26 अक्टूबर 2026
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खड़गे की PM मोदी पर विवादित टिप्पणी: श्रीकांत शिंदे ने बताया लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन

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खड़गे की PM मोदी पर विवादित टिप्पणी: श्रीकांत शिंदे ने बताया लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन

सारांश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की PM मोदी पर विवादित टिप्पणी ने नई सियासी जंग छेड़ दी है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने एक्स पर इसे 'निंदनीय और अमानवीय' करार दिया — मोदी के दिवंगत पिता पर की गई भाषा को बुनियादी मानवीय मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की PM मोदी पर विवादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया।
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने 26 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर टिप्पणी को 'अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध' बताया।
शिंदे ने PM मोदी के दिवंगत पिता पर अपमानजनक भाषा को 'बुनियादी मानवीय मर्यादाओं का घोर उल्लंघन' करार दिया।
शिंदे ने कहा कि PM मोदी 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश से चुने गए हैं और उनके प्रति अपमानजनक भाषा संवैधानिक पद की गरिमा का अनादर है।
श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र और लोकसभा सांसद हैं।

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी को 'अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध' करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए इस टिप्पणी को सार्वजनिक जीवन में शालीनता के पतन की पराकाष्ठा बताया।

श्रीकांत शिंदे की तीखी प्रतिक्रिया

श्रीकांत शिंदे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कांग्रेस अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियां अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध हैं। इन बयानों से मुझे गहरा आघात पहुंचा है और बेहद निराशा हुई है।' उन्होंने यह भी कहा कि संसद के भीतर और बाहर उन्होंने अनेक ऐसे अवसर देखे हैं जब राजनीतिक विमर्श का स्तर गिरा है और वैचारिक विरोध व्यक्तिगत कटुता में बदल गया है।

दिवंगत पिता पर टिप्पणी को बताया अमानवीय

शिंदे ने अपनी पोस्ट में विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के खिलाफ कथित अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल की निंदा की। उन्होंने लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना सार्वजनिक जीवन में शालीनता और संस्कारों के पतन की पराकाष्ठा है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के दिवंगत माता-पिता को निशाना बनाना न केवल अभद्रता है, बल्कि बुनियादी मानवीय मर्यादाओं का भी घोर उल्लंघन है।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की सियासत पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुज़र रही है।

संवैधानिक पद की गरिमा का सवाल

शिंदे ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश से चुने गए भारत के प्रधानमंत्री हैं। उनका तर्क था कि किसी प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संवैधानिक पद और लोकतांत्रिक जनादेश की गरिमा का भी अनादर है। यह टिप्पणी कांग्रेस बनाम सत्तारूढ़ गठबंधन की बयानबाज़ी में एक और तीखा मोड़ है।

राजनीतिक असहमति की सीमाओं पर बहस

शिंदे ने अपनी पोस्ट में कहा कि कांग्रेस का प्रधानमंत्री मोदी के प्रति लगातार प्रदर्शित होने वाला 'तीव्र द्वेष' अब राजनीतिक असहमति की सीमाओं को लांघता दिखाई देता है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की राजनीतिक नोकझोंक से सार्वजनिक विमर्श की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ता है और आम मतदाता के बीच वैचारिक बहस की जगह व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप का बोलबाला हो जाता है।

आगे क्या

शिंदे ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि देश की जनता सब देख रही है और वह अपेक्षा करती है कि उसके चुने हुए प्रतिनिधि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में भी गरिमा और जिम्मेदारी का परिचय दें। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से इस प्रतिक्रिया पर क्या जवाब आता है और क्या यह विवाद आने वाले दिनों में संसदीय हलकों तक पहुँचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि इस तरह की बयानबाज़ी दोनों पक्षों के लिए सुर्खियाँ तो बनाती है, लेकिन जनता के असली मुद्दों — महंगाई, रोज़गार, विकास — को हाशिये पर धकेल देती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी पर क्या विवादित टिप्पणी की?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी और उनके दिवंगत पिता के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने 'निंदनीय और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध' बताया। खड़गे की टिप्पणी के सटीक शब्द सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित हैं।
श्रीकांत शिंदे कौन हैं?
श्रीकांत शिंदे शिवसेना के लोकसभा सांसद और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र हैं। वे महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रमुख युवा चेहरे के रूप में उभरे हैं।
श्रीकांत शिंदे ने अपनी प्रतिक्रिया कहाँ दी?
श्रीकांत शिंदे ने 26 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। उन्होंने खड़गे की टिप्पणी को 'अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध' बताया।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच तनाव को और गहरा कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह की बयानबाज़ी आगामी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती है।
क्या कांग्रेस की ओर से इस पर कोई सफाई आई है?
अभी तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस की ओर से श्रीकांत शिंदे की प्रतिक्रिया पर कोई आधिकारिक सफाई या जवाब सामने नहीं आया है। यह विवाद राजनीतिक हलकों में जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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