तमिलनाडु: थेनी जेल से 17 कैदी फरार के बाद CM विजय ने उच्चस्तरीय सुरक्षा समिति बनाई
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के फरार होने की चौंकाने वाली घटना के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 2 नवंबर 2026 को राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था की समग्र समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया। यह समिति पूर्व पुलिस महानिदेशक जे.के. त्रिपाठी, आईपीएस (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में काम करेगी और राज्य की जेलों में सुरक्षा खामियों की पड़ताल कर व्यापक सुधार की सिफारिशें देगी।
क्यों हुआ समिति का गठन
थेनी जिला जेल से 17 कैदियों के एक साथ फरार होने की घटना ने राज्य की जेल प्रशासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने स्वयं राज्य की सभी जेलों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उसी समीक्षा से प्राप्त जानकारियों के आधार पर उन्होंने इस समिति के गठन का निर्देश दिया। गौरतलब है कि यह घटना तमिलनाडु में हाल के महीनों में जेल सुरक्षा से जुड़ी उन बढ़ती चिंताओं की पृष्ठभूमि में आई है, जो राज्य सरकार के लिए प्रशासनिक चुनौती बनती जा रही हैं।
समिति की संरचना और सदस्य
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार समिति के सदस्यों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं जेल व सुधार सेवा महानिदेशक थिरु के. शंकर, आईपीएस और सेवानिवृत्त जेल उप-महानिरीक्षक थिरु एस. राजेंद्रन शामिल होंगे।
यह समिति न केवल फरार होने की घटनाओं की जांच करेगी, बल्कि मौजूदा सुरक्षा ढाँचे, मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी), तकनीकी कमियों और कर्मचारियों की तैनाती का भी विस्तृत आकलन करेगी।
समिति का कार्यक्षेत्र
सरकार ने बताया कि समिति तीन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी — जेलों में सुरक्षा चूक के कारण, निगरानी तकनीक में मौजूद कमजोरियाँ, और ड्यूटी में संभावित लापरवाही। इसके अलावा समिति देश और विदेश में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक उपाय सुझाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में जेल सुरक्षा के आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन को लेकर बहस तेज हो रही है। तमिलनाडु की इस पहल को उस दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जेलों की सुरक्षा को 'युद्ध स्तर पर' मजबूत किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने संकेत दिया है कि समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपेगी।
आगे क्या होगा
समिति की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार जेल सुरक्षा में बड़े संरचनात्मक बदलावों की दिशा में आगे बढ़ सकती है। थेनी जेल-कांड के बाद राज्य की जनता और विपक्ष दोनों की नजर अब इस समिति की सिफारिशों और उन पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।