सीजेपी प्रदर्शन पर उदित राज का हमला: 'तानाशाही की पराकाष्ठा, सरकार डरी हुई है'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 11 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट काटना और पूरे इलाके को बंद कर देना 'तानाशाही की पराकाष्ठा' है और यह साबित करता है कि सरकार भीतर से डरी हुई है।
प्रदर्शन की प्रकृति और भागीदारी
उदित राज ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन केवल सीजेपी का नहीं था, बल्कि इसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) सहित कई संगठन शामिल थे और आम आदमी पार्टी (AAP) इसकी अगुवाई कर रही थी। उन्होंने कहा, 'ये आम आदमी पार्टी के ही लोग हैं और कई संगठनों ने मिलकर ये प्रदर्शन किया है।'
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जून-जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए लगातार प्रदर्शन में भी तमाम संगठन शामिल थे, लेकिन नाम हमेशा सीजेपी का ही उछला। उनके अनुसार आज का प्रदर्शन भी उसी मिले-जुले स्वरूप की अगली कड़ी है।
इंटरनेट बंद और सरकार पर आरोप
उदित राज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान संसद भवन, हनुमान रोड, अशोक रोड, जंतर-मंतर, रायसीना और महादेव रोड समेत कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएँ काट दी गईं। उन्होंने कहा, 'पूरे इलाके को जेल में बदल दिया गया — यह तानाशाही की पराकाष्ठा है।'
गौरतलब है कि इंटरनेट बंद करने का यह कदम उस वक्त आया जब विपक्षी दल और नागरिक समाज संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे थे।
राष्ट्रपति से मुलाकात और खड़गे की माँग
उदित राज ने बताया कि शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल से 'प्रमाण दिए जाने' की बात कही, जिसे उन्होंने एक तरह की स्वीकृति माना कि कोई गड़बड़ी है।
खड़गे की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग का समर्थन करते हुए उदित राज ने कहा कि जिन विकसित देशों में मतदाता जागरूक हैं और संस्थाएँ स्वतंत्र हैं, वहाँ भी ईवीएम को छोड़कर बैलेट पेपर अपनाया गया है — इसलिए भारत में भी बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए।
भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना
उदित राज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीस राज्यों में हुए एसआईआर के तहत 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं। उनके अनुसार, 'चुनाव आयोग अब भारतीय जनता पार्टी आयोग हो गया है।'
भाजपा सांसद संबित पात्रा द्वारा राहुल गांधी को 'नालायक नेता' कहे जाने पर उदित राज ने पलटवार किया और कहा कि 'जो खुद जितना बड़ा नालायक हो और दूसरे को ऐसा समझे, यह तो बड़ा छिछलापन है।' भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के 'खतरनाक स्थिति' वाले बयान पर उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाने का काम खुद भाजपा कर रही है।
महबूबा मुफ्ती की तुलना पर प्रतिक्रिया
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता महबूबा मुफ्ती ने आज की दिल्ली की स्थिति की तुलना अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय के कश्मीर से की थी। उदित राज ने कहा कि दोनों परिस्थितियाँ अलग हैं — कश्मीर में सुरक्षा का संदर्भ था, जबकि यहाँ संविधान बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा, 'यहाँ बड़ा मुद्दा है — लोकतंत्र को बचाना है।'
विपक्षी एकजुटता के सवाल पर उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक राजघाट और आकाशवाणी पर प्रदर्शन कर चुका है, गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और राहुल गांधी छात्रों के बीच गए हैं — यह संघर्ष जारी रहेगा।