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अंबुजा सीमेंट्स का ₹14,500 करोड़ का विस्तार प्लान, FY2030 तक क्षमता 155 एमटीपीए होगी

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अंबुजा सीमेंट्स का ₹14,500 करोड़ का विस्तार प्लान, FY2030 तक क्षमता 155 एमटीपीए होगी

सारांश

अंबुजा सीमेंट्स ने ₹14,500 करोड़ का दांव लगाया है — 30 एमटीपीए विस्तार के साथ FY2030 तक 155 एमटीपीए की क्षमता का लक्ष्य। पूर्व, पश्चिम और उत्तर भारत के तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में नेटवर्क मज़बूत करना और FY2028 तक ₹4,000 पीएमटी की लागत हासिल करना — यह सिर्फ क्षमता विस्तार नहीं, लागत युद्ध की तैयारी है।

मुख्य बातें

अंबुजा सीमेंट्स ने ₹14,500 करोड़ के ग्रोथ कैपेक्स से 30 एमटीपीए क्षमता विस्तार की घोषणा की।
FY2030 तक कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 155 एमटीपीए होने का लक्ष्य।
विस्तार में पश्चिमी क्लस्टर ( 15.5 एमटीपीए ), पूर्वी क्लस्टर ( 11.6 एमटीपीए ) और उत्तरी क्लस्टर ( 2.9 एमटीपीए ) में नई ग्राइंडिंग क्षमता शामिल।
क्लिंकर क्षमता असम के उमरांगसो ( 4 एमटीपीए ), मराठा ( 4 एमटीपीए ) और मुंद्रा ( 2.3 एमटीपीए ) में जोड़ी जाएगी।
कंपनी की मौजूदा क्षमता 113.5 एमटीपीए ; मार्च 2027 तक 119 एमटीपीए पहुँचने का अनुमान।
FY2028 तक ₹4,000 पीएमटी की मैन्युफैक्चरिंग लागत का लक्ष्य।

अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने 2 नवंबर 2026 को अपने अगले विस्तार चरण की घोषणा की, जिसके तहत ₹14,500 करोड़ के ग्रोथ कैपेक्स कार्यक्रम के ज़रिए सीमेंट उत्पादन क्षमता में 30 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) की बढ़ोतरी की जाएगी। नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत के प्रमुख बाज़ारों में यह विस्तार किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने के बाद वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 155 एमटीपीए तक पहुँच जाएगी।

विस्तार योजना का ब्यौरा

प्रस्तावित कार्यक्रम में नई ग्राइंडिंग क्षमता का बड़ा हिस्सा पश्चिमी क्लस्टर में 15.5 एमटीपीए, पूर्वी क्लस्टर में 11.6 एमटीपीए और उत्तरी क्लस्टर में 2.9 एमटीपीए के रूप में जोड़ा जाएगा। क्लिंकर उत्पादन क्षमता के मोर्चे पर असम के उमरांगसो (पूर्वी क्लस्टर) में 4 एमटीपीए, महाराष्ट्र के मराठा (पश्चिमी क्लस्टर) में 4 एमटीपीए और मुंद्रा में 2.3 एमटीपीए की नई क्षमता स्थापित की जाएगी।

यह रणनीति क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल मज़बूत करने पर केंद्रित है, ताकि विस्तारित नेटवर्क को पर्याप्त कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

सीईओ का बयान

अदाणी ग्रुप के सीमेंट कारोबार के सीईओ विनोद बहेटी ने कहा, 'हमारे विस्तार का अगला चरण विकास की गुणवत्ता और अधिक संतुलित मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क तैयार करने पर केंद्रित है। क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल मज़बूत करने और तेज़ी से बढ़ते प्रमुख बाज़ारों के करीब विस्तार करने से हम अपने नेटवर्क में अधिक लचीलापन ला रहे हैं।'

बहेटी ने यह भी कहा कि बाज़ार के करीब होने से परिवहन की दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, और इससे वित्त वर्ष 2028 तक ₹4,000 प्रति मीट्रिक टन (पीएमटी) की लागत हासिल करने का रास्ता तैयार होगा।

मौजूदा क्षमता और हालिया विस्तार

फिलहाल अंबुजा सीमेंट्स के पास देशभर में 24 इंटीग्रेटेड प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट के ज़रिए 113.5 एमटीपीए की सीमेंट उत्पादन क्षमता है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 4.6 एमटीपीए क्षमता जोड़ी — जिसमें गुजरात के दहेज में 1.2 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार, उत्तर प्रदेश में 2.4 एमटीपीए की नई सलई बनवा ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1.0 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार शामिल हैं।

गौरतलब है कि अधिग्रहण के बाद से कंपनी ने 30 सितंबर 2026 तक 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी की हैं, जिनसे 16.3 एमटीपीए सीमेंट और 9.0 एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है।

निकट भविष्य में क्या होगा

पंजाब के बठिंडा ग्राइंडिंग यूनिट में 1.2 एमटीपीए और राजस्थान के जोधपुर पेन्ना इंटीग्रेटेड यूनिट में 2 एमटीपीए — कुल 3.2 एमटीपीए क्षमता स्थिर हो चुकी है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में उत्पादन में और वृद्धि अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त बिहार के वारिसलीगंज ग्राइंडिंग यूनिट (2.4 एमटीपीए) को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में चालू किया जाएगा।

कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता मार्च 2027 के अंत तक 119 एमटीपीए पहुँचने का अनुमान है — जो भारत के बुनियादी ढाँचे और आवासीय निर्माण क्षेत्र में बढ़ती माँग को देखते हुए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 करोड़ का यह कैपेक्स दांव उस वक्त आया है जब भारत का सीमेंट उद्योग अतिरिक्त आपूर्ति के दबाव से जूझ रहा है और रियलाइज़ेशन कमज़ोर बनी हुई है — ऐसे में क्षमता बढ़ाना लाभप्रदता को अल्पकाल में और कसेगा। असली सवाल यह है कि FY2028 तक ₹4,000 पीएमटी की लागत का लक्ष्य हासिल होगा या नहीं, क्योंकि लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा लागत में उतार-चढ़ाव इस समीकरण को बिगाड़ सकते हैं। अदाणी पोर्टफोलियो के लिए यह विस्तार बाज़ार हिस्सेदारी की लड़ाई में UltraTech जैसे प्रतिद्वंद्वियों के साथ सीधी टक्कर का संकेत है। रणनीतिक दृष्टि से सही दिशा है, लेकिन निष्पादन की गति और माँग में सुधार — दोनों एक साथ ज़रूरी हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंबुजा सीमेंट्स की नई विस्तार योजना क्या है?
अंबुजा सीमेंट्स ने ₹14,500 करोड़ के ग्रोथ कैपेक्स से 30 एमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना की घोषणा की है। इसमें पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत में नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
FY2030 तक अंबुजा सीमेंट्स की क्षमता कितनी होगी?
इस विस्तार योजना के पूरा होने के बाद वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 155 एमटीपीए हो जाएगी। फिलहाल यह क्षमता 113.5 एमटीपीए है और मार्च 2027 तक 119 एमटीपीए पहुँचने का अनुमान है।
अंबुजा सीमेंट्स का लागत लक्ष्य क्या है?
सीईओ विनोद बहेटी के अनुसार, बाज़ार के करीब विस्तार और लॉजिस्टिक्स दक्षता से कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक ₹4,000 प्रति मीट्रिक टन (पीएमटी) की मैन्युफैक्चरिंग लागत हासिल करना चाहती है। यह लक्ष्य परिवहन दूरी घटाने और नेटवर्क संतुलन पर आधारित है।
नई क्षमता किन राज्यों में जोड़ी जाएगी?
क्लिंकर क्षमता असम के उमरांगसो, महाराष्ट्र के मराठा और मुंद्रा में जोड़ी जाएगी। ग्राइंडिंग क्षमता पश्चिमी, पूर्वी और उत्तरी क्लस्टरों में फैली होगी। पंजाब के बठिंडा और राजस्थान के जोधपुर में भी क्षमता पहले ही स्थिर हो चुकी है।
अधिग्रहण के बाद से अंबुजा सीमेंट्स ने कितनी क्षमता जोड़ी है?
30 सितंबर 2026 तक कंपनी ने अधिग्रहण के बाद से 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी की हैं, जिनके ज़रिए 16.3 एमटीपीए सीमेंट और 9.0 एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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