2 नवंबर 2026
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स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल में ₹7.8 करोड़ का साइबर फ्रॉड, 82 खातों में ट्रांसफर हुई रकम

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स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल में ₹7.8 करोड़ का साइबर फ्रॉड, 82 खातों में ट्रांसफर हुई रकम

सारांश

माइक्रो फाइनेंस कंपनी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल के बैंक खाते से ₹7.8 करोड़ की साइबर चोरी हुई, जो 82 खातों में बाँट दी गई। घटना के बाद BSE पर शेयर 4.13% गिरा। कंपनी ने बैंक, साइबर क्राइम पोर्टल और बीमाकर्ता को सूचित किया है।

मुख्य बातें

स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल के बैंक खाते से ₹7.8 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी, 2 नवंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा।
धोखाधड़ी की राशि 82 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई; कंपनी ने प्रभावित सेवाएँ तत्काल बंद कीं।
कंपनी ने संबंधित बैंक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और बीमाकर्ता को सूचित किया; खातों को फ्रीज करने का अनुरोध।
BSE पर सोमवार को शेयर 4.13 प्रतिशत गिरकर ₹180.90 पर कारोबार कर रहा था।
दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹18 करोड़ ; AUM सालाना 31% बढ़कर ₹5,364 करोड़ ।
शेयर पिछले एक साल में 27.36% , तीन साल में 77.52% और पाँच साल में 63.50% गिरा।

माइक्रो फाइनेंस कंपनी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिए खुलासा किया कि उसके एक बैंक खाते से ₹7.8 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी हुई है। जालसाज़ों ने यह पूरी राशि 82 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। घटना का पता चलते ही कंपनी ने प्रभावित सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ फ्रॉड

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, अज्ञात साइबर अपराधियों ने स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल के एक बैंक खाते से अनधिकृत तरीके से ₹7.8 करोड़ निकाल लिए। यह राशि एक साथ नहीं, बल्कि 82 भिन्न-भिन्न खातों में विभाजित कर स्थानांतरित की गई, जो इस फ्रॉड की सुनियोजित प्रकृति को दर्शाता है। कंपनी ने घटना का संज्ञान लेते ही प्रभावित बैंकिंग सेवाओं को रोकने की कार्रवाई शुरू की।

कंपनी की त्वरित प्रतिक्रिया

स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने संबंधित बैंक को इस धोखाधड़ी की जानकारी देते हुए तीन प्रमुख अनुरोध किए — संदिग्ध लेनदेन को वापस करना, लाभार्थी खातों को फ्रीज करना और विस्तृत जाँच करना। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

कंपनी के अनुसार साइबर फ्रॉड के लिए बीमा क्लेम भी दाखिल किया जा रहा है और मामले की जानकारी अन्य संबंधित नियामक अधिकारियों को भी दी जा रही है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि जाँच में हर नए अपडेट की सूचना एक्सचेंजों को समय पर दी जाएगी।

वित्तीय प्रदर्शन और बाज़ार पर असर

इस घटना के बावजूद कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹18 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ₹35 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। सितंबर 2026 के अंत तक ग्रुप का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर ₹5,364 करोड़ हो गया। ग्रॉस एनपीए अनुपात सुधरकर 2.54 प्रतिशत पर आ गया और नेट एनपीए 0.50 प्रतिशत रहा।

साइबर फ्रॉड की खबर आते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सोमवार को स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल का शेयर 4.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹180.90 प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, इस स्टॉक का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹319.70 और निचला स्तर ₹175 रहा है। बीते एक साल में शेयर में 27.36 प्रतिशत, तीन साल में 77.52 प्रतिशत और पाँच साल में 63.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।

व्यापक संदर्भ: माइक्रो फाइनेंस क्षेत्र पर साइबर खतरा

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत में वित्तीय क्षेत्र पर साइबर हमले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि छोटे और मझोले वित्तीय संस्थान अक्सर बड़े बैंकों की तुलना में कम साइबर-सुरक्षा संसाधन रखते हैं, जिससे वे इस तरह के हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। ₹7.8 करोड़ की यह धोखाधड़ी कंपनी की दूसरी तिमाही के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट के लगभग 43 प्रतिशत के बराबर है, जो इस नुकसान की गंभीरता को रेखांकित करती है।

आगे क्या होगा

कंपनी जाँच जारी रखने के साथ-साथ बीमा क्लेम प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाएगी। लाभार्थी खातों को फ्रीज करने की बैंक से की गई अपील पर जो भी कार्रवाई होगी, उससे रकम वापसी की संभावना तय होगी। नियामकीय अधिकारियों को सूचित किए जाने के बाद इस मामले में आगे की जाँच और भी गहरी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि अवसरवादी। कंपनी की दूसरी तिमाही के मुनाफे का लगभग 43 प्रतिशत एक झटके में खतरे में पड़ गया। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय माइक्रो फाइनेंस क्षेत्र के लिए रिज़र्व बैंक के साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश पर्याप्त और कड़ाई से लागू हैं — क्योंकि इस तरह की घटनाएँ अंततः उन लाखों कम-आय वाले उधारकर्ताओं की सेवाओं को भी प्रभावित करती हैं जिन पर यह क्षेत्र टिका है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल में कितने का साइबर फ्रॉड हुआ?
स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल के एक बैंक खाते से ₹7.8 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी हुई, जिसकी जानकारी कंपनी ने 2 नवंबर 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से दी। यह राशि 82 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
साइबर फ्रॉड के बाद स्पंदना स्फूर्ति ने क्या कदम उठाए?
कंपनी ने प्रभावित सेवाएँ तत्काल बंद कर दीं और संबंधित बैंक से लाभार्थी खातों को फ्रीज करने व ट्रांजेक्शन वापस करने का अनुरोध किया। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और बीमा क्लेम भी दाखिल किया जा रहा है।
साइबर फ्रॉड की खबर से स्पंदना स्फूर्ति के शेयर पर क्या असर पड़ा?
BSE पर सोमवार को स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल का शेयर 4.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹180.90 प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार स्टॉक का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹319.70 रहा है।
स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल का दूसरी तिमाही का वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹18 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ₹35 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया। सितंबर 2026 के अंत तक AUM सालाना 31 प्रतिशत बढ़कर ₹5,364 करोड़ हो गया और ग्रॉस एनपीए सुधरकर 2.54 प्रतिशत पर आया।
क्या साइबर फ्रॉड की रकम वापस मिलने की संभावना है?
कंपनी ने बैंक से लाभार्थी खातों को फ्रीज करने और ट्रांजेक्शन वापस करने का अनुरोध किया है, साथ ही बीमा क्लेम भी दाखिल किया जा रहा है। रकम की वापसी बैंक की कार्रवाई और जाँच की प्रगति पर निर्भर करेगी; कंपनी ने कहा है कि हर अपडेट एक्सचेंजों को दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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