4 अक्टूबर 2026
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बहराइच में ओवैसी का सपा-कांग्रेस पर प्रहार: 'मुस्लिमों की राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं चाहते ये दल'

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बहराइच में ओवैसी का सपा-कांग्रेस पर प्रहार: 'मुस्लिमों की राजनीतिक हिस्सेदारी नहीं चाहते ये दल'

सारांश

बहराइच में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सपा और कांग्रेस दोनों पर एक साथ प्रहार किया — सपा पर मुस्लिमों को वोट-बैंक तक सीमित रखने का आरोप, और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के चुनाव-विरोधी बयान पर करारा तंज। यह यूपी में AIMIM की आक्रामक राजनीतिक पुनर्स्थापना की कोशिश है।

मुख्य बातें

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 4 अक्टूबर 2026 को बहराइच, उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस पर कड़े आरोप लगाए।
ओवैसी का आरोप — सपा चाहती है कि मुस्लिम समाज वोट दे और चुप रहे, अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी न माँगे।
AIMIM को BJP की 'बी टीम' कहे जाने के आरोपों पर ओवैसी ने पलटवार किया और विपक्षी दलों के रवैये पर सवाल उठाए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बैलेट पेपर-चुनाव वाले बयान पर ओवैसी ने कर्नाटक, तेलंगाना और केरल की सरकारों की वैधता पर प्रश्न किया।
ओवैसी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध दोहराया, बताया कि बिहार मामले में वे सर्वोच्च न्यायालय तक गए थे।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 4 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के बहराइच में आयोजित एक जनसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) पर तीखे आरोप लगाए। ओवैसी ने कहा कि ये दल कभी नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज की अपनी कोई स्वतंत्र राजनीतिक ताकत बने। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चुनावों को लेकर दिए गए बयान पर भी तंज कसा।

सपा पर लगाए गंभीर आरोप

ओवैसी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2014 के बाद हुए चुनावों में सपा लगातार हार का सामना करती रही है, फिर भी मुस्लिम समाज को वोट-बैंक से अधिक कुछ नहीं माना गया। उन्होंने कहा, 'सपा के लोग बस यह चाहते हैं कि अब्दुल सिर्फ दरी बिछाए, भैया के आगे-पीछे दौड़ता रहे और वोट देकर फिर सो जाए। हमारी मस्जिदें टूटती रहें, झूठे इल्जाम लगाकर एनकाउंटर कर दिया जाए या फिर जेल में डाल दिया जाए।'

ओवैसी का आरोप है कि ये दल कभी नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज अपने मान-सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी की बात करे। उन्होंने इसे मुस्लिम मतदाताओं के साथ दशकों पुराने राजनीतिक छल की संज्ञा दी।

भाजपा की 'बी टीम' के आरोपों पर पलटवार

AIMIM को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी पार्टी बताए जाने के आरोपों पर ओवैसी ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वाले अहंकार में डूबे हुए हैं और इन बयानों से मुस्लिम समाज के प्रति उनकी वास्तविक सोच उजागर होती है। ओवैसी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'खुशखबरी यह है कि अब हम भाजपा की 'बी टीम' नहीं रहे, क्योंकि हार का ठीकरा ये लोग मुझ पर ही फोड़ते आ रहे हैं। अब ये यह भी कह दें कि उनकी हार के पीछे हमारी पार्टी वजह नहीं रही है।'

खड़गे के बयान पर तंज

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने संबंधी बयान पर ओवैसी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को ही अवैध बताया जा रहा है, तो कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कांग्रेस की अपनी सरकारों की वैधता पर क्या रुख है। यह ओवैसी का कांग्रेस के विरोधाभासी रवैये पर सीधा प्रश्न था।

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विरोध

ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वह पहले भी SIR के विरोध में थे और अब भी हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में SIR को लेकर वे सर्वोच्च न्यायालय तक गए थे और शीर्ष अदालत ने इस मामले में अपना निर्णय दिया था। ओवैसी ने दावा किया कि आम जनता SIR की प्रक्रिया से परेशान है।

आगे क्या

ओवैसी का बहराइच दौरा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि तैयार हो रही है। AIMIM की यह आक्रामक रणनीति — सपा और कांग्रेस दोनों पर एक साथ प्रहार — संकेत देती है कि पार्टी यूपी में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान मुस्लिम मतदाताओं में वैकल्पिक राजनीतिक नेतृत्व की माँग को भुनाने का प्रयास हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार ओवैसी की प्रतिक्रिया उनकी प्रासंगिकता बनाए रखती है — यह उस विरोधाभास की ओर इशारा करता है जिसे कोई भी पक्ष खुलकर स्वीकार नहीं करना चाहता।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने बहराइच में सपा पर क्या आरोप लगाए?
ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी कभी नहीं चाहती कि मुस्लिम समाज की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक ताकत बने। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद हुए चुनावों में सपा लगातार हार का सामना करती रही, लेकिन मुस्लिम समाज को वोट-बैंक से अधिक नहीं समझा गया।
AIMIM को BJP की 'बी टीम' कहे जाने पर ओवैसी ने क्या कहा?
ओवैसी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने वाले अहंकार में डूबे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अब विपक्षी दलों को यह भी स्वीकार करना चाहिए कि उनकी हार के पीछे AIMIM वजह नहीं रही।
ओवैसी ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के किस बयान पर सवाल उठाए?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा और विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से नए चुनाव कराने की बात कही थी। ओवैसी ने पूछा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को ही अवैध बताया जा रहा है, तो कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कांग्रेस की सरकारों की वैधता पर क्या रुख है।
ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर क्या कहा?
ओवैसी ने कहा कि वह SIR के पहले से विरोध में हैं और अब भी हैं। उन्होंने बताया कि बिहार में SIR को लेकर वे सर्वोच्च न्यायालय तक गए थे और शीर्ष अदालत ने इस मामले में अपना फैसला दिया था। उनका दावा है कि आम जनता इस प्रक्रिया से परेशान है।
ओवैसी का बहराइच दौरा राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
बहराइच उत्तर प्रदेश का एक मुस्लिम-बहुल क्षेत्र है और AIMIM यहाँ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है। सपा और कांग्रेस दोनों पर एक साथ निशाना साधकर ओवैसी मुस्लिम मतदाताओं के बीच विकल्प के रूप में AIMIM को स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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