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आयुर्वेद विस्तार: नए मेडिकल कॉलेज और अधिक सीटें, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव का बड़ा ऐलान

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आयुर्वेद विस्तार: नए मेडिकल कॉलेज और अधिक सीटें, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव का बड़ा ऐलान

सारांश

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने आयुर्वेद को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा से जोड़ने का रोडमैप पेश किया — नए कॉलेज, अधिक सीटें, बीमा कवर और आयुष्मान भारत के ज़रिए आम आदमी तक पहुँच। 23 सितंबर को नागपुर में आयुर्वेद दिवस का बड़ा आयोजन।

मुख्य बातें

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने 7 सितंबर 2026 को कहा कि सरकार नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खोलने और सीटें बढ़ाने पर काम कर रही है।
NCISM के नियमों के तहत मान्यता प्राप्त पुराने कॉलेजों में सीट वृद्धि और नए कॉलेजों को अनुमति दी जा रही है।
CGHS में आयुर्वेद पैकेज लाए गए हैं; आयुष्मान भारत के ज़रिए सभी अस्पतालों में पैकेज लाने की कोशिश जारी है।
कई बीमा कंपनियाँ अब आयुर्वेदिक उपचार को अपनी योजनाओं में शामिल कर रही हैं।
23 सितंबर 2026 को नागपुर में आयुर्वेद दिवस का मुख्य कार्यक्रम; थीम — 'स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद' ।
मंत्री ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों से गाँव-गाँव शिविर लगाने और जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।

केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि केंद्र सरकार देशभर में नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खोलने और मौजूदा कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती माँग को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

जाधव ने स्पष्ट किया कि जिन पुराने कॉलेजों का बुनियादी ढाँचा उचित स्तर का है और जो नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) के नियमों के अंतर्गत संचालित हो रहे हैं, उनमें सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही नए कॉलेजों को भी सरकार की ओर से अनुमति प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर हो रहा है और कई बीमा कंपनियाँ भी अब इसे मान्यता देते हुए अपनी योजनाओं में शामिल हो रही हैं। केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) में भी आयुर्वेद के पैकेज लाए गए हैं।

आयुष्मान भारत से जुड़ाव

मंत्री जाधव ने बताया कि आम नागरिकों को आयुर्वेदिक उपचार सुलभ कराने के लिए सरकार आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से सभी अस्पतालों में आयुर्वेद के पैकेज लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रयासों को जल्द ही सफलता मिलेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य नीति में शामिल करने की माँग तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय पिछले कुछ वर्षों में नीतिगत प्राथमिकताओं में लगातार ऊपर आया है।

आयुर्वेद दिवस 2026 की तैयारी

जाधव ने बताया कि इस वर्ष आयुर्वेद दिवस के अवसर पर 23 सितंबर को नागपुर में एक प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

कार्यक्रम की थीम 'स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद' रखी गई है, जो देश की समृद्ध आयुर्वेदिक विरासत को भविष्य की बदलती स्वास्थ्य ज़रूरतों से जोड़ने के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। इसके अलावा आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वैद्यों को भी आमंत्रित किया गया है।

ज़मीनी स्तर पर जागरूकता अभियान

मंत्री ने देशभर के आयुर्वेदिक चिकित्सकों और कॉलेजों से आग्रह किया है कि वे गाँव-गाँव जाकर आयुर्वेदिक शिविर लगाएँ और आयुर्वेद दिवस को उत्साहपूर्वक मनाएँ। उनका लक्ष्य है कि आयुर्वेद की जानकारी आम जनता तक व्यापक रूप से पहुँचे।

आने वाले महीनों में NCISM के दिशानिर्देशों के तहत नए कॉलेजों की स्वीकृति प्रक्रिया और तेज़ होने की संभावना है, जिससे देश में आयुर्वेदिक शिक्षा का आधार और मज़बूत होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल गुणवत्ता नियंत्रण का है — कॉलेजों की संख्या और सीटें बढ़ाना तभी सार्थक होगा जब शिक्षा का स्तर और नैदानिक प्रशिक्षण भी उसी अनुपात में सुधरे। आयुष्मान भारत में आयुर्वेद पैकेज लाने की घोषणा महत्त्वपूर्ण है, किंतु इसके क्रियान्वयन की समयसीमा अभी भी अस्पष्ट है। बीमा कंपनियों की भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है, परंतु मानकीकृत उपचार प्रोटोकॉल के बिना यह कवरेज असमान रह सकती है। नागपुर में आयुर्वेद दिवस का भव्य आयोजन राजनीतिक दृष्टि से प्रासंगिक है, पर दीर्घकालिक प्रभाव तभी होगा जब ज़मीनी स्तर पर शिविरों और जागरूकता अभियानों को संस्थागत समर्थन मिले।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरकार आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों का विस्तार कैसे कर रही है?
केंद्र सरकार NCISM के नियमों के तहत मान्यता प्राप्त पुराने कॉलेजों में सीटें बढ़ा रही है और नए कॉलेजों को अनुमति दे रही है। आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव के अनुसार यह कदम आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है।
आयुष्मान भारत में आयुर्वेद पैकेज कब तक आएगा?
आयुष मंत्री जाधव ने कहा है कि सरकार आयुष्मान भारत के माध्यम से सभी अस्पतालों में आयुर्वेद पैकेज लाने की कोशिश कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इसमें सफलता मिलेगी। हालाँकि इसकी कोई निश्चित समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
आयुर्वेद दिवस 2026 कब और कहाँ मनाया जाएगा?
आयुर्वेद दिवस 2026 का मुख्य कार्यक्रम 23 सितंबर को नागपुर में आयोजित होगा। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
CGHS में आयुर्वेद को कैसे शामिल किया गया है?
केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) में आयुर्वेद के उपचार पैकेज लाए गए हैं, जिससे सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार आयुर्वेदिक उपचार का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा कई बीमा कंपनियाँ भी आयुर्वेद को अपनी योजनाओं में शामिल कर रही हैं।
आयुर्वेद दिवस 2026 की थीम क्या है?
इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम 'स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद' रखी गई है। यह थीम भारत की आयुर्वेदिक विरासत को भविष्य की बदलती स्वास्थ्य ज़रूरतों से जोड़ने के सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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