रिजिजू का कांग्रेस पर बड़ा आरोप: 'इंडिया' गठबंधन रैली की भीड़ दिखाने को एआई फोटो का इस्तेमाल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से निर्मित तस्वीर का सहारा लिया। रिजिजू ने दावा किया कि यह एआई फोटो भी 'ठीक से नहीं बनाई गई', जिससे कांग्रेस की कथित मंशा उजागर हो गई।
एक्स पर रिजिजू का पोस्ट और दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर रिजिजू ने लिखा कि कांग्रेस पार्टी की 'फर्जी नैरेटिव' फैलाने वाली टीम ने रामलीला मैदान भरा दिखाने के लिए जो एआई फोटो तैयार की, वह भी ठीक से नहीं बन पाई। उन्होंने तेलंगाना के एक कांग्रेस सांसद द्वारा पोस्ट की गई एक तस्वीर साझा की, जिसमें रैली स्थल पर कथित तौर पर भारी भीड़ दिखाई दे रही थी।
एक्स पर कई उपयोगकर्ताओं ने भी इस तस्वीर पर सवाल उठाए और इसे एआई जनरेटेड बताया। आलोचकों के अनुसार, तस्वीर में मंच पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी की एआई-जनित छवियाँ थीं, जो वास्तविक मंच से स्पष्ट रूप से भिन्न दिख रही थीं।
रैली का संदर्भ और विवाद की जड़
यह विवाद उस समय सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच रैली में शामिल लोगों की संख्या को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' पर कांग्रेस की आपत्तियों के बीच आयोजित की गई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पवन खेड़ा ने दावा किया था कि रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन अपनी जन-गोलबंदी की क्षमता साबित करने की कोशिश में है। भीड़ के आँकड़े अक्सर राजनीतिक ताकत का प्रतीक बन जाते हैं, और इसी कारण दोनों पक्षों में इस पर तीखी नोंकझोंक हुई।
भाजपा की प्रतिक्रिया और पात्रा के दावे
रविवार को ही भाजपा ने इस रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया। रैली के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रामलीला मैदान का एक वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था।
पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि वहाँ लगाई गई 28,000 कुर्सियों में से दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच लगभग 5,000 से 7,000 कुर्सियाँ खाली थीं। उन्होंने कांग्रेस पर 'ट्रिक फोटोग्राफी' के ज़रिये बड़ी भीड़ का भ्रम पैदा करने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस के दावे और आगे की स्थिति
कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों की उपस्थिति का दावा किया, जिसे भाजपा ने सिरे से खारिज किया। कांग्रेस ने एआई फोटो के आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला डिजिटल दौर में राजनीतिक रैलियों की विश्वसनीयता और सोशल मीडिया पर तथ्य-जाँच की ज़रूरत को नए सिरे से रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह विवाद और गहरा हो सकता है।