2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धनतेरस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव का संदेश: स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन, आयुर्वेद-योग अपनाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धनतेरस पर आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव का संदेश: स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन, आयुर्वेद-योग अपनाएं

सारांश

धनतेरस पर केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव का स्पष्ट संदेश — भौतिक धन से बड़ा है स्वास्थ्य। 12,500 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 180 देशों में योग की स्वीकृति के साथ, यह पर्व आयुर्वेद-योग को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक नई पहल बन रहा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने 2 नवंबर 2026 को धन्वंतरि दिवस पर देशवासियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल भौतिक समृद्धि नहीं, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य के महत्व का पर्व है।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत देश में साढ़े 12 हज़ार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं।
योग को 180 से अधिक देशों में और आयुर्वेद दिवस को लगभग 150 देशों में मान्यता प्राप्त है।
मंत्री ने नागरिकों से आयुर्वेद और योग को दैनिक जीवनशैली में अपनाने का आग्रह किया ताकि जीवनशैली जनित रोगों से बचा जा सके।
AIIMS जैसे संस्थानों में भी अब आयुष विभाग स्थापित किए जा चुके हैं।

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने 2 नवंबर 2026 को धन्वंतरि दिवस और दीपावली के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धनतेरस केवल भौतिक समृद्धि का पर्व नहीं, बल्कि यह हमें जीवन की सबसे मूल्यवान संपत्ति — अच्छे स्वास्थ्य — के महत्व की याद दिलाने का अवसर है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि व्यक्ति स्वस्थ नहीं है, तो वह भौतिक सुख-सुविधाओं का पूरा आनंद नहीं उठा सकता।

धन्वंतरि दिवस का महत्व

आयुष मंत्री ने कहा, 'धनतेरस हमारे लिए केवल धन और समृद्धि का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति, यानी अच्छे स्वास्थ्य के महत्व की भी याद दिलाता है।' उन्होंने बताया कि धन्वंतरि को स्वास्थ्य के देवता के रूप में पूजा जाता है और इसीलिए हर घर व संस्थान में धन्वंतरि पूजन की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए। उनके अनुसार यह भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य विरासत है।

जीवनशैली रोगों की बढ़ती चुनौती

जाधव ने चिंता व्यक्त की कि आज की तेज़ रफ़्तार जीवनशैली में खान-पान और दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है, जिसके कारण गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases) बड़े पैमाने पर फैल रहे हैं। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, कैंसर, हृदय रोग और किडनी की बीमारियां न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन भी बार-बार जीवनशैली जनित रोगों को वैश्विक स्वास्थ्य संकट बता चुका है।

आयुर्वेद और योग की भूमिका

मंत्री ने स्पष्ट किया कि आयुष प्रणाली का प्राथमिक उद्देश्य रोगों की रोकथाम करना है, न कि केवल उपचार। उन्होंने कहा, 'एलोपैथी किसी बीमारी के होने के बाद उसके उपचार का कार्य करती है, लेकिन बीमारी ही न हो, इसके लिए आयुर्वेद और योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।' उन्होंने आयुर्वेद के मूल सिद्धांत 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' का उल्लेख करते हुए नागरिकों से आग्रह किया कि वे आयुर्वेद और योग को अपनी रोज़मर्रा की जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।

आयुष मंत्रालय की उपलब्धियां और 2047 का लक्ष्य

प्रतापराव जाधव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का प्रयास है कि आयुष पद्धतियों का लाभ अधिकतम नागरिकों तक पहुंचे। उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत देश में अब साढ़े 12 हज़ार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। गौरतलब है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों के साथ-साथ AIIMS जैसे वैश्विक स्तर के संस्थानों में भी आयुष विभाग स्थापित किए जा रहे हैं।

वैश्विक मान्यता: योग और आयुर्वेद

आयुष मंत्री ने कहा कि 180 से अधिक देशों में योग को मान्यता मिल चुकी है और करोड़ों लोग इसे अपनाए हुए हैं। इसी प्रकार, लगभग 150 देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत के ऋषि-मुनियों द्वारा हज़ारों वर्ष पहले की गई खोजें आज पूरा विश्व अपना रहा है और उन्हें व्यापक मान्यता दे रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि साढ़े 12 हज़ार आरोग्य मंदिरों और AIIMS में आयुष विभागों की स्थापना के बावजूद इन सेवाओं की गुणवत्ता और उपयोग दर का सत्यापन योग्य डेटा कहां है। भारत में गैर-संचारी रोगों का बोझ लगातार बढ़ रहा है — केवल पारंपरिक पद्धतियों के प्रचार से यह संकट नहीं टलेगा; इसके लिए आयुष और मुख्यधारा स्वास्थ्य सेवाओं के बीच साक्ष्य-आधारित एकीकरण ज़रूरी है। 180 देशों में योग की स्वीकृति गर्व का विषय है, पर यह आंकड़ा घरेलू स्वास्थ्य परिणामों में सुधार की गारंटी नहीं देता।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस और धन्वंतरि दिवस में क्या संबंध है?
धनतेरस के दिन ही धन्वंतरि दिवस मनाया जाता है, क्योंकि धन्वंतरि को आयुर्वेद के देवता और स्वास्थ्य के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। इस दिन स्वास्थ्य और आयुर्वेद को विशेष महत्व दिया जाता है।
आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने धनतेरस पर क्या संदेश दिया?
केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है और यदि व्यक्ति स्वस्थ नहीं है, तो भौतिक सुख-सुविधाओं का आनंद नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने नागरिकों से आयुर्वेद और योग को जीवनशैली में अपनाने की अपील की।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत कितने आरोग्य मंदिर चल रहे हैं?
आयुष मंत्री के अनुसार, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत देश में साढ़े 12 हज़ार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा AIIMS में भी आयुष सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जीवनशैली जनित रोगों से बचाव में आयुर्वेद कैसे मदद करता है?
आयुष मंत्री के अनुसार, आयुर्वेद का मूल सिद्धांत 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' है — यानी बीमार पड़ने से पहले स्वास्थ्य को बनाए रखना। यह एलोपैथी के विपरीत रोग की रोकथाम पर ज़ोर देता है और संतुलित आहार, दिनचर्या तथा योग के माध्यम से डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे जैसी बीमारियों से दूर रहने में सहायक है।
कितने देशों में योग और आयुर्वेद को मान्यता मिली है?
आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव के अनुसार, 180 से अधिक देशों में योग को मान्यता मिल चुकी है और लगभग 150 देशों में आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। यह भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले