इंडिया गठबंधन की रैली फ्लॉप रही, 10 लाख की जगह हजारों में सिमटी भीड़: संजय सेठ
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 2 नवंबर 2026 को रांची में मीडिया से बात करते हुए दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को 'पूरी तरह फ्लॉप' करार दिया। उनके अनुसार, 10 लाख की भीड़ जुटाने के दावों के बावजूद मैदान में केवल कुछ हजार लोग ही पहुँचे।
मुख्य आरोप: खाली कुर्सियों का संदेश
संजय सेठ ने कहा, 'पूरे ब्लॉक में कुर्सियाँ खाली पड़ी थीं। 10 लाख की भीड़ जुटाने का तामझाम दिखाया गया, लेकिन वहाँ कुछ हजार लोग ही मौजूद थे। सभी मीडियाकर्मियों ने दिखाया कि कैसे आधा मैदान खाली था।' उन्होंने इसे जनता द्वारा गठबंधन की 'अस्वीकृति' का प्रतीक बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने उन लोगों को नकारा है जो 'देश के विकास के विरोधी हैं' और जो 'भीड़तंत्र के सहारे देश को अशांत करना चाहते हैं।' हालाँकि, इंडिया गठबंधन की ओर से भीड़ के आँकड़ों को लेकर अलग दावे किए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
विश्व बैंक रिपोर्ट का हवाला
संजय सेठ ने विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि रिपोर्ट के अनुसार भारत में 50 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, 'ये हम नहीं कह रहे, ये विश्व बैंक की रिपोर्ट है।' विश्व बैंक की इसी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि लगभग साढ़े 13 करोड़ लोगों के लिए रोज़गार के अवसर बने हैं, जिनमें महिलाएँ भी शामिल हैं।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन वितरण, आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज, जनधन योजना और किसान सम्मान निधि को दिया।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
कांग्रेस पर हमला करते हुए सेठ ने कहा कि पार्टी ने दशकों तक 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया, लेकिन 50 साल के शासन में गरीबी नहीं हटी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में उन्होंने कहा कि 'देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती।' यह टिप्पणी एकतरफा राजनीतिक आरोप है; कांग्रेस की ओर से इस पर प्रतिक्रिया फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मोदी सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा
सेठ ने कहा कि आज 82 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है, 55 करोड़ लोगों के जनधन खाते खुले हैं और गाँव-गाँव में विद्युतीकरण हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि 50-60 साल तक जिन गाँवों में बिजली नहीं थी, वहाँ अब बिजली पहुँच चुकी है।
2029 को लेकर दावा
संजय सेठ ने यह भी कहा कि विपक्षी दल 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देख रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2029 में 'दो तिहाई बहुमत' से फिर सत्ता में आएंगे। यह राजनीतिक दावा है और इसकी पुष्टि भविष्य के चुनाव परिणामों पर निर्भर है।