राहुल गांधी देश के लोकतंत्र के लिए खतरा: सुधांशु त्रिवेदी का भुवनेश्वर में तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 2 नवंबर 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया। त्रिवेदी ने कहा कि देश की प्रगति और आत्मगौरव विपक्ष को 'रास नहीं आ रहा।' उन्होंने राहुल गांधी को लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया।
भारत की प्रगति पर त्रिवेदी के दावे
भाजपा सांसद ने कहा, 'पूरी दुनिया इस समय उथल-पुथल और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा-नीत एनडीए सरकार के तहत भारत इन मुश्किल वैश्विक हालात के बावजूद मजबूती से आगे बढ़ रहा है।' उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।
त्रिवेदी के अनुसार, विश्व बैंक ने अपनी 2025 रिपोर्ट में भारत की गरीबी उन्मूलन की उपलब्धियों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि जहाँ 2011-12 में 27 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे थे, वहीं अब केवल 2.5 प्रतिशत लोग रह गए हैं। एआई, रक्षा उत्पादन और नई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपस्थिति को उन्होंने देश की ताकत का प्रमाण बताया।
विपक्ष पर सीधा निशाना
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष उन शक्तियों के हाथों में 'एक खिलौने की तरह' दिखाई दे रहा है जो भारत की तरक्की से खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'इस वक्त देश के लोकतंत्र के लिए स्वयं कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खतरा बन गए हैं।'
गौरतलब है कि यह प्रेस वार्ता ओडिशा में हुई, जहाँ उन्होंने कांग्रेस की राज्यों में घटती उपस्थिति का हवाला देते हुए कहा कि ओडिशा से कांग्रेस 25 वर्षों से अनुपस्थित है।
कांग्रेस की राज्यों से अनुपस्थिति का आरोप
त्रिवेदी ने एक-एक राज्य गिनाते हुए कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ कमजोर होने का हवाला दिया। उनके अनुसार, गुजरात से 1995 से, उत्तर प्रदेश-बिहार से 1990 से, पश्चिम बंगाल से 1977 से और तमिलनाडु से 1967 से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। त्रिपुरा, नागालैंड और सिक्किम से पार्टी 30 वर्षों से अनुपस्थित बताई गई।
उन्होंने केरल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि केरल के गृह मंत्री स्वयं कह चुके हैं कि एसआईआर से उन्हें लाभ हुआ है। त्रिवेदी ने कांग्रेस से सवाल किया कि जहाँ उनकी सरकारें हैं — केरल और कर्नाटक — वहाँ के नेता सही बोल रहे हैं या दिल्ली में बैठे नेता?
मतदाता सूची विवाद पर पलटवार
राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मतदाता सूची विवाद पर त्रिवेदी ने कहा कि जिन 13 करोड़ लोगों की बात की जा रही है, उनमें से 2 करोड़ 80 लाख मृत मतदाता हैं, 12 करोड़ अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनमें से 6 करोड़ दूसरी जगह मतदाता बन गए हैं। उनके अनुसार, 1 करोड़ डुप्लीकेट मतदाता और 3 करोड़ 'लापता' मतदाता भी इस सूची में शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। त्रिवेदी ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और आंध्र प्रदेश में नक्सल समस्या से मुक्ति का भी उल्लेख किया और विपक्षी नेताओं को 'दिमागी नक्सली' की संज्ञा दी।
राजनीतिक संदर्भ
भाजपा की ओर से यह हमला ऐसे वक्त में आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची और सरकारी योजनाओं को लेकर केंद्र पर सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि सत्तापक्ष का यह पलटवार विपक्ष के मूल सवालों का ठोस जवाब देने के बजाय राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश है। आगे देखना होगा कि कांग्रेस और राहुल गांधी इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देते हैं।