4 नवंबर 2026
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ओवैसी का यूपी में 'अब्दुल' को नेता बनाने का आह्वान, अमेरिका में मुस्लिम सीनेटर की जीत का दिया हवाला

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ओवैसी का यूपी में 'अब्दुल' को नेता बनाने का आह्वान, अमेरिका में मुस्लिम सीनेटर की जीत का दिया हवाला

सारांश

मिशिगन में एक मुस्लिम का पहली बार सीनेटर बनना ओवैसी के लिए महज विदेशी खबर नहीं — यह यूपी की जमीन पर नई राजनीतिक लकीर खींचने का मौका बन गया। 'अब्दुल पंचर बनाता है' वाले तंज को 'अब्दुल नेता बनेगा' में बदलने की यह कोशिश AIMIM की 2027 यूपी चुनाव रणनीति की पहली झलक हो सकती है।

मुख्य बातें

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 4 नवंबर 2026 को यूपी में मुस्लिम राजनीतिक पहचान मजबूत करने का आह्वान किया।
मिशिगन में अब्दुल एल-सैयद पहले मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर बने, जिसे ओवैसी ने यूपी संदर्भ से जोड़ा।
ओवैसी ने कदीमी मस्जिद को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत हटाने के केंद्र सरकार के रुख की आलोचना की और इसे पंजीकृत वक्फ संपत्ति बताया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू से हस्तक्षेप की माँग की और सरकार को वक्फ ट्रिब्यूनल का रास्ता अपनाने की सलाह दी।
हैदराबाद मतदाता सूची में अवैध प्रवासी न मिलने पर ओवैसी ने पूछा — 'अब अमित शाह क्या कहेंगे?'

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने 4 नवंबर 2026 को उत्तर प्रदेश में मुस्लिम राजनीतिक पहचान को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने अमेरिका के मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल एल-सैयद की सीनेट सीट पर ऐतिहासिक जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश का 'अब्दुल' भी नेता बनेगा।

एक्स पर पोस्ट और मुख्य बयान

ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'मिशिगन में एक अब्दुल जीत गया है, अब उत्तर प्रदेश का अब्दुल भी अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत करे।' उनका यह बयान अब्दुल एल-सैयद के पहले मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर बनने की पृष्ठभूमि में आया है।

हैदराबाद स्थित पार्टी मुख्यालय दारुस्सलाम में मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने कहा, 'भाजपा कहा करती थी कि अब्दुल पंचर बनाता है। हम कह रहे हैं कि अब्दुल अब नेता बनेगा। वह न कालीन बिछाएगा, न आरएसएस से डरेगा और न किसी के सामने झुकेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि तथाकथित 'संघियों' ने 'अब्दुल' नाम का मजाक उड़ाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन अब समय आ गया है कि यह पहचान राजनीतिक ताकत में तब्दील हो।

कदीमी मस्जिद और सेंट्रल विस्टा विवाद

ओवैसी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार द्वारा दिए गए उस पक्ष की आलोचना की, जिसमें नई दिल्ली के कृषि भवन परिसर में स्थित कदीमी मस्जिद को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) के पुनर्विकास के लिए हटाने की बात कही गई है।

ओवैसी ने कहा, 'यह मस्जिद देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है। इसका निर्माण कृषि भवन से पहले हुआ था। यह पंजीकृत वक्फ संपत्ति है और सरकार इसकी मालिक नहीं है।' उन्होंने यह भी बताया कि जब 1908 में लुटियंस दिल्ली का निर्माण शुरू हुआ था, तब कई गाँवों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन इन मस्जिदों का अधिग्रहण नहीं किया गया था।

उन्होंने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू से इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग करते हुए कहा कि सरकार को अपना दावा वक्फ ट्रिब्यूनल में साबित करना चाहिए।

धर्मनिरपेक्षता पर तीखा सवाल

ओवैसी ने केंद्र सरकार के उस तर्क को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि सरकारी संपत्ति पर मस्जिद का होना धर्मनिरपेक्षता के अनुरूप नहीं है। उन्होंने पूछा, 'क्या यही आपकी धर्मनिरपेक्षता है कि आप कानूनी संरक्षण प्राप्त एक पंजीकृत वक्फ संपत्ति को तोड़ना चाहते हैं?'

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंट्रल विस्टा परियोजना का भूमि पूजन किया था। ओवैसी के अनुसार, 'एक तरफ सार्वजनिक परियोजना में एक धर्म की रस्मों से धर्मनिरपेक्षता को कोई समस्या नहीं होती, लेकिन 1912 से पहले से मौजूद मस्जिद से समस्या हो जाती है।'

हैदराबाद मतदाता सूची और अमित शाह पर तंज

हैदराबाद की मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों के न मिलने संबंधी जिला निर्वाचन अधिकारी आर.वी. कर्णन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने पूछा, 'अब गृह मंत्री अमित शाह क्या कहेंगे?' उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने पहले हैदराबाद में 'सर्जिकल स्ट्राइक' करने जैसे बयान दिए थे।

ओवैसी ने यह भी कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कारण गरीब लोगों को काफी परेशानी हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि AIMIM ने SIR प्रक्रिया के दौरान सभी पात्र मतदाताओं की, उनके धर्म की परवाह किए बिना, मदद की।

ओवैसी के इन बयानों के बाद अब यह देखना होगा कि उत्तर प्रदेश में AIMIM की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और विपक्षी दल इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दरअसल 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने की सुनियोजित रणनीति की शुरुआत है। अमेरिकी राजनीति के उदाहरण को भारत के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की पृष्ठभूमि पर थोपना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक तो है, लेकिन दोनों संदर्भों की जमीनी हकीकत बेहद अलग है। कदीमी मस्जिद का मुद्दा उठाकर ओवैसी ने सरकार को एक ऐसे विवाद में घेरने की कोशिश की है जो कानूनी, धार्मिक और राजनीतिक — तीनों मोर्चों पर जटिल है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि AIMIM का यूपी में जमीनी आधार अभी भी सीमित है, और इस बयानबाजी का असल चुनावी असर सपा-बसपा-कांग्रेस की मुस्लिम वोट गणित पर कितना पड़ेगा — यही असली प्रश्न है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने यूपी में 'अब्दुल' को नेता बनाने की बात क्यों कही?
AIMIM अध्यक्ष ओवैसी ने मिशिगन में अब्दुल एल-सैयद के पहले मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर बनने की प्रेरणा लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समुदाय को राजनीतिक रूप से सक्रिय होने का आह्वान किया। उनका कहना था कि 'अब्दुल' नाम का मजाक उड़ाने का दौर खत्म हो और यह पहचान राजनीतिक नेतृत्व में बदले।
अब्दुल एल-सैयद कौन हैं और उनकी जीत क्यों अहम है?
अब्दुल एल-सैयद अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हैं, जो सीनेट सीट जीतकर पहले मुस्लिम अमेरिकी सीनेटर बने हैं। ओवैसी ने इस जीत को भारतीय मुस्लिम राजनीतिक सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में पेश किया।
कदीमी मस्जिद विवाद क्या है?
नई दिल्ली के कृषि भवन परिसर में स्थित कदीमी मस्जिद को सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के पुनर्विकास के लिए हटाने का प्रस्ताव है, जिसे दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। ओवैसी का कहना है कि यह 1908 से पहले की पंजीकृत वक्फ संपत्ति है और सरकार इसकी मालिक नहीं है।
ओवैसी ने किरण रिजिजू से क्या माँग की?
ओवैसी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू से कदीमी मस्जिद मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की। उनका कहना था कि सरकार अगर मस्जिद पर अपना दावा करना चाहती है तो उसे वक्फ ट्रिब्यूनल में जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए।
हैदराबाद मतदाता सूची विवाद में ओवैसी का क्या रुख है?
जिला निर्वाचन अधिकारी आर.वी. कर्णन के इस बयान कि हैदराबाद की मतदाता सूची में कोई अवैध प्रवासी नहीं मिला — को ओवैसी ने भाजपा के खिलाफ तंज के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने AIMIM की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी ने SIR प्रक्रिया में सभी पात्र मतदाताओं की बिना धर्म देखे मदद की।
राष्ट्र प्रेस
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