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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मिलीं सेशेल्स नेशनल असेंबली अध्यक्ष अर्नेस्टा, समुद्री सुरक्षा व AI सहयोग पर बनी सहमति

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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मिलीं सेशेल्स नेशनल असेंबली अध्यक्ष अर्नेस्टा, समुद्री सुरक्षा व AI सहयोग पर बनी सहमति

सारांश

सेशेल्स की नेशनल असेंबली अध्यक्ष अर्नेस्टा का भारत दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं था — दोनों देशों की स्वतंत्रता और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर यह दौरा समुद्री सुरक्षा, AI सहयोग और हिंद महासागर में भारत के 'महासागर' विज़न को ठोस रूप देने की दिशा में एक अहम कदम बना।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में सेशेल्स नेशनल असेंबली अध्यक्ष एचई अजरेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
बैठक में समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री भोजन सहयोग और कैपेसिटी बिल्डिंग पर ध्यान केंद्रित रहा।
भारत ने संसदीय कार्यों के लिए AI विशेषज्ञता — ट्रांसलेशन और डिजिटल आर्काइव — सेशेल्स के साथ साझा करने की पेशकश की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक दिन पहले अर्नेस्टा से मुलाकात कर डिजिटल संसद, AI, स्वास्थ्य सेवा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर चर्चा की।
दोनों देश स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
सेशेल्स को हिंद महासागर में भारत के 'महासागर' विज़न का अहम भागीदार बताया गया।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 4 सितंबर 2025 को संसद भवन में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एचई अजरेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह बैठक अर्नेस्टा के भारत दौरे के तीसरे दिन हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री भोजन सहयोग और कैपेसिटी बिल्डिंग के क्षेत्रों में साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

बैठक में क्या हुई चर्चा

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बैठक में स्पष्ट किया कि भारत, सेशेल्स के साथ संसदीय कार्यों के लिए अपनी AI विशेषज्ञता साझा करने को तैयार है — जिसमें ट्रांसलेशन सेवाएँ और डिजिटल आर्काइव प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित दोनों देशों की गहरी मित्रता को फिर से रेखांकित किया और करीबी संसदीय जुड़ाव का स्वागत किया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और भारत के साथ राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है — जो इस द्विपक्षीय संवाद को विशेष ऐतिहासिक महत्व देता है।

लोकसभा अध्यक्ष से भी हुई मुलाकात

इससे एक दिन पहले, बुधवार को अर्नेस्टा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की। इस बैठक में संसदीय आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल संसद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढाँचा, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।

बिरला ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, 'सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाते हुए हमने वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।' उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर संसदीय संवाद द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगा।

हिंद महासागर में भारत का 'महासागर' विज़न

बिरला ने यह भी रेखांकित किया कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के विज़न 'महासागर' को आगे बढ़ाने में सेशेल्स एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है। गौरतलब है कि भारत की हिंद महासागर नीति में सेशेल्स की रणनीतिक स्थिति — अफ्रीका और एशिया के बीच — उसे एक अहम समुद्री साझेदार बनाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'SAGAR' (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत हिंद महासागर के द्वीपीय देशों के साथ संबंधों को नई गहराई देने में जुटा है।

आगे की राह

दोनों पक्षों के बीच हुई इन उच्च-स्तरीय बैठकों से संकेत मिलता है कि भारत-सेशेल्स संसदीय सहयोग आने वाले समय में और संस्थागत रूप लेगा। AI और डिजिटल संसद के क्षेत्र में भारत की पेशकश, विशेषकर छोटे द्वीपीय देशों के लिए, एक नई दिशा में सहयोग का द्वार खोलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत जुड़ाव में तब्दील हो रही है। AI और डिजिटल संसद में सहयोग की पेशकश भारत को 'ग्लोबल साउथ टेक-लीडर' के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगती है। हालाँकि, ऐसी उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद ठोस क्रियान्वयन की गति अक्सर धीमी रहती है — असली परीक्षा यह होगी कि AI सहयोग और समुद्री सुरक्षा के वादे कितने समयबद्ध और मापनीय ढाँचे में बदलते हैं।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेशेल्स नेशनल असेंबली अध्यक्ष अर्नेस्टा का भारत दौरा किस उद्देश्य से हुआ?
अर्नेस्टा का यह दौरा भारत-सेशेल्स संसदीय संबंधों को मजबूत करने के लिए था, जिसमें समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, AI और डिजिटल संसद में सहयोग पर चर्चा हुई। यह दौरा दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुआ।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सेशेल्स को AI सहयोग की क्या पेशकश की?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि भारत, सेशेल्स के संसदीय कार्यों के लिए अपनी AI विशेषज्ञता साझा करने को तैयार है, जिसमें ट्रांसलेशन सेवाएँ और डिजिटल आर्काइव शामिल हैं। यह पेशकश छोटे द्वीपीय देशों के लिए भारत की तकनीकी सहयोग नीति का हिस्सा है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अर्नेस्टा की बैठक में क्या हुआ?
बिरला और अर्नेस्टा ने संसदीय आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, डिजिटल संसद, AI, बुनियादी ढाँचा, स्वास्थ्य सेवा और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग पर चर्चा की। बिरला ने विश्वास जताया कि निरंतर संसदीय संवाद द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति देगा।
भारत के 'महासागर' विज़न में सेशेल्स की क्या भूमिका है?
सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'महासागर' विज़न का एक महत्वपूर्ण भागीदार है। अफ्रीका और एशिया के बीच सेशेल्स की रणनीतिक समुद्री स्थिति उसे भारत की हिंद महासागर नीति में केंद्रीय भूमिका देती है।
भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंध कितने पुराने हैं?
भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों को 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, और इसी वर्ष सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की भी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह दोहरी वर्षगांठ इस दौरे को विशेष ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती है।
राष्ट्र प्रेस
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