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क्या मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान इंडिया गठबंधन के वोटरों को परेशान करने की कोशिश है: रंजीत रंजन?

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क्या मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान इंडिया गठबंधन के वोटरों को परेशान करने की कोशिश है: रंजीत रंजन?

सारांश

क्या चुनाव आयोग ने हाल के चुनावों में अनियमितताओं पर चुप्पी साधी है? रंजीत रंजन के तीखे आरोपों के बीच, जानिए क्या है इस विवाद की सच्चाई।

मुख्य बातें

रंजीत रंजन के आरोपों से चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
महिला असुरक्षा के मामले में भाजपा की जिम्मेदारी पर चर्चा होनी चाहिए।
चुनावों में अनियमितताएं रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में हाल के चुनावों में कथित अनियमितताओं और देश में बढ़ती महिला असुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कड़ा हमला किया है।

उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में असामान्य वृद्धि और वीवीपैट के आंकड़ों में गड़बड़ी जैसे गंभीर मुद्दों पर आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया।

रंजन ने कहा, "चुनाव आयोग के कानून के तहत अगर कोई भी पार्टी जवाब मांगे तब जवाब देना पड़ता है। आपने जवाब नहीं दिया। हमने मशीन-रीडेबल डिजिटल वोटर लिस्ट और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। 40 लाख वोटर कैसे बढ़ गए? वीवीपैट और वोटों का मिलान क्यों नहीं हुआ? हरियाणा और बिहार में भी ऐसी ही अनियमितताएं सामने आई हैं। यह सब इंडिया गठबंधन के वोटरों को प्रभावित करने और उनके मताधिकार को रोकने की साजिश है।"

बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत निर्वाचन आयोग ने राज्यभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू किया है, जिसको लेकर रंजीत रंजन ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले का समय संदिग्ध है, क्योंकि महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों में कई गलत चीजें हुईं। जब चुनाव में कुछ महीने बचे हैं, तो आप मतदाता की जानकारी के बारे में पूछ रहे हैं।

कोलकाता गैंगरेप मामले पर कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि किसी भी राज्य में बच्चों या लड़कियों के साथ दुराचार या बलात्कार की कोई भी घटना पूरी तरह से निंदनीय है। बलात्कारी और असामाजिक तत्वों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बंगाल की घटना भी पूरी तरह से निंदनीय है। हाल ही में आई अमेरिकी रिपोर्ट में ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत भारत के छह राज्यों का जिक्र किया गया है, जहां महिलाएं लगातार असुरक्षित होती जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर भाजपा शासित हैं। जाहिर है, भाजपा को इन अपराधों का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।

उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर संविधान को बदलने और वंचित वर्गों, दलितों और आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर करने का इरादा रखने का आरोप लगाया। रंजन ने कहा, भाजपा और आरएसएस की मानसिकता में मनुस्मृति की सोच है। वे संविधान को बदलना चाहते हैं और गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकार छीनना चाहते हैं। देश बेरोजगारी, महंगाई और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों से जूझ रहा है, लेकिन भाजपा का ध्यान केवल सत्ता की राजनीति पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम अपने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करें। रंजीत रंजन के आरोप इस बात की ओर इशारा करते हैं कि हमें चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रंजीत रंजन के आरोप सही हैं?
रंजीत रंजन ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
क्या चुनाव आयोग पर विश्वास किया जा सकता है?
चुनाव आयोग की जवाबदेही और पारदर्शिता हमेशा महत्वपूर्ण रही है, और यह सवाल उठता है कि क्या आयोग ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन किया।
राष्ट्र प्रेस
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