आरोपों पर पलटवार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सहयोगी दलों पर राजनीतिक हितों के लिए विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने का आरोप लगाया था। इस पर उदित राज ने बिहार की मतदाता सूची में कथित अशुद्धियों के आँकड़े पेश करते हुए कहा कि इन तथ्यों को नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष सवाल पूछ रहा है और उन सवालों का ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा।

दिल्ली में मंत्री प्रवेश वर्मा और विधायक गजेंद्र दराल पर आरोप

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने की घटना पर उदित राज ने कहा कि यह अकेला मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP विधायक गजेंद्र दराल के लोगों ने सुनील कुमार के साथ मारपीट की — उन्हें लाठी और थप्पड़ से मारा गया — और कहा कि यदि वह शारीरिक रूप से मजबूत न होते तो उनकी जान भी जा सकती थी।

उन्होंने प्रवेश वर्मा के पूर्व बयानों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वर्मा ने मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं। उदित राज ने BJP पर आरोप लगाया कि पार्टी कथित गुंडागर्दी, मारपीट, वोट चोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को संरक्षण देती है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब CWC और इंडिया ब्लॉक की बैठकें निकट हैं और विपक्ष चुनावी पारदर्शिता को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में है। उदित राज ने चेतावनी दी कि यदि सभी विपक्षी दल मिलकर इन मुद्दों पर नहीं लड़े, तो क्षेत्रीय दलों के सामने भी राजनीतिक अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक कोई ठोस न्यायिक या जाँच-आधारित साक्ष्य सार्वजनिक नहीं हुआ है। बिहार में 1.32 करोड़ नामों में अशुद्धि का दावा गंभीर है और इसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए — परंतु 'अशुद्धि' और 'जानबूझकर हटाना' के बीच का फर्क साबित करना बाकी है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस फर्क को नज़रअंदाज़ करती है। इंडिया ब्लॉक की एकजुटता का सवाल भी अनुत्तरित है — अखिलेश यादव की संभावित अनुपस्थिति महज यात्रा नहीं, गठबंधन की आंतरिक दरारों का संकेत भी हो सकती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग और BJP की कथित मिलीभगत से 2024 के आम चुनाव और दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल व हरियाणा के विधानसभा चुनाव बेईमानी से जीते गए। उन्होंने मतदाता सूची से करोड़ों वैध नाम हटाए जाने को 'वोट चोरी' करार दिया।
बिहार मतदाता सूची विवाद क्या है?
उदित राज के अनुसार बिहार में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद 1 करोड़ 32 लाख मतदाताओं के नामों में नाम, पता और वर्तनी से जुड़ी कथित अशुद्धियाँ पाई गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन तथ्यों को नकारा कैसे जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में 38 लाख मतदाताओं का दावा क्या है?
उदित राज ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 38 लाख मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया गया और बाद में उनमें से 92-93 प्रतिशत को वास्तविक मतदाता पाया गया। उन्होंने इसे वोट चोरी का प्रमाण बताया।
इंडिया ब्लॉक की 30 सितंबर की बैठक में अखिलेश यादव क्यों नहीं आ रहे?
उदित राज के अनुसार समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव यात्रा पर हैं इसलिए वे बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी जगह कोई प्रतिनिधि बैठक में आ सकता है और अखिलेश यादव इंडिया ब्लॉक के साथ पूरी तरह खड़े हैं।
दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा और गजेंद्र दराल पर क्या आरोप लगे हैं?
उदित राज ने आरोप लगाया कि दिल्ली मंत्री प्रवेश वर्मा ने सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारा। इसके अलावा BJP विधायक गजेंद्र दराल के लोगों पर सुनील कुमार को लाठी और थप्पड़ से मारने का आरोप है। उदित राज ने कहा कि BJP ऐसे लोगों को संरक्षण देती है।
राष्ट्र प्रेस
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