UP 2027 सीट बंटवारा: दिवाली तक खुशखबरी देंगे, सपा सांसद रमाशंकर राजभर का कांग्रेस के 200 सीट दावे पर जवाब
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने 25 अक्टूबर 2026 को बलिया में कहा कि इंडिया गठबंधन के भीतर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तैयार हो चुका है और दिवाली तक आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। उन्होंने कांग्रेस के 200 सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे को न्यायसंगत ठहराते हुए कहा कि गठबंधन के हर दल को अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
सीट बंटवारे पर राजभर का रुख
रमाशंकर राजभर ने कहा, 'गठबंधन दल को दावा प्रस्तुत करने का अधिकार है। हर दल चाहता है कि अधिक सीटें हमको मिलें, लेकिन शुरू से ही हमारे बड़े नेताओं की यह राय है — चाहे वे कांग्रेस के हों या समाजवादी पार्टी के — कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को पीडीए के साथ हराना है। जीत का फॉर्मूला बन चुका है और मैं समझता हूं कि दिवाली तक यह खुशखबरी आप लोगों को मिल जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस का 200 सीटें मांगना अस्वाभाविक नहीं है, क्योंकि परीक्षण में यह स्वतः स्पष्ट हो जाएगा कि उनमें से कितनी सीटें जीती जा सकती हैं।
भाजपा के गठबंधन पर तंज
राजभर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी दलों की सीट माँगों पर भी तीखा हमला बोला। उनके अनुसार BJP के कुछ सहयोगी दल जिन्हें तीन सीटें मिलने की उम्मीद है, वे 33 सीटों की माँग कर रहे हैं, और जो दल नौ सीटों के दावेदार हैं, वे 100 सीटें माँग रहे हैं। उन्होंने कहा कि BJP को हराने के लिए केवल जीत मायने रखती है, माँगने की होड़ नहीं।
मतदाता सूची से नाम हटाने का विरोध
सपा सांसद ने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 87 हज़ार मतदाताओं के नाम मतदान सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी ने इसका कारण पूछा, तो कोई उत्तर नहीं मिला — न ये मतदाता मरे हैं, न घर छोड़कर गए हैं। उनके अनुसार, जब तक प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं किया जाता, इंडिया गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो ज्ञानेश कुमार का नाम 'इतिहास के पन्नों में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।'
ब्राह्मण-केवट पोस्टर और जातीय समीकरण
अखिलेश यादव के आवास के बाहर लगे पोस्टर 'ब्राह्मण शंख बजाएगा, केवट पार लगाएगा' पर राजभर ने कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने इसे विभिन्न समुदायों के एकजुट होने का प्रतीक बताया और कहा कि 2027 में सभी को साथ लेकर BJP से उत्तर प्रदेश को मुक्त कराया जाएगा। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा का दावा है कि 50 प्रतिशत छले हुए मतदाता उनके साथ आए, जिसके बूते यूपी में BJP को झटका लगा।
जेएनयू पोस्टर विवाद पर प्रतिक्रिया
जामिया और जेएनयू में लिखे गए आपत्तिजनक नारों पर राजभर ने आरोप लगाया कि यह सत्ता पक्ष की ओर से जनाक्रोश से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बलिया, जेएनयू और लखनऊ के पोस्टर — सभी जनता के वास्तविक गुस्से को मोड़ने के लिए लगाए जा रहे हैं। इस तरह का राजनीतिक विवाद ऐसे समय में उठ रहा है जब उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, महिलाओं पर अत्याचार और स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था की दशा प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। यह 2027 की राजनीतिक बिसात पर गठबंधन और विपक्ष के बीच तेज़ होती नोकझोंक का पहला स्पष्ट संकेत है।