दिल्ली पुलिस परिवारों की प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा प्रायोजित: कांग्रेस नेता उदित राज का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 31 जुलाई को दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रायोजित करार देते हुए कहा कि यह छात्र आंदोलन को बदनाम करने की सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उक्त प्रेस वार्ता में पुलिसकर्मियों के वास्तविक परिजन शामिल नहीं थे।
मुख्य आरोप और दावे
उदित राज ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नियंत्रण में है और इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है।' उनके अनुसार यह प्रेस वार्ता जेन-जी की माँगों को कमज़ोर करने की रणनीति का हिस्सा है।
छात्र आंदोलन पर रुख
कांग्रेस नेता ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र एक स्पष्ट उद्देश्य के तहत प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने तर्क दिया कि यदि प्रदर्शनकारी छात्र अपराधी थे, तो भाजपा की रैलियों में भाग लेने वाले बड़ी संख्या में लोगों की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुए समझौते में वादा किया गया था कि उन पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं होगा और मुआवजा दिया जाएगा, लेकिन कथित तौर पर देश के कई राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर अब भी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उदित राज के अनुसार, इससे छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है और यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया
पप्पू यादव के राम मंदिर चढ़ावा विवाद से जुड़े विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने इसे भगवा और भगवान का अपमान बताया है। इस पर उदित राज ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा भगवा पहनकर ही चढ़ावा चोरी कर रही है और पप्पू यादव ने उसी की झाँकी दिखाई है। उन्होंने पप्पू यादव का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश को सच्चाई बताने का एक उचित तरीका है।
राहुल गांधी और अनुराग ठाकुर विवाद
भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद के भीतर अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया था। इस पर उदित राज ने सवाल उठाया कि क्या वह भाषण अनुराग ठाकुर के लिए थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने किसी का नाम नहीं लिया, और भाजपा की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि 'तीर निशाने पर बैठ गई।'
आगे क्या
यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे संसद और सड़क — दोनों पर गर्म हैं। उदित राज की इस प्रतिक्रिया के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोंक और तेज होने के संकेत हैं।