कांग्रेस का डीएनए गाली-गलौज है, भारत का नहीं: शायना एनसी का खड़गे पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने 27 अक्टूबर 2026 को मुंबई में प्रेस से बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी, चुनाव आयोग के हलफनामे और विधान परिषद के मतगणना परिणामों पर एक साथ प्रतिक्रिया दी। शायना एनसी ने कहा कि माता-पिता के लिए अपशब्दों का प्रयोग करना कांग्रेस का डीएनए हो सकता है, परंतु यह भारत का डीएनए नहीं है।
खड़गे की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर शायना एनसी ने कहा, 'मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस पार्टी में सभ्यता बची नहीं है। माता-पिता के लिए अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करना, गाली-गलौज करना और उनका अपमान करना, यह भले ही कांग्रेस पार्टी का डीएनए हो सकता है, लेकिन यह भारत का डीएनए नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि जनता 2029 में अपने काम की वजह से नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाएगी।
चुनाव आयोग के हलफनामे पर शायना का बयान
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा दायर हलफनामे पर प्रतिक्रिया देते हुए शायना एनसी ने कहा, 'विपक्ष को अब चुप रहना होगा, क्योंकि चुनाव आयोग ने खुद सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर (SIR) कराने का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया था और इसमें तीनों आयुक्त शामिल थे।' उन्होंने कहा कि किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था को इस तरह निशाना बनाना अनुचित है।
विधान परिषद मतगणना पर एनडीए को जीत की उम्मीद
बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद के वोटों की गिनती के संदर्भ में शायना एनसी ने कहा कि एनडीए (NDA) ने अपना काम किया है और जनता ने अपना निर्णय सुना दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि हर जगह एनडीए उम्मीदवारों की जीत होगी।
जरांगे पाटिल ऑडियो क्लिप मामले में एसआईटी जाँच
मनोज जरांगे पाटिल का ऑडियो क्लिप वायरल होने की जाँच के लिए एसआईटी (SIT) गठित किए जाने पर शायना एनसी ने कहा कि शिवसेना चाहती है कि एसआईटी सच्चाई सबके सामने रखे। उन्होंने ₹500 करोड़ के घोटाले के आरोप को बेबुनियाद करार दिया और कहा कि यह काम विपक्ष का हो सकता है, लेकिन पार्टी सच्चाई जानने की पक्षधर है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले यह पूरा विवाद राजनीतिक तनाव को और गहरा कर रहा है।