राहुल गांधी के डिबेट चैलेंज पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार: 'संसद छोड़ना संविधान निर्माताओं का अपमान'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुधांशु त्रिवेदी ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के डिबेट चैलेंज पर कड़ा जवाब देते हुए कहा कि संसद ही वह सर्वोच्च मंच है जहाँ देश के बड़े मुद्दों पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन में चर्चा से बचते हैं, जो संविधान की मूल भावना और संविधान निर्माताओं का अपमान है। त्रिवेदी के ये बयान राहुल गांधी के पंजाब के संगरूर दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयानों की प्रतिक्रिया में आए।
डिबेट चैलेंज पर BJP का रुख
सुधांशु त्रिवेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के संविधान निर्माताओं ने बहस और चर्चा के लिए संसद को सर्वोच्च स्थान दिया है। उनका तर्क था, 'यदि कोई व्यक्ति सदन में चर्चा करने से इनकार करता है, तो यह न केवल संविधान का बल्कि उन लाखों मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने उसे संसद में भेजा।' उन्होंने कहा कि सदन में जब भी किसी विषय पर बहस होती है, राहुल गांधी वहाँ से उठकर चले जाते हैं।
पंजाब ड्रग्स और संकल्प का मुद्दा
त्रिवेदी ने कहा कि पंजाब से ड्रग्स उन्मूलन की निर्धारित समय-सीमा पर राहुल गांधी ने टिप्पणी की कि तब तक सरकार नहीं रहेगी। उन्होंने इसे 'संकल्प की दृढ़ता की अज्ञानता' बताते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद समाप्त करने का जो वादा किया था, उस दिशा में ठोस प्रगति हुई है। त्रिवेदी के अनुसार, 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक पूरे वर्ष तक किसी भी CRPF जवान की जान नहीं गई।
राहुल गांधी की भविष्यवाणियों पर हमला
त्रिवेदी ने राहुल गांधी की 'गलत साबित हुई भविष्यवाणियों' की सूची गिनाई। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को बर्बाद बताया था, जबकि वह अब सर्वकालिक मुनाफे में है। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बारे में भी उनके दावे गलत निकले।
वैक्सीन से जुड़े एक विशेष उदाहरण का हवाला देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि 16 मई 2021 को राहुल गांधी ने एक ट्वीट में आरोप लगाया था कि सरकार ने बच्चों की वैक्सीन विदेश भेज दी, जबकि उस समय तक बच्चों की वैक्सीन बनी ही नहीं थी।
रैली की विफलता और 'मॉक पार्लियामेंट' पर तंज
त्रिवेदी ने राहुल गांधी के 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई रैली को 'फ्लॉप' बताया और आरोप लगाया कि इसी विफलता से ध्यान हटाने के लिए सलाहकारों के इशारे पर डिबेट चैलेंज दिया जा रहा है। उन्होंने INDIA गठबंधन की 'मॉक पार्लियामेंट' पर भी कटाक्ष किया, कहा कि वहाँ विपक्षी पक्ष ही मौजूद नहीं था, यानी वह बहस नहीं, एकतरफा भाषण था।
आगे क्या
BJP और कांग्रेस के बीच यह वाक्-युद्ध संसद के शीतकालीन सत्र से पहले राजनीतिक माहौल को और तीखा कर सकता है। त्रिवेदी ने राहुल गांधी को सीधे संसद में बहस की चुनौती दी, जो आने वाले सत्र में संसदीय कार्यवाही की दिशा तय कर सकती है।