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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 मौतें, गिरीश पार्क थाना प्रभारी हटाए गए, 9 IPS तैनात

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कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़: 19 मौतें, गिरीश पार्क थाना प्रभारी हटाए गए, 9 IPS तैनात

सारांश

कोलकाता के चोरबगान पूजा पंडाल में सप्तमी की रात भगदड़ से 19 लोगों की जान गई। प्रशासन ने गिरीश पार्क थाना प्रभारी को तत्काल हटाया, 9 अनुभवी IPS तैनात किए और 11 कड़े निर्देश जारी किए। 7 आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 18 अक्टूबर 2026 की रात भगदड़ में 19 लोगों की मौत और कम से कम 25 लोग घायल ।
गिरीश पार्क थाना प्रभारी सुमित कुमार घोष को हटाया गया; डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के हीराक दलापति को अतिरिक्त प्रभार।
लालबाजार ने सभी थानों को 11 कड़े निर्देश जारी किए; त्योहार के शेष दिनों के लिए 9 अनुभवी IPS अधिकारी तैनात।
बैंकशाल कोर्ट ने 7 आरोपियों को 28 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप — भीड़ नियंत्रण में विफलता और बचाव कार्य में देरी; नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने जाँच का आश्वासन दिया।

कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 18 अक्टूबर 2026 की रात सप्तमी के मौके पर भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 25 लोग घायल हुए। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज सुमित कुमार घोष को उनके पद से हटाते हुए उनकी जगह कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के पुलिस इंस्पेक्टर हीराक दलापति को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, दलापति अगले आदेश तक अपनी मौजूदा ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ कोलकाता पुलिस के सेंट्रल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले इस थाने का कार्यभार भी संभालेंगे।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू बताया गया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को व्यापक जनाक्रोश के मद्देनज़र उठाया गया कदम माना जा रहा है।

लालबाजार के कड़े निर्देश और सुरक्षा इंतज़ाम

कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने सभी पुलिस स्टेशनों को 11 कड़े निर्देश जारी किए हैं। त्योहार के शेष दिनों में भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को वापस कोलकाता पुलिस में शामिल किया गया है — इन सभी को पूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण का दीर्घ अनुभव है। चोरबगान हादसे के बाद पुलिस विभाग स्पष्ट तौर पर आगे कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।

प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप और जनाक्रोश

घटनास्थल पर मौजूद लोगों और चश्मदीदों ने पुलिस व प्रशासन पर तीखा गुस्सा निकाला। उनका सीधा आरोप है कि पुलिस भीड़ को ठीक से संभाल नहीं पाई। इसके अलावा, घटना के बाद पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम को मौके पर पहुँचने और बचाव कार्य शुरू करने में काफी देर लगी — यह आरोप जाँच के दायरे में है।

गौरतलब है कि बैंकशाल कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को 28 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

सरकार की प्रतिक्रिया

रविवार शाम को नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी साल्ट लेक स्थित 'आरक्षा भवन' में राज्य पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम पहुँचे, और वहाँ से लालबाजार गए। उन्होंने कंट्रोल रूम में बैठकर स्थिति का जायजा लिया।

हालाँकि पुलिस के विरुद्ध जनाक्रोश स्पष्ट था, अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने अपना काम किया है और लापरवाही के आरोपों की जाँच की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब प्रत्यक्षदर्शी प्रशासनिक विफलता का सीधा आरोप लगा रहे हैं।

क्या होगा आगे

पुलिस विभाग त्योहार के बचे हुए दिनों में कड़ी सतर्कता बरतने की स्थिति में है। 28 अक्टूबर को हिरासत में भेजे गए सात आरोपियों की अगली सुनवाई होगी। जाँच एजेंसियाँ भीड़ प्रबंधन की विफलता और बचाव में देरी के आरोपों की पड़ताल कर रही हैं। यह घटना भविष्य के बड़े सार्वजनिक आयोजनों में पुलिसिंग मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत विफलता होगी। हर बड़े त्योहार के बाद भीड़ प्रबंधन की समीक्षा होती है, फिर भी यह त्रासदी दोहराई गई — यह दर्शाता है कि आदेश जारी करना और ज़मीन पर क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ कहाँ और कब हुई?
यह भगदड़ 18 अक्टूबर 2026 की रात सप्तमी के मौके पर कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। इसमें 19 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 25 लोग घायल हुए।
गिरीश पार्क थाना प्रभारी को क्यों हटाया गया?
भगदड़ में 19 मौतों और भीड़ प्रबंधन में विफलता के आरोपों के बाद प्रशासन ने सुमित कुमार घोष को पद से हटाया। उनकी जगह डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के पुलिस इंस्पेक्टर हीराक दलापति को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इस हादसे में गिरफ्तार आरोपियों का क्या हुआ?
बैंकशाल कोर्ट ने मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों को 28 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जाँच जारी है।
हादसे के बाद कोलकाता पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
लालबाजार ने सभी थानों को 11 कड़े निर्देश जारी किए हैं और त्योहार के शेष दिनों में भीड़ नियंत्रण के लिए नौ अनुभवी IPS अधिकारियों को कोलकाता पुलिस में वापस शामिल किया गया है। थाना प्रभारी को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने घटना पर क्या कहा?
सुवेंदु अधिकारी ने रविवार शाम लालबाजार और साल्ट लेक ट्रैफिक कंट्रोल रूम का दौरा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपना काम किया है, साथ ही लापरवाही के आरोपों की जाँच कराने का आश्वासन भी दिया।
राष्ट्र प्रेस
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