सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर हमला: राष्ट्रपति के नाम पर भ्रामक दावों के सबूत माँगे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवादों में घसीट रहा है। उनका कहना था कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश झलकती है।
राष्ट्रपति पद पर विवाद
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात को जिस तरह सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया, उससे 'सच से अधिक राजनीति की झलक' दिखाई देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति किसी एक व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि पूरे देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतिनिधित्व करती हैं और इस पद को राजनीतिक विमर्श में घसीटना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है। उन्होंने राहुल गांधी से माँग की कि वे राष्ट्रपति के नाम पर किए गए दावों के प्रमाण सार्वजनिक करें।
पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय पर माफी का हवाला
BJP नेता ने यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी पहले सर्वोच्च न्यायालय के बारे में गलत बयान देने के मामले में माफी माँग चुके हैं। उनके अनुसार, अब राष्ट्रपति पद के संदर्भ में भी भ्रामक दावे किए जा रहे हैं — जो एक 'राजनीतिक पैटर्न' को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर टकराव तेज़ हो रहा है।
उपचुनाव और मतदाता सूची पर पाँच सवाल
डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस से उपचुनावों, मतदाता सूची और ईवीएम विवाद पर पाँच सीधे सवाल पूछे। पहला — उपचुनावों के दौरान कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) ने मतदाता सूचियों की जाँच में कोई आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई? दूसरा — मतदान और मतगणना के दौरान कांग्रेस एजेंट मौजूद थे या नहीं, और उस समय कोई आपत्ति क्यों नहीं उठाई गई? तीसरा — क्या कांग्रेस 45 दिनों की निर्धारित समयसीमा के भीतर CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की माँग करेगी?
चौथा — राष्ट्रपति का नाम लेकर जो बयान दिया गया, उसका क्या साक्ष्य है? पाँचवाँ — ईवीएम पर लगाया गया आरोप सही था या विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर लगाया गया आरोप सही है, क्योंकि दोनों एक साथ सही नहीं हो सकते?
ईवीएम बनाम SIR: परस्पर विरोधी आरोप
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर परस्पर विरोधी तर्क अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'यदि ईवीएम में गड़बड़ी थी तो फिर SIR का मुद्दा क्या था, और यदि SIR में गड़बड़ी है तो ईवीएम पर पहले लगाए गए आरोपों का क्या आधार था।' उन्होंने असम के सिलचर नगर निगम चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ बैलेट पेपर से मतदान हुआ था, फिर भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
आगे क्या
BJP ने कांग्रेस से इन पाँचों सवालों का लिखित जवाब माँगा है। गौरतलब है कि यह प्रेस वार्ता ऐसे समय में हुई जब संसद के आगामी सत्र से पहले दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की रणनीतिक प्रतिक्रिया बन चुकी है, जबकि कांग्रेस का पक्ष अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।