चमोली हेलीकॉप्टर हादसा: प्रियंका गांधी ने जताया शोक, पायलट समेत 6 की मौत पर गहरा दुख
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के जोशीमठ के निकट चाई गांव के पास हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट समेत छह लोगों की मौत पर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। यह हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ से सहस्त्रधारा की ओर जा रहा था, जब यह हादसा हुआ।
प्रियंका गांधी की संवेदनाएँ
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा, 'उत्तराखंड के जोशीमठ में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद है।' उन्होंने आगे कहा, 'ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति दें।'
हरीश रावत की चिंता और जाँच की माँग
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताया और राज्य में लगातार हो रही विमान दुर्घटनाओं की जाँच की माँग की। देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए रावत ने कहा, 'यह बेहद दुखद है, हमारी हेलीकॉप्टर सेवाओं को प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ हमें उन्हें सुरक्षित और संरक्षित भी बनाना होगा। जाँच की जाएगी और जाँच के आधार पर सुधार किए जाएंगे, लेकिन यह बेहद ज़रूरी है, क्योंकि एक के बाद एक ऐसी घटनाएँ हो रही हैं जो चिंताजनक हैं।' गौरतलब है कि उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थयात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और इन दुर्घटनाओं ने हवाई परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बचाव एवं राहत अभियान
दुर्घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सेना की संयुक्त टीमें मौके पर पहुँचीं और पायलट समेत सभी छह लोगों के शव दुर्घटनास्थल से बरामद कर लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, दुर्गम दुर्घटनास्थल से सभी शवों को सड़क मार्ग से जुड़े सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभियान जारी रहा।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार, हेलीकॉप्टर के पायलट की पहचान कैप्टन हिमांशु सभरवाल के रूप में हुई, जो दिल्ली के निवासी थे। हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों में प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज शामिल थे — ये सभी कर्नाटक के निवासी थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गौड़ा एक वकील थे, जबकि नटराज कर्नाटक के हुलियुरदुर्गा में पोल्ट्री व्यवसाय चलाते थे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि हेलीकॉप्टर में कोई महिला या बच्चा सवार नहीं था।
आगे क्या होगा
इस दुर्घटना के मद्देनजर विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं ने उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर परिचालन की सुरक्षा प्रोटोकॉल की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में तीर्थयात्रा सीजन के दौरान हेलीकॉप्टर उड़ानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रशासन की ओर से दुर्घटना के कारणों की जाँच के आदेश अपेक्षित हैं, जिनके नतीजे भविष्य की हवाई सुरक्षा नीति को प्रभावित कर सकते हैं।