उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मिलीं सेशेल्स नेशनल असेंबली अध्यक्ष अर्नेस्टा, समुद्री सुरक्षा व AI सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 4 सितंबर 2025 को संसद भवन में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एचई अजरेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह बैठक अर्नेस्टा के भारत दौरे के तीसरे दिन हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री भोजन सहयोग और कैपेसिटी बिल्डिंग के क्षेत्रों में साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
बैठक में क्या हुई चर्चा
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बैठक में स्पष्ट किया कि भारत, सेशेल्स के साथ संसदीय कार्यों के लिए अपनी AI विशेषज्ञता साझा करने को तैयार है — जिसमें ट्रांसलेशन सेवाएँ और डिजिटल आर्काइव प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित दोनों देशों की गहरी मित्रता को फिर से रेखांकित किया और करीबी संसदीय जुड़ाव का स्वागत किया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और भारत के साथ राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है — जो इस द्विपक्षीय संवाद को विशेष ऐतिहासिक महत्व देता है।
लोकसभा अध्यक्ष से भी हुई मुलाकात
इससे एक दिन पहले, बुधवार को अर्नेस्टा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की। इस बैठक में संसदीय आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल संसद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढाँचा, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
बिरला ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाते हुए हमने वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।' उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर संसदीय संवाद द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगा।
हिंद महासागर में भारत का 'महासागर' विज़न
बिरला ने यह भी रेखांकित किया कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के विज़न 'महासागर' को आगे बढ़ाने में सेशेल्स एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है। गौरतलब है कि भारत की हिंद महासागर नीति में सेशेल्स की रणनीतिक स्थिति — अफ्रीका और एशिया के बीच — उसे एक अहम समुद्री साझेदार बनाती है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर के द्वीपीय देशों के साथ संबंधों को नई गहराई देने में जुटा है।
आगे की राह
दोनों पक्षों के बीच हुई इन उच्च-स्तरीय बैठकों से संकेत मिलता है कि भारत-सेशेल्स संसदीय सहयोग आने वाले समय में और संस्थागत रूप लेगा। AI और डिजिटल संसद के क्षेत्र में भारत की पेशकश, विशेषकर छोटे द्वीपीय देशों के लिए, एक नई दिशा में सहयोग का द्वार खोलती है।