पुरुलिया साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़: ₹82 लाख की ठगी में छह गिरफ्तार, 217 बैंक खाते जब्त
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने कुल ₹82 लाख की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था, जिसमें से ₹40 लाख मुख्य आरोपी के बैंक खाते में जमा पाए गए।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस ने सबसे पहले पुरुलिया के बांदवान पुलिस स्टेशन क्षेत्र के धाडका गांव निवासी श्यामलाल बरन सहिस को गिरफ्तार किया। उसके बैंक खाते में ₹40 लाख की संदिग्ध राशि जमा मिली थी। हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने साइबर फ्रॉड रैकेट से जुड़े अहम सुराग दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने पाँच और आरोपियों को दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए छह लोगों में पुरुलिया शहर निवासी और एक निजी कंपनी में कार्यरत सिविल इंजीनियर अंकित सिंह तथा उसका भाई शामिल हैं। इसके अलावा झारखंड के दो निवासी और पुरुलिया के पारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र का युवक रॉकी बाउरी भी गिरफ्त में आए। जांच के अनुसार, इनमें से दो आरोपी झारखंड से आकर पुरुलिया शहर में किराए का मकान लेकर यह रैकेट चला रहे थे।
ठगी का तरीका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह स्थानीय युवाओं को घर का किराया देने का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड किराए पर लेता था। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था। जांच में 217 बैंक खातों और कई एटीएम काउंटरों की पहचान की गई है, जो इस नेटवर्क से जुड़े थे।
पुलिस का विशेष अभियान
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अलग-अलग स्थानों पर स्वतः संज्ञान लेकर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पुरुलिया साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इस संबंध में दो मामले दर्ज किए गए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों को पुरुलिया कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने आगे की जांच के लिए उनकी हिरासत की माँग की।
आगे की जांच
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में 'मनी म्यूल' नेटवर्क के ज़रिए साइबर ठगी की घटनाओं में तेज़ी आई है, जहाँ निर्दोष लोगों के खातों का दुरुपयोग किया जाता है।