वनडे विश्व कप 2027: अफगानिस्तान ने क्वालीफाई किया, टूर्नामेंट की 10 टीमें तय
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान ने 11 अगस्त 2025 को आयरलैंड के खिलाफ पाँच मैचों की वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में 3 विकेट से जीत दर्ज कर वनडे विश्व कप 2027 में सीधी एंट्री हासिल कर ली। यह विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होगा। इस जीत के साथ टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली कुल 10 टीमें तय हो गई हैं।
अफगानिस्तान की ऐतिहासिक जीत और विश्व कप का सफर
अफगानिस्तान पहले भी वनडे विश्व कप 2023 (भारत) में हिस्सा ले चुकी है, जहाँ उसने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंकाया था। उस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान ने श्रीलंका, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी पूर्व विश्व चैंपियन टीमों को मात दी थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टीम जीत के करीब पहुँची थी, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल के ऐतिहासिक दोहरे शतक ने पासा पलट दिया था। 2027 में एक बार फिर अफगानिस्तान के प्रदर्शन पर सबकी नज़र रहेगी।
वनडे विश्व कप 2027 की 10 क्वालीफाइड टीमें
अफगानिस्तान के क्वालीफाई करने के साथ ही वनडे विश्व कप 2027 में सीधे जगह बनाने वाली 10 टीमें इस प्रकार हैं — भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे। मेजबान होने के नाते दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पहले ही क्वालीफाई कर चुके थे।
वेस्टइंडीज की मुश्किलें — फिर क्वालीफायर की राह
वेस्टइंडीज एक बार फिर सीधे क्वालीफाई करने में नाकाम रही। यह लगातार दूसरा मौका है जब दो बार की विश्व चैंपियन टीम को क्वालीफाइंग टूर्नामेंट से गुज़रना होगा। वनडे विश्व कप 2023 में वेस्टइंडीज क्वालीफाई नहीं कर सकी थी — यह उसके इतिहास में पहला ऐसा विश्व कप था जिसका वह हिस्सा नहीं बनी।
वेस्टइंडीज को अगले साल फरवरी में होने वाले क्वालीफायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होगा। क्वालीफायर विजेता को 2027 विश्व कप के दूसरे राउंड में सीधी एंट्री मिलेगी, जबकि दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें 'सुपर सीरीज' नामक पहले राउंड में खेलेंगी।
आगे क्या होगा
शेष स्थानों के लिए क्वालीफायर प्रक्रिया जारी रहेगी। वेस्टइंडीज समेत अन्य टीमों की किस्मत फरवरी 2026 के क्वालीफायर में तय होगी। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, वेस्टइंडीज की लगातार दूसरी क्वालीफाइंग विफलता वेस्टइंडीज क्रिकेट की गिरती प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को रेखांकित करती है।