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रिजिजू का कांग्रेस पर बड़ा आरोप: 'इंडिया' गठबंधन रैली की भीड़ दिखाने को एआई फोटो का इस्तेमाल

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रिजिजू का कांग्रेस पर बड़ा आरोप: 'इंडिया' गठबंधन रैली की भीड़ दिखाने को एआई फोटो का इस्तेमाल

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर दावा किया कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान की 'इंडिया' गठबंधन रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए एआई फोटो का इस्तेमाल किया — और 'ठीक से भी नहीं बनाई'। भाजपा ने रैली को 'फ्लॉप' बताया, जबकि कांग्रेस ने 10 लाख लोगों की उपस्थिति का दावा किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 2 नवंबर 2026 को एक्स पर दावा किया कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान रैली की भीड़ दिखाने के लिए एआई-जनित तस्वीर का इस्तेमाल किया।
तेलंगाना के एक कांग्रेस सांसद द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर में राहुल गांधी और सोनिया गांधी की एआई छवियाँ होने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस ने दावा किया कि रैली में 10 लाख लोग शामिल हुए; भाजपा ने इसे खारिज किया।
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दावा किया कि मैदान का 40% हिस्सा खाली था और 5,000–7,000 कुर्सियाँ रिक्त रहीं।
यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग को लेकर आयोजित की गई थी।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित 'इंडिया' गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से निर्मित तस्वीर का सहारा लिया। रिजिजू ने दावा किया कि यह एआई फोटो भी 'ठीक से नहीं बनाई गई', जिससे कांग्रेस की कथित मंशा उजागर हो गई।

एक्स पर रिजिजू का पोस्ट और दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर रिजिजू ने लिखा कि कांग्रेस पार्टी की 'फर्जी नैरेटिव' फैलाने वाली टीम ने रामलीला मैदान भरा दिखाने के लिए जो एआई फोटो तैयार की, वह भी ठीक से नहीं बन पाई। उन्होंने तेलंगाना के एक कांग्रेस सांसद द्वारा पोस्ट की गई एक तस्वीर साझा की, जिसमें रैली स्थल पर कथित तौर पर भारी भीड़ दिखाई दे रही थी।

एक्स पर कई उपयोगकर्ताओं ने भी इस तस्वीर पर सवाल उठाए और इसे एआई जनरेटेड बताया। आलोचकों के अनुसार, तस्वीर में मंच पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी की एआई-जनित छवियाँ थीं, जो वास्तविक मंच से स्पष्ट रूप से भिन्न दिख रही थीं।

रैली का संदर्भ और विवाद की जड़

यह विवाद उस समय सामने आया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच रैली में शामिल लोगों की संख्या को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' पर कांग्रेस की आपत्तियों के बीच आयोजित की गई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पवन खेड़ा ने दावा किया था कि रैली में 10 लाख लोग शामिल होंगे।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन अपनी जन-गोलबंदी की क्षमता साबित करने की कोशिश में है। भीड़ के आँकड़े अक्सर राजनीतिक ताकत का प्रतीक बन जाते हैं, और इसी कारण दोनों पक्षों में इस पर तीखी नोंकझोंक हुई।

भाजपा की प्रतिक्रिया और पात्रा के दावे

रविवार को ही भाजपा ने इस रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया। रैली के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रामलीला मैदान का एक वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था।

पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि वहाँ लगाई गई 28,000 कुर्सियों में से दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच लगभग 5,000 से 7,000 कुर्सियाँ खाली थीं। उन्होंने कांग्रेस पर 'ट्रिक फोटोग्राफी' के ज़रिये बड़ी भीड़ का भ्रम पैदा करने का भी आरोप लगाया।

कांग्रेस के दावे और आगे की स्थिति

कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों की उपस्थिति का दावा किया, जिसे भाजपा ने सिरे से खारिज किया। कांग्रेस ने एआई फोटो के आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला डिजिटल दौर में राजनीतिक रैलियों की विश्वसनीयता और सोशल मीडिया पर तथ्य-जाँच की ज़रूरत को नए सिरे से रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह विवाद और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यदि सत्य साबित हों तो यह सूचना-हेरफेर का स्पष्ट उदाहरण होगा; लेकिन यह भी उतना ही ज़रूरी है कि इन आरोपों की स्वतंत्र तथ्य-जाँच हो, न कि इन्हें केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रखा जाए। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वो यह है कि भीड़ के आँकड़ों पर इस तरह के विवाद भारतीय राजनीति में नए नहीं हैं — दोनों पक्ष अपने-अपने दावे करते रहे हैं; फर्क यह है कि एआई तकनीक ने इस पुरानी बहस में एक नया और खतरनाक आयाम जोड़ दिया है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया कि कांग्रेस ने रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की रैली में भारी भीड़ दिखाने के लिए एआई से बनाई गई तस्वीर का इस्तेमाल किया। उन्होंने एक्स पर यह भी लिखा कि यह एआई फोटो 'ठीक से भी नहीं बनाई गई।'
'चलो दिल्ली' रैली किस मुद्दे पर आयोजित हुई थी?
यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की माँग और मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' पर कांग्रेस की आपत्तियों को लेकर आयोजित की गई थी। 'इंडिया' गठबंधन ने इसे नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित किया।
भाजपा ने रैली की भीड़ के बारे में क्या दावा किया?
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा खाली था और 28,000 कुर्सियों में से 5,000 से 7,000 कुर्सियाँ दोपहर 3:30 से शाम 4:00 बजे के बीच खाली रहीं। भाजपा ने रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया और कांग्रेस के 10 लाख लोगों की उपस्थिति के दावे को खारिज किया।
कांग्रेस ने एआई फोटो के आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी ने रैली में 10 लाख लोगों की उपस्थिति का दावा किया था।
इस विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब 'इंडिया' गठबंधन अपनी जन-शक्ति और विश्वसनीयता साबित करने की कोशिश में है। एआई-जनित तस्वीरों के ज़रिये राजनीतिक आयोजनों की भीड़ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप डिजिटल माध्यमों पर सूचना की विश्वसनीयता के व्यापक सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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