ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला: '10 साल बाद भी जनता विनाशकारी कार्यकाल नहीं भूली'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 1 सितंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और कहा कि 2012-2017 के उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल को आज भी जनता नहीं भूली है। राजभर ने दावा किया कि ज़मीनी स्तर पर अखिलेश यादव के खिलाफ माहौल है और वे जनता के सामने सीधे आने से कतरा रहे हैं।
पीडीए पर पलटवार
अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन और जाति देखकर एनकाउंटर के आरोपों पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पीडीए में असल में केवल यादव और मुस्लिम हैं। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव पाँच वर्ष सरकार में रहे, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झाँककर देखना चाहिए।' राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश सरकार में आयोग 'यादव आयोग' बन गया था और उच्च न्यायालय की फटकार के बाद उसे हटाना पड़ा था।
सैफई और मुज़फ्फरनगर दंगों का ज़िक्र
सपा मुख्यालय में चलाए गए एआई वीडियो का संदर्भ देते हुए राजभर ने कहा कि जब मुज़फ्फरनगर दंगे हो रहे थे, उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सैफई में नाच-गाने के कार्यक्रम देख रहे थे। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उनकी सरकार जाने के बाद पिछले 9 वर्षों से सैफई में वैसे आयोजन नहीं हुए हैं।
राहुल गांधी और सपा एमएलसी के बयान पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर और अखिलेश यादव द्वारा उनका समर्थन किए जाने पर राजभर ने कहा कि देश कानून से चलता है और विपक्ष का काम विरोध करना है — वे अपना काम कर रहे हैं। सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव के विवादित बयान पर उन्होंने कहा कि ये लोग मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं और मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।
एक्स पर राजभर का सीधा संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित किया। उन्होंने लिखा कि 'एसी कमरे में बैठकर पीसी करके चुनाव नहीं लड़ा जाता, जमीन पर आइए।' राजभर ने यह भी लिखा कि अखिलेश के अपने कार्यकर्ताओं के घर की महिलाएँ भी उनके कार्यकाल से डरती हैं।
उन्होंने आगे लिखा कि 2012-2017 के बीच उत्तर प्रदेश में दंगा, अपराध, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के ऐसे उदाहरण हैं जिन्हें याद करके रूह काँप जाती है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव के अपने समुदाय और एक विशेष धर्म के कुछ लोगों को छोड़कर कोई उनके साथ नहीं है।
मौलाना रशीदी के बयान पर तीखी टिप्पणी
मौलाना साजिद रशीदी के 'इस्लामी कानून' वाले बयान पर राजभर ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार रोकना पहले उन्हें अपने धर्म के भीतर सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में संविधान और कानून का राज है और किसी अलग कानून की कोई ज़रूरत नहीं है। आगे चलकर यह देखना होगा कि सपा इन हमलों का राजनीतिक जवाब किस रूप में देती है।