उत्तराखंड हेलीकॉप्टर हादसा: चमोली में 6 की मौत, कर्नाटक सरकार ने परिजनों को दिया सहायता का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कर्नाटक के 5 यात्री शामिल थे, जिसके बाद कर्नाटक सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
दुर्घटना का घटनाक्रम
ट्रांस भारत एविएशन द्वारा संचालित यह हेलीकॉप्टर दोपहर करीब 2 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान हाथी पर्वत क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाके में यह हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र तत्काल सक्रिय हो गया।
सेना, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त टीमों को तत्काल खोज एवं बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर रवाना किया गया। संयुक्त अभियान के दौरान पायलट सहित सभी छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए।
शवों की वापसी की प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जोशीमठ लाया जा रहा है। इसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य कर्नाटक भेजे जाएंगे। कर्नाटक सरकार के आपदा प्रबंधन एवं राजस्व विभाग ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और उत्तराखंड के राहत आयुक्त कार्यालय के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
कर्नाटक भवन स्थित रेजिडेंट कमिश्नर का कार्यालय भी उत्तराखंड प्रशासन के सीधे संपर्क में है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है, ताकि शवों को यथाशीघ्र कर्नाटक पहुँचाया जा सके।
कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया
कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) की आयुक्त होन्नम्बा एस. ने कहा कि राज्य सरकार इस दुखद घटना से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उत्तराखंड मुख्यमंत्री का बयान और जाँच के आदेश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जाँच करने तथा दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाएं तीर्थयात्रियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और यह हादसा उन क्षेत्रों में हवाई परिवहन सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। दुर्घटना की जाँच के नतीजों का इंतज़ार है।