थेनी जेल से भागे 17 कैदियों में 4 गिरफ्तार, डीजी जेल करेंगे जांच — तमिलनाडु कानून मंत्री
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के थेनी जिले की जिला जेल से सोमवार रात फरार हुए 17 कैदियों में से 4 को पकड़ लिया गया है, जबकि शेष 13 की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। राज्य के कानून मंत्री निर्मल कुमार ने कोयंबटूर में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि डीजी जेल के नेतृत्व में सुरक्षा चूक की विस्तृत जांच की जाएगी।
जेल से फरारी का घटनाक्रम
मंत्री के अनुसार, सोमवार रात से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और अब तक 4 कैदी पुनः गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कैदियों के साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जो कथित तौर पर इस फरारी से जुड़ी परिस्थितियों का हिस्सा बताई जा रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि किन सुरक्षा खामियों की वजह से इतनी बड़ी संख्या में कैदी एक साथ भाग सके।
डीजी जेल के नेतृत्व में जांच
कानून मंत्री निर्मल कुमार ने स्पष्ट किया कि जेल महानिदेशक (डीजी जेल) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाएगी। जांच का दायरा व्यापक रखा जाएगा, जिसमें सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था की विफलता को भी परखा जाएगा। गौरतलब है कि थेनी जिले की जेल तमिलनाडु की एक जिला स्तरीय कारागार है, और इतनी बड़ी संख्या में कैदियों का एक साथ भागना राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पूर्व शिक्षा मंत्री और ₹400 करोड़ घोटाले के आरोप
जेल से फरारी के अलावा, मंत्री निर्मल कुमार ने कई अन्य मुद्दे भी उठाए। उन्होंने बताया कि एक पूर्व शिक्षा मंत्री से जुड़े मामले में संबंधित व्यक्ति को रात 1:30 बजे जेल भेज दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल शिक्षा विभाग में बच्चों के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने से जुड़ा ₹400 करोड़ का घोटाला हुआ है, और यह रकम कथित तौर पर एक ही साल में इकट्ठा की गई।
मंत्री ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी के लिए शर्म की बात है कि उसके एक मंत्री को फाइल मंजूरी के बदले पार्टी फंड लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में शर्म आनी चाहिए।
हाई कोर्ट का निर्देश और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मंत्री निर्मल कुमार ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाए। उन्होंने करूर में दर्ज मामले और मंत्री अंबिल महेश के समर्थकों द्वारा कथित तौर पर की गई बातों पर भी सवाल उठाए। मंत्री ने दावा किया कि इन मामलों में किसी प्रकार की राजनीतिक बदले की भावना नहीं है और जांच पूरी तरह स्वतंत्र है।
कोयंबटूर में एक छात्र की मौत के मामले पर मंत्री ने कहा कि इसमें किसी ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया है और स्वतंत्र जांच चल रही है।
बिजली क्षेत्र पर दावे और खंडन
बिजली क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली के टैरिफ अभी समीक्षाधीन हैं और तमिलनाडु के 'पावर-सरप्लस' राज्य होने के दावे को उन्होंने गलत बताया। मंत्री के अनुसार, राज्य की अपनी बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 5,300 मेगावाट है। आगे आने वाले दिनों में जेल से भागे शेष 13 कैदियों की गिरफ्तारी और डीजी जेल की जांच रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेगी।