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एसीसी लिमिटेड का राजस्व वित्त वर्ष 2026 में 18% उछला, ₹25,962 करोड़ पर पहुँचा; EBITDA ₹2,950 करोड़

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एसीसी लिमिटेड का राजस्व वित्त वर्ष 2026 में 18% उछला, ₹25,962 करोड़ पर पहुँचा; EBITDA ₹2,950 करोड़

सारांश

अदाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 में 18% राजस्व वृद्धि के साथ ₹25,962 करोड़ का रिकॉर्ड बनाया। 43.9 मिलियन टन की सर्वकालिक उच्च बिक्री और शून्य कर्ज के साथ कंपनी विस्तार की मज़बूत स्थिति में है — हालाँकि पश्चिम एशिया तनाव से लागत दबाव बना हुआ है।

मुख्य बातें

एसीसी लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026 में राजस्व साल-दर-साल 18 प्रतिशत बढ़कर ₹25,962 करोड़ हुआ।
वार्षिक बिक्री 43.9 मिलियन टन — कंपनी के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक।
Q4 FY26 में तिमाही आय 17% बढ़कर रिकॉर्ड ₹7,146 करोड़ ; तिमाही बिक्री 8% बढ़कर 11.9 मिलियन टन ।
प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी 41% से बढ़कर 45% ; RMC EBITDA 79% उछलकर ₹102 करोड़ ।
शुद्ध मुनाफा ₹1,304 करोड़ ; कंपनी पर कोई कर्ज नहीं, नेट वर्थ ₹20,554 करोड़ ।
पश्चिम एशिया तनाव से ईंधन व लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ी; दबाव FY27 की पहली छमाही तक जारी रहने की आशंका।

एसीसी लिमिटेड, जो अदाणी ग्रुप के सीमेंट पोर्टफोलियो का प्रमुख हिस्सा है, ने 30 अप्रैल 2026 को वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने अब तक के सबसे मज़बूत वार्षिक वित्तीय नतीजे पेश किए। कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व साल-दर-साल 18 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹25,962 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA ₹2,950 करोड़ रहा। इसके साथ ही कंपनी ने 43.9 मिलियन टन की रिकॉर्ड वार्षिक बिक्री भी दर्ज की।

मुख्य वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026 में एसीसी लिमिटेड का शुद्ध मुनाफा ₹1,304 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1,187 करोड़ से अधिक है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 2025 के आँकड़ों में एक्साइज ड्यूटी छूट से मिली ₹637 करोड़ की एकमुश्त आय शामिल थी, जिसके कारण उस वर्ष का आधार ऊँचा था। मार्च तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी की आय 17 प्रतिशत बढ़कर ₹7,146 करोड़ हो गई, जो किसी भी तिमाही में अब तक की सर्वाधिक तिमाही आय है।

बिक्री और क्षमता उपयोग में सुधार

मार्च तिमाही में कंपनी की सीमेंट बिक्री 11.9 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 45 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 41 प्रतिशत थी — यह उत्पाद मिश्रण में सुधार का संकेत है। कंपनी की क्षमता उपयोग दर भी लगभग 9 प्रतिशत बढ़कर करीब 80 प्रतिशत तक पहुँच गई।

रेडी-मिक्स कंक्रीट कारोबार की मज़बूत वृद्धि

एसीसी लिमिटेड के रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) व्यवसाय ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस तिमाही में RMC की बिक्री 33 प्रतिशत उछलकर 1.14 मिलियन क्यूबिक मीटर हो गई। इस सेगमेंट का EBITDA 79 प्रतिशत की छलाँग के साथ ₹102 करोड़ पर पहुँचा, जो इस व्यवसाय की बढ़ती लाभप्रदता को दर्शाता है।

चुनौतियाँ और आगे की रणनीति

कंपनी ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि हुई है, जिससे मार्जिन पर दबाव पड़ा है। यह दबाव वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भी बने रहने की संभावना है। इससे निपटने के लिए कंपनी ईंधन मिश्रण में बदलाव, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में विस्तार और लॉजिस्टिक्स दक्षता सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

बैलेंस शीट और क्रेडिट रेटिंग

वित्तीय मज़बूती के लिहाज़ से कंपनी की स्थिति ठोस है — उस पर कोई कर्ज नहीं है, कुल नेट वर्थ ₹20,554 करोड़ है और नकद रिज़र्व ₹918 करोड़ है। क्रिसिल और केयर रेटिंग्स ने कंपनी को AAA/A1+ की उच्चतम क्रेडिट रेटिंग दी है, जो भविष्य के विस्तार के लिए एक मज़बूत वित्तीय आधार प्रदान करती है। कंपनी के सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, "कठिन परिस्थितियों के बावजूद हमने इस तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री और रेवेन्यू दर्ज किया।" उन्होंने आगे जोड़ा कि बेहतर उत्पाद मिश्रण, क्षमता के सही उपयोग और परिचालन दक्षता के बल पर यह वृद्धि संभव हुई, और लागत में कटौती व परिचालन सुधार से आगे और बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मार्जिन सुरक्षा की है। EBITDA प्रति टन अभी भी दबाव में है और पश्चिम एशिया संकट से उपजी लागत वृद्धि FY27 की पहली छमाही तक बनी रहने की आशंका है। रिकॉर्ड बिक्री वॉल्यूम प्रभावशाली है, पर प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी 45% पर पहुँचना दर्शाता है कि कंपनी मूल्य-आधारित विकास की राह पर है — यदि यह रुझान टिका रहा तो मार्जिन दबाव कम होगा। शून्य कर्ज और AAA रेटिंग विस्तार के लिए आदर्श स्थिति है, पर निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि क्या FY27 में लागत नियंत्रण वास्तव में मुनाफे में परिलक्षित होता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसीसी लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026 में राजस्व कितना रहा?
एसीसी लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026 में ऑपरेशन से राजस्व साल-दर-साल 18 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹25,962 करोड़ हो गया। यह कंपनी का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक राजस्व है।
एसीसी का वित्त वर्ष 2026 में शुद्ध मुनाफा कितना रहा?
कंपनी का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में ₹1,304 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹1,187 करोड़ से अधिक है। हालाँकि, पिछले वर्ष के आँकड़ों में एक्साइज ड्यूटी छूट से मिली ₹637 करोड़ की एकमुश्त आय शामिल थी, जिससे तुलनात्मक आधार ऊँचा था।
एसीसी की बिक्री मात्रा में कितना सुधार हुआ?
वित्त वर्ष 2026 में एसीसी ने 43.9 मिलियन टन की रिकॉर्ड वार्षिक बिक्री दर्ज की। मार्च तिमाही में बिक्री 11.9 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है।
एसीसी के मार्जिन पर दबाव क्यों है और आगे क्या होगा?
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ी है, जिससे EBITDA मार्जिन पर दबाव पड़ा है। कंपनी के अनुसार यह दबाव वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में भी बना रह सकता है, और कंपनी इससे निपटने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा व लॉजिस्टिक्स सुधार पर काम कर रही है।
एसीसी लिमिटेड की वित्तीय स्थिति और क्रेडिट रेटिंग कैसी है?
कंपनी की बैलेंस शीट मज़बूत है — उस पर कोई कर्ज नहीं है, नेट वर्थ ₹20,554 करोड़ और नकद रिज़र्व ₹918 करोड़ है। क्रिसिल और केयर रेटिंग्स ने कंपनी को AAA/A1+ की उच्चतम क्रेडिट रेटिंग दी है।
राष्ट्र प्रेस
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