25 अक्टूबर 2026
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UP 2027 सीट बंटवारा: दिवाली तक खुशखबरी देंगे, सपा सांसद रमाशंकर राजभर का कांग्रेस के 200 सीट दावे पर जवाब

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UP 2027 सीट बंटवारा: दिवाली तक खुशखबरी देंगे, सपा सांसद रमाशंकर राजभर का कांग्रेस के 200 सीट दावे पर जवाब

सारांश

दिवाली से पहले यूपी की सियासत गरम है। सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन में जीत का फॉर्मूला तैयार है और दिवाली तक सीट बंटवारे की खुशखबरी आएगी। साथ ही UP में 87 हज़ार मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का गंभीर आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने 25 अक्टूबर 2026 को बलिया में कहा कि दिवाली तक इंडिया गठबंधन में UP 2027 के लिए सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा होगी।
कांग्रेस के 200 सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे को राजभर ने जायज़ ठहराया, कहा — 'मांगने में कोई ऐतराज नहीं।' उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 87 हज़ार मतदाताओं के नाम मतदान सूची से बिना कारण बताए हटाए गए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिवाली के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
2024 लोकसभा में 50% छले हुए मतदाताओं के सपा के साथ आने का दावा करते हुए 2027 में BJP की 'सिमटने' की भविष्यवाणी की।

समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने 25 अक्टूबर 2026 को बलिया में कहा कि इंडिया गठबंधन के भीतर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तैयार हो चुका है और दिवाली तक आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। उन्होंने कांग्रेस के 200 सीटों पर चुनाव लड़ने के दावे को न्यायसंगत ठहराते हुए कहा कि गठबंधन के हर दल को अपना पक्ष रखने का अधिकार है।

सीट बंटवारे पर राजभर का रुख

रमाशंकर राजभर ने कहा, 'गठबंधन दल को दावा प्रस्तुत करने का अधिकार है। हर दल चाहता है कि अधिक सीटें हमको मिलें, लेकिन शुरू से ही हमारे बड़े नेताओं की यह राय है — चाहे वे कांग्रेस के हों या समाजवादी पार्टी के — कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को पीडीए के साथ हराना है। जीत का फॉर्मूला बन चुका है और मैं समझता हूं कि दिवाली तक यह खुशखबरी आप लोगों को मिल जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस का 200 सीटें मांगना अस्वाभाविक नहीं है, क्योंकि परीक्षण में यह स्वतः स्पष्ट हो जाएगा कि उनमें से कितनी सीटें जीती जा सकती हैं।

भाजपा के गठबंधन पर तंज

राजभर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सहयोगी दलों की सीट माँगों पर भी तीखा हमला बोला। उनके अनुसार BJP के कुछ सहयोगी दल जिन्हें तीन सीटें मिलने की उम्मीद है, वे 33 सीटों की माँग कर रहे हैं, और जो दल नौ सीटों के दावेदार हैं, वे 100 सीटें माँग रहे हैं। उन्होंने कहा कि BJP को हराने के लिए केवल जीत मायने रखती है, माँगने की होड़ नहीं।

मतदाता सूची से नाम हटाने का विरोध

सपा सांसद ने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 87 हज़ार मतदाताओं के नाम मतदान सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी ने इसका कारण पूछा, तो कोई उत्तर नहीं मिला — न ये मतदाता मरे हैं, न घर छोड़कर गए हैं। उनके अनुसार, जब तक प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल नहीं किया जाता, इंडिया गठबंधन का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो ज्ञानेश कुमार का नाम 'इतिहास के पन्नों में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।'

ब्राह्मण-केवट पोस्टर और जातीय समीकरण

अखिलेश यादव के आवास के बाहर लगे पोस्टर 'ब्राह्मण शंख बजाएगा, केवट पार लगाएगा' पर राजभर ने कहा कि इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्होंने इसे विभिन्न समुदायों के एकजुट होने का प्रतीक बताया और कहा कि 2027 में सभी को साथ लेकर BJP से उत्तर प्रदेश को मुक्त कराया जाएगा। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा का दावा है कि 50 प्रतिशत छले हुए मतदाता उनके साथ आए, जिसके बूते यूपी में BJP को झटका लगा।

जेएनयू पोस्टर विवाद पर प्रतिक्रिया

जामिया और जेएनयू में लिखे गए आपत्तिजनक नारों पर राजभर ने आरोप लगाया कि यह सत्ता पक्ष की ओर से जनाक्रोश से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बलिया, जेएनयू और लखनऊ के पोस्टर — सभी जनता के वास्तविक गुस्से को मोड़ने के लिए लगाए जा रहे हैं। इस तरह का राजनीतिक विवाद ऐसे समय में उठ रहा है जब उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, महिलाओं पर अत्याचार और स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था की दशा प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। यह 2027 की राजनीतिक बिसात पर गठबंधन और विपक्ष के बीच तेज़ होती नोकझोंक का पहला स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वही असली खबर होगी। 87 हज़ार मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप गंभीर है, लेकिन इसे स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत है — अभी तक यह केवल सपा का दावा है, चुनाव आयोग का पक्ष सामने नहीं आया। 2027 की असली परीक्षा जातीय नारों और गठबंधन की गणित से नहीं, बल्कि ज़मीनी मुद्दों — बेरोज़गारी, कानून-व्यवस्था — पर ठोस विकल्प देने से होगी।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने दिवाली तक किस खुशखबरी की बात कही?
रमाशंकर राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश 2027 विधानसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन में जीत का फॉर्मूला तैयार हो चुका है और दिवाली तक सीट बंटवारे की आधिकारिक घोषणा हो जाएगी। उन्होंने यह बात 25 अक्टूबर 2026 को बलिया में मीडिया से बातचीत में कही।
कांग्रेस के 200 सीटों के दावे पर सपा का क्या रुख है?
सपा सांसद राजभर ने कांग्रेस के 200 सीटों के दावे को जायज़ ठहराया और कहा कि गठबंधन दल को अपना पक्ष रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि परीक्षण में यह स्वतः स्पष्ट हो जाएगा कि कितनी सीटें वास्तव में जीती जा सकती हैं, और जीत ही अंतिम मापदंड है।
UP में 87 हज़ार मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप क्या है?
सपा सांसद राजभर ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 87 हज़ार मतदाताओं के नाम मतदान सूची से बिना कोई कारण बताए हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि ये मतदाता न मरे हैं, न घर छोड़कर गए हैं — और इसके लिए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। यह आरोप अभी सपा की ओर से है; चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
'ब्राह्मण शंख बजाएगा, केवट पार लगाएगा' पोस्टर का क्या मतलब है?
यह नारा अखिलेश यादव के आवास के बाहर लगाए गए पोस्टर पर था, जिसे सपा सांसद राजभर ने 2027 के लिए ब्राह्मण और केवट सहित विभिन्न समुदायों को एकजुट करने की भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह जातीय समन्वय का संदेश है और इसमें कोई बुराई नहीं है।
2027 चुनाव में इंडिया गठबंधन की रणनीति क्या है?
इंडिया गठबंधन की रणनीति पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ ब्राह्मण समेत अन्य समुदायों को जोड़ने की है। सपा का दावा है कि 2024 लोकसभा में 50 प्रतिशत नाराज़ मतदाता उनके साथ आए थे और 2027 में इसी आधार पर BJP को सत्ता से बाहर किया जाएगा। सीट बंटवारे की घोषणा दिवाली तक होने का आश्वासन दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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