अफगानिस्तान पहली बार ICC वनडे रैंकिंग में छठे स्थान पर, श्रीलंका-इंग्लैंड पिछड़े
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान ने 2 नवंबर 2026 को पहली बार ICC मेंस वनडे टीम रैंकिंग में छठा स्थान हासिल कर लिया, 94 रेटिंग पॉइंट्स के साथ श्रीलंका को पीछे छोड़ते हुए। 2009 में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में कदम रखने वाली इस टीम ने महज डेढ़ दशक में बांग्लादेश, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी स्थापित टीमों को रैंकिंग में पछाड़ दिया है।
मौजूदा रैंकिंग का पूरा चित्र
भारत 115 रेटिंग पॉइंट्स के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि न्यूजीलैंड 109 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान दोनों 104 पॉइंट्स के साथ क्रमशः तीसरे और चौथे तथा ऑस्ट्रेलिया 102 पॉइंट्स के साथ पाँचवें पायदान पर है।
अफगानिस्तान के ठीक पीछे श्रीलंका भी 94 पॉइंट्स के साथ सातवें स्थान पर है — दोनों टीमों के पॉइंट बराबर हैं, लेकिन रेटिंग के दशमलव अंतर में अफगानिस्तान आगे है। इंग्लैंड (93 पॉइंट्स) आठवें, बांग्लादेश (81 पॉइंट्स) नौवें और वेस्टइंडीज (79 पॉइंट्स) दसवें स्थान पर है।
अफगानिस्तान की उपलब्धियाँ जो यहाँ तक ले आईं
अफगानिस्तान ने अपने 191 वनडे मुकाबलों में से 96 जीते हैं — यह जीत का अनुपात किसी भी उभरती क्रिकेट शक्ति के लिए उल्लेखनीय है। ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में टीम ने पाकिस्तान और श्रीलंका के विरुद्ध ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दुनिया का ध्यान खींचा था।
गौरतलब है कि यह प्रगति केवल 50 ओवर के प्रारूप तक सीमित नहीं रही। ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप 2024 में अफगानिस्तान ने पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई, जो टीम के समग्र विकास का प्रमाण है।
हालिया श्रृंखलाओं में दमदार प्रदर्शन
रैंकिंग में इस उछाल के पीछे ताज़ा नतीजों की भी बड़ी भूमिका है। अफगानिस्तान ने आयरलैंड के विरुद्ध वनडे श्रृंखला में 4-0 से क्लीन स्वीप किया। इसके बाद ज़िम्बाब्वे और बांग्लादेश के साथ हुई त्रिकोणीय श्रृंखला में टीम अजेय रही और खिताब अपने नाम किया।
सबसे हाल में, अफगानिस्तान ने ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध T20 श्रृंखला में भी 3-0 से क्लीन स्वीप किया, जिससे टीम का आत्मविश्वास चरम पर है।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट की 'बड़ी टीमें' जैसे इंग्लैंड और वेस्टइंडीज लगातार उतार-चढ़ाव से गुज़र रही हैं। अफगानिस्तान का उभार न केवल क्रिकेट के भौगोलिक विस्तार का संकेत है, बल्कि यह ICC की 'क्रिकेट फॉर ऑल' नीति की व्यावहारिक सफलता का उदाहरण भी है।
आने वाले महीनों में अफगानिस्तान की चुनौती यह होगी कि वह इस रैंकिंग को बनाए रखे और शीर्ष-5 की दिशा में अपनी दावेदारी मजबूत करे।