सपा-कांग्रेस गठबंधन तय, बस घोषणा बाकी: सपा सांसद रमाशंकर राजभर का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रमाशंकर राजभर ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन व्यावहारिक रूप से तय हो चुका है — केवल आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से दोनों दलों की ओर से गठबंधन पर कोई सार्वजनिक बयान न आना, स्वयं इस बात का प्रमाण है।
गठबंधन पर राजभर का बयान
सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा, 'अपेक्षा करना कोई गलत बात नहीं है। लेकिन आप देख रहे होंगे कि पिछले 15 दिनों से समाजवादी पार्टी या कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई बात सामने नहीं आ रही है। सबको सोचना चाहिए कि इसका मतलब यह है कि गठबंधन तय हो चुका है, बस घोषणा बाकी है। समय आने पर हमारे नेता इसकी घोषणा भी कर देंगे।'
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विपक्षी एकजुटता को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भी सपा और कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ा था।
ओवैसी के बयान पर पलटवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने जाति और धर्म के आधार पर दिए जाने वाले वक्तव्यों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह तय करने वाले ओवैसी कौन होते हैं कि 'अब्दुल कालीन बिछाएगा या राज करेगा।' राजभर ने आगे पूछा कि यदि अब्दुल कालीन नहीं बिछाने वाला, तो अब तक वह किसके लिए कालीन बिछाता रहा है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि ऐसे बयान किसके प्रभाव में आकर दिए जा रहे हैं।
राजभर ने नेताओं से आग्रह किया कि वे विचार करें कि जाति और धर्म पर आधारित बयानों का देश की जनता पर क्या असर पड़ता है।
परिसीमन बिल पर DMK और केंद्र सरकार
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) द्वारा परिसीमन बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन करने की खबरों पर राजभर ने संदेह जताया। उन्होंने कहा कि परिसीमन बिल की मंशा से दक्षिण भारत को सबसे अधिक नुकसान हो सकता है, और ऐसे में दक्षिण भारत की राजनीति करने वाली DMK का इस विधेयक का समर्थन करना उन्हें संभव नहीं लगता।
उन्होंने याद दिलाया कि DMK ने पिछली बार परिसीमन बिल का कड़ा विरोध किया था। यदि सरकार यह विधेयक फिर से लाती है, तो राजभर ने इसे 'तुगलकी फैसला' करार दिया।
संसद की कार्यवाही पर निशाना
राजभर ने संसद सत्र को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 19 दिनों तक सदन चलने के बावजूद एक घंटे भी सही ढंग से कामकाज नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आगे की रणनीति के लिए पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का इंतज़ार है।
राजभर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार परिसीमन बिल लेकर आती है, तो उसे व्यापक आलोचना झेलनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के हित में काम नहीं कर रही है। आने वाले दिनों में सपा-कांग्रेस गठबंधन की आधिकारिक घोषणा उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर को और स्पष्ट करेगी।