उदित राज का बड़ा बयान: संसद नहीं सुनती तो जनता सड़क पर उतरती है, CEC पर विपक्ष का विरोध जारी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 2 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर बेबाक राय रखी — जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन, एनआरसी की नई मांग, और विपक्षी एकता की अपील शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब सत्ता पक्ष संसद में विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं होता, तो लोगों का सड़क पर उतरना एक स्वाभाविक परिणाम है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
उदित राज ने कहा कि संसद से अब अपेक्षित तरीके से मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा, 'सत्ता पक्ष विपक्ष की बात सुनने और बहस के लिए तैयार नहीं है — जब संसद में प्रभावी तरीके से बात नहीं सुनी जाती, तो लोगों का सड़क पर उतरना स्वाभाविक है।' यह ऐसे समय में आया है जब गांधी जयंती के अवसर पर विपक्षी प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे।
उन्होंने कथित तौर पर की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाया और कहा कि संविधान और मतदाता के अधिकारों की बात करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसे वे कोई गंभीर खतरा हों। साथ ही उन्होंने देश में इंटरनेट बंद किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई।
मुख्य चुनाव आयोग की जवाबदेही पर आपत्ति
उदित राज ने चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि चुनाव आयोग का मूल काम मतदाता सूची तैयार करना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में डेटा और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण दिए जाने के प्रावधान पर भी आपत्ति जताई और कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
एनआरसी, भागवत की टिप्पणी और अन्य मुद्दे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि 'धर्म संकट में होगा तो देश भी संकट में होगा', उदित राज ने कहा कि धर्म और देश को अलग-अलग समझना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मानवता, धरती और सृष्टि को किसी एक धार्मिक विचार से जोड़कर देखना उचित नहीं है।' देशव्यापी एनआरसी लागू करने की मांग पर उनका कहना था कि इस पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए और मापदंड स्पष्ट किए जाने चाहिए।
कैप्टन स्मित मच्छर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल वाली टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि किसी सार्वजनिक व्यक्ति के प्रति सम्मान एक सामान्य भाव हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कैप्टन की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थिति में विमान और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर कैप्टन मच्छर ने देश का नाम ऊँचा किया।
विपक्षी एकता और भगवंत मान पर पलटवार
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की विपक्षी एकता की अपील का समर्थन करते हुए उदित राज ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा सर्वोपरि है। उनके अनुसार, भाजपा के विरुद्ध जो भी राजनीतिक दल या समूह खड़ा होना चाहता है, विपक्ष को उनके साथ मिलकर आगे बढ़ने पर विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि 'इंडिया' गठबंधन की एकजुटता पर हाल के महीनों में कई बार सवाल उठ चुके हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कांग्रेस पर किए गए हमले का जवाब देते हुए उदित राज ने कहा कि मान को पहले अपनी सरकार और पार्टी की स्थिति संभालनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व और सरकार के कामकाज पर भी तीखा कटाक्ष किया।
इथेनॉल ब्लेंडिंग विवाद और आगे का रास्ता
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस चुनौती-भरे बयान पर कि कोई सामने आकर बताए कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से उनकी गाड़ी खराब हुई है, उदित राज ने दावा किया कि इस मुद्दे पर जनता में नाराज़गी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को इस पर जवाब देना चाहिए। यह पूरा बयान-बाज़ी का सिलसिला ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों पर दबाव बनाने की कोशिश में है और अगले राज्य चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं।