ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान: सपा-कांग्रेस मुस्लिमों को सिर्फ वोट बैंक मानती हैं, ओवैसी सही कह रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 5 अक्टूबर 2026 को अंबेडकर नगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियाँ मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती हैं और सत्ता में आने के बाद उन्हें हाशिये पर धकेल देती हैं।
ओवैसी के बयान का समर्थन
राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयानों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ओवैसी ने बहराइच में एक जनसभा में जो कहा — 'दरी नहीं बिछाएंगे, हम वोट बैंक नहीं हैं और हमें हमारा हक मिलना चाहिए' — वह बिल्कुल सही है। राजभर के अनुसार, ओवैसी का यह बयान मुस्लिम समुदाय की राजनीतिक उपेक्षा की वास्तविकता को सामने रखता है।
सपा पर सीधा निशाना
अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए राजभर ने कहा कि जहाँ भी कोई मुस्लिम प्रत्याशी खड़ा होता है, सपा वहाँ यादव प्रत्याशी उतारकर उसे दबाने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुसलमानों के समर्थन पर चार बार सरकार बनाई, लेकिन एक बार भी किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री बनाने की बात नहीं की।
राजभर ने कहा कि सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव ने केवल अपनी बिरादरी को आगे बढ़ाया, जबकि मुस्लिम समुदाय को दरी बिछवाने और दंगे देखने पर मजबूर होना पड़ा।
कांग्रेस पर भी आरोप
राजभर ने कांग्रेस को भी इसी श्रेणी में रखा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की पार्टी भी मुस्लिम वोट लेकर सत्ता में आती रही, लेकिन सरकार बनने के बाद अपने दांव-पेच में उलझ जाती है और मुस्लिम समुदाय के हितों की अनदेखी होती रहती है। उनके अनुसार, सपा और कांग्रेस 'एक सिक्के के दो पहलू' हैं।
एसआईआर विवाद पर राजभर का पलटवार
देशभर में चल रहे एसआईआर (SIR) से जुड़े प्रदर्शनों पर राजभर ने कहा कि जनता विपक्ष को पहले ही नकार चुकी है और अब ये लोग अपनी हार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर थोप रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि 2014 में जब कांग्रेस की पूरे देश की व्यवस्था पर पकड़ थी, तब भी जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना। उसी तरह यूपी में सपा की सरकार रहते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बहुमत मिला — इन दोनों उदाहरणों से साफ है कि जनता का फैसला सत्तारूढ़ दल के पक्ष में नहीं था।
2027 विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी दलों की तैयारियाँ तेज़ होने लगी हैं। राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर भी कहा कि दोनों पार्टियाँ सीट बँटवारे पर आपस में ही उलझी हुई हैं और जनता को भ्रमित करने का काम कर रही हैं। गौरतलब है कि राजभर स्वयं सुभासपा (SBSP) के नेता हैं और फिलहाल BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन में सहयोगी हैं, ऐसे में उनका यह बयान राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यूपी की राजनीति में मुस्लिम प्रतिनिधित्व का सवाल और अधिक केंद्र में आ सकता है।