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चिरंजीवी और राम चरण ने अमित शाह से मांगा डीपफेक के खिलाफ सख्त कानून, AI दुरुपयोग पर बड़ी बैठक

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चिरंजीवी और राम चरण ने अमित शाह से मांगा डीपफेक के खिलाफ सख्त कानून, AI दुरुपयोग पर बड़ी बैठक

सारांश

तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और राम चरण ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर AI और डीपफेक तकनीकों के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कानून की माँग रखी। शाह ने तत्काल समीक्षा का आश्वासन दिया और मंत्री जी. किशन रेड्डी को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी — यह बैठक भारतीय मनोरंजन उद्योग की डिजिटल सुरक्षा की लड़ाई में एक अहम कदम हो सकती है।

मुख्य बातें

चिरंजीवी और राम चरण ने 2 नवंबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर AI और डीपफेक दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कानून की मांग रखी।
चिरंजीवी ने पूरे फिल्म उद्योग की ओर से कलाकारों के अधिकारों, सम्मान और रचनात्मक सामग्री की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल समीक्षा और मजबूत दंडात्मक प्रावधानों पर काम करने का आश्वासन दिया।
किशन रेड्डी को इस मामले के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
राम चरण ने इंस्टाग्राम पर मुलाकात का ब्यौरा साझा करते हुए सरकार के आश्वासन को 'प्रेरणादायक' बताया।

तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और उनके बेटे अभिनेता राम चरण ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा डीपफेक तकनीकों के बढ़ते दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान बनाने की मांग रखी। करीबी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक फिल्म उद्योग की व्यापक चिंताओं को सरकार तक पहुँचाने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।

मुलाकात की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि चिरंजीवी ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर कलाकारों को निशाना बनाकर बनाए जा रहे मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी। उस पोस्ट के बाद उन्होंने इस विषय को केवल ऑनलाइन बहस तक सीमित न रखते हुए गृह मंत्री से समय मांगा और मामले को राष्ट्रीय नीति-निर्माण स्तर पर उठाया।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत समेत दुनियाभर में AI-जनित नकली वीडियो और डीपफेक के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और मनोरंजन जगत की हस्तियाँ इसका सबसे अधिक शिकार बन रही हैं।

चिरंजीवी ने गृह मंत्री के सामने क्या रखा

सूत्रों के अनुसार, चिरंजीवी ने गृह मंत्री के समक्ष AI और डीपफेक तकनीकों के दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाले गंभीर खतरों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तकनीक का दुरुपयोग कलाकारों की प्रतिष्ठा, उनके अधिकारों और मौलिक रचनात्मक सामग्री — तीनों को एक साथ नुकसान पहुँचाता है। उन्होंने पूरे फिल्म उद्योग की ओर से कड़े सुरक्षा उपायों और दंडात्मक प्रावधानों की माँग रखी।

सरकार की प्रतिक्रिया

बताया गया कि गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों कलाकारों की बात ध्यान से सुनी और आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले की तत्काल समीक्षा करेगी तथा मजबूत सुरक्षा उपायों और सख्त दंडात्मक प्रावधानों पर काम करेगी। उन्होंने चिरंजीवी को इस विषय पर लिखित प्रस्तुति देने की सलाह भी दी।

इसके साथ ही शाह ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को इस मामले के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी, जो स्वयं तेलंगाना से आते हैं और फिल्म उद्योग से परिचित हैं।

राम चरण ने साझा की प्रतिक्रिया

राम चरण ने इस मुलाकात की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की। उन्होंने लिखा, 'आज अपने पिता के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। एआई और डीपफेक तकनीकों के बढ़ते दुरुपयोग तथा कलाकारों और फिल्म उद्योग पर इसके गंभीर प्रभाव को लेकर हमारी चिंताओं पर उनकी समझ और सकारात्मक प्रतिक्रिया उत्साहवर्धक है।'

उन्होंने आगे कहा, 'सरकार द्वारा इस मामले की तत्काल समीक्षा करने और ऐसे दुरुपयोग के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपायों व सख्त कार्रवाई की दिशा में काम करने का आश्वासन बेहद प्रेरणादायक है। उनके समय, समझ और सहयोग के लिए आभारी हूं।'

आगे क्या होगा

चिरंजीवी ने गृह मंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया को फिल्म जगत के लिए एक उत्साहजनक संकेत बताया और उम्मीद जताई कि जल्द ही कलाकारों के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू होंगे। अब नजरें इस बात पर हैं कि लिखित प्रस्तुति के बाद सरकार किस समयसीमा में कानूनी या नियामक कदम उठाती है — और क्या यह पहल केवल बॉलीवुड और टॉलीवुड तक सीमित रहेगी, या पूरे भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए एक व्यापक डिजिटल सुरक्षा नीति का आधार बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा लिखित प्रस्तुति के बाद की कार्रवाई में होगी — भारत में सेलिब्रिटी-सरकार संवाद अक्सर आश्वासन पर खत्म हो जाता है, ठोस विधायी नतीजों पर नहीं। डीपफेक का मुद्दा केवल मनोरंजन उद्योग तक सीमित नहीं है; यह चुनावी धोखाधड़ी, वित्तीय घोटाले और सामाजिक अशांति तक फैला है — फिर भी नीतिगत प्रतिक्रिया अब तक उस पैमाने पर नहीं रही। जी. किशन रेड्डी को समन्वयकर्ता बनाना एक सकारात्मक संकेत है, पर बिना स्पष्ट समयसीमा और स्वतंत्र नियामक ढाँचे के यह पहल भी पिछले 'सरकार विचार करेगी' वाले आश्वासनों की कतार में खड़ी हो सकती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिरंजीवी और राम चरण ने अमित शाह से मुलाकात क्यों की?
दोनों कलाकारों ने AI और डीपफेक तकनीकों के दुरुपयोग से कलाकारों की प्रतिष्ठा और अधिकारों को हो रहे नुकसान के मुद्दे पर गृह मंत्री से मिलकर कड़े कानूनी प्रावधानों की माँग रखी। यह बैठक 2 नवंबर 2026 को हुई।
गृह मंत्री अमित शाह ने क्या आश्वासन दिया?
अमित शाह ने कहा कि सरकार इस मामले की तत्काल समीक्षा करेगी और मजबूत सुरक्षा उपायों व सख्त दंडात्मक प्रावधानों पर काम करेगी। उन्होंने चिरंजीवी को लिखित प्रस्तुति देने की सलाह दी और केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी।
डीपफेक का फिल्म उद्योग पर क्या असर पड़ रहा है?
AI-जनित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो कलाकारों की सहमति के बिना उनकी छवि का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा, व्यक्तिगत अधिकार और मौलिक रचनात्मक सामग्री तीनों प्रभावित होती हैं। चिरंजीवी इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर पहले ही उठा चुके थे।
इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
चिरंजीवी सरकार को एक लिखित प्रस्तुति सौंपेंगे, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के नेतृत्व में समन्वय होगा। अभी तक कोई स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
राम चरण ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
राम चरण ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि गृह मंत्री की समझ और सकारात्मक प्रतिक्रिया 'उत्साहवर्धक' है और सरकार के आश्वासन को उन्होंने 'बेहद प्रेरणादायक' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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