अंबुजा सीमेंट्स का ₹14,500 करोड़ का विस्तार प्लान, FY2030 तक क्षमता 155 एमटीपीए होगी
सारांश
मुख्य बातें
अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने 2 नवंबर 2026 को अपने अगले विस्तार चरण की घोषणा की, जिसके तहत ₹14,500 करोड़ के ग्रोथ कैपेक्स कार्यक्रम के ज़रिए सीमेंट उत्पादन क्षमता में 30 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की बढ़ोतरी की जाएगी। नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत के प्रमुख बाज़ारों में यह विस्तार किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने के बाद वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 155 एमटीपीए तक पहुँच जाएगी।
विस्तार योजना का ब्यौरा
प्रस्तावित कार्यक्रम में नई ग्राइंडिंग क्षमता का बड़ा हिस्सा पश्चिमी क्लस्टर में 15.5 एमटीपीए, पूर्वी क्लस्टर में 11.6 एमटीपीए और उत्तरी क्लस्टर में 2.9 एमटीपीए के रूप में जोड़ा जाएगा। क्लिंकर उत्पादन क्षमता के मोर्चे पर असम के उमरांगसो (पूर्वी क्लस्टर) में 4 एमटीपीए, महाराष्ट्र के मराठा (पश्चिमी क्लस्टर) में 4 एमटीपीए और मुंद्रा में 2.3 एमटीपीए की नई क्षमता स्थापित की जाएगी।
यह रणनीति क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल मज़बूत करने पर केंद्रित है, ताकि विस्तारित नेटवर्क को पर्याप्त कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
सीईओ का बयान
अदाणी ग्रुप के सीमेंट कारोबार के सीईओ विनोद बहेटी ने कहा, 'हमारे विस्तार का अगला चरण विकास की गुणवत्ता और अधिक संतुलित मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क तैयार करने पर केंद्रित है। क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल मज़बूत करने और तेज़ी से बढ़ते प्रमुख बाज़ारों के करीब विस्तार करने से हम अपने नेटवर्क में अधिक लचीलापन ला रहे हैं।'
बहेटी ने यह भी कहा कि बाज़ार के करीब होने से परिवहन की दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, और इससे वित्त वर्ष 2028 तक ₹4,000 प्रति मीट्रिक टन (पीएमटी) की लागत हासिल करने का रास्ता तैयार होगा।
मौजूदा क्षमता और हालिया विस्तार
फिलहाल अंबुजा सीमेंट्स के पास देशभर में 24 इंटीग्रेटेड प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट के ज़रिए 113.5 एमटीपीए की सीमेंट उत्पादन क्षमता है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 4.6 एमटीपीए क्षमता जोड़ी — जिसमें गुजरात के दहेज में 1.2 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार, उत्तर प्रदेश में 2.4 एमटीपीए की नई सलई बनवा ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1.0 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार शामिल हैं।
गौरतलब है कि अधिग्रहण के बाद से कंपनी ने 30 सितंबर 2026 तक 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी की हैं, जिनसे 16.3 एमटीपीए सीमेंट और 9.0 एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है।
निकट भविष्य में क्या होगा
पंजाब के बठिंडा ग्राइंडिंग यूनिट में 1.2 एमटीपीए और राजस्थान के जोधपुर पेन्ना इंटीग्रेटेड यूनिट में 2 एमटीपीए — कुल 3.2 एमटीपीए क्षमता स्थिर हो चुकी है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में उत्पादन में और वृद्धि अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त बिहार के वारिसलीगंज ग्राइंडिंग यूनिट (2.4 एमटीपीए) को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में चालू किया जाएगा।
कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता मार्च 2027 के अंत तक 119 एमटीपीए पहुँचने का अनुमान है — जो भारत के बुनियादी ढाँचे और आवासीय निर्माण क्षेत्र में बढ़ती माँग को देखते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।