वैभव सूर्यवंशी को आउट करने की योजना डेढ़ महीने पहले से बना रहे थे यूएई के उद्दीश सूरी
सारांश
मुख्य बातें
यूएई के बाएं हाथ के चाइनामैन स्पिनर उद्दीश सूरी ने खुलासा किया है कि उन्होंने भारत के किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आउट करने की रणनीति अंडर-19 एशिया कप से करीब डेढ़ महीने पहले से बनानी शुरू कर दी थी। दुबई स्थित आईसीसी एकेडमी में खेले गए उस मुकाबले में सूरी की दूसरी ही गेंद पर कैच छूट जाने से सूर्यवंशी को जीवनदान मिला, जिसके बाद उन्होंने 95 गेंदों पर 171 रन की तूफानी पारी खेली और भारत ने 433/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
मुख्य घटनाक्रम
उस मैच में 14 छक्के लगाने वाले सूर्यवंशी के सामने छह गेंदबाजों की धज्जियां उड़ीं। हालांकि सूरी ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए 23 गेंदों में 23 रन दिए — जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। अपने आखिरी से पहले ओवर में उन्होंने सूर्यवंशी को बोल्ड भी किया। कुल मिलाकर सूरी ने 10 ओवरों में 77 रन देकर 2 विकेट लिए।
डेढ़ महीने की तैयारी और 'मेनिफेस्टेशन'
सूरी ने बताया, 'टूर्नामेंट शुरू होने से लगभग डेढ़ महीने पहले से ही, मैं आगे की योजना बना रहा था। मैं 'मेनिफेस्टेशन' में बहुत विश्वास रखता हूं। इसलिए पहले ही सोच लिया था कि मैं ही उनका विकेट लूंगा।' उन्होंने अपने कोचों — नवीद सर, जहूर सर, नाएल सर और तत्कालीन एनालिस्ट मनप्रीत सर के साथ सूर्यवंशी के वीडियो का विश्लेषण किया। एक-दो दिन पहले हेड कोच नवीद सर के साथ बैठकर उन्होंने यह तय किया कि सूर्यवंशी को कहां गेंदबाजी की जाए, ताकि रन कम दिए जाएं और विकेट भी मिले। सूरी ने कहा, 'आखिरकार यह काम कर गया और उनका विकेट लेकर मुझे बहुत खुशी हुई।'
इस साल के अंडर-19 एशिया कप की चुनौती
इस बार गुरुवार से ओमान में शुरू हो रहे अंडर-19 एशिया कप में यूएई को भारत, पाकिस्तान और नेपाल के साथ एक ही ग्रुप में रखा गया है। सूर्यवंशी अब भारत की सीनियर टी20 टीम का हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए इस बार भारतीय अंडर-19 टीम में सभी की निगाहें राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग पर हैं। ये दोनों खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ भारत की हालिया सीरीज जीत और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में तेज शतकों से चर्चा में आए हैं। 10 नवंबर को भारत और यूएई का मुकाबला होगा, जिसमें सूरी को कप्तान लक्ष्य रायचंदानी और यशवर्धन सिंह चौहान के खिलाफ भी रणनीति बनानी होगी।
खेल के प्रति जुनून और परिवार का योगदान
सूरी ने महज चार साल की उम्र में 'कब्स क्रिकेट' — एक अंडर-7 स्कूल टूर्नामेंट — से अपना सफर शुरू किया। उनके बड़े भाई तनिष्क सूरी, जो यूएई के लिए 13 वनडे और 14 टी20 खेल चुके हैं, नेट्स में उनके सबसे सक्रिय सहयोगी हैं। तनिष्क उन्हें गुगली तेज करने, ड्रिफ्ट और टर्न बढ़ाने के सुझाव देते हैं। माता-पिता ने यूएई की 50 डिग्री गर्मी में भी बाउंड्री के पास बैठकर दोनों भाइयों का हौसला बढ़ाया। सूरी ने कहा, 'उनके बिना, हम आज जहां हैं, वहां नहीं पहुंच पाते।'
क्रिकेट के आदर्श और भविष्य की योजना
टी20 के लिए सूरी नूर अहमद की गति और विविधताओं से प्रेरणा लेते हैं, जबकि 50 ओवरों के खेल के लिए कुलदीप यादव की गेंद की ट्रैजेक्टरी उनका अध्ययन का विषय है। फिलहाल वे यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ दिन में पाँच-छह घंटे पढ़ाई और उतने ही घंटे ट्रेनिंग करते हैं। एशिया कप के बाद वे सीधे अबू धाबी टी10 लीग में हिस्सा लेंगे। उन्होंने टीम प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए कहा, 'हम एक अच्छी चुनौती की तलाश में हैं और उम्मीद है कि सेमीफाइनल में पहुंचकर सभी को चौंका देंगे।'