मन की बात के 139वें एपिसोड में PM मोदी ने 'शबरी नेचुरल' का किया जिक्र, महाराष्ट्र के आदिवासी ब्रांड को मिली राष्ट्रीय पहचान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में महाराष्ट्र के आदिवासी ब्रांड 'शबरी नेचुरल' का विशेष उल्लेख किया। यह ब्रांड महाराष्ट्र के जनजातीय समुदायों के पारंपरिक उत्पादों — जिनमें प्राकृतिक शहद, हस्तशिल्प, बांस की वस्तुएँ और महुआ से बने उत्पाद शामिल हैं — को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुँचाने का काम कर रहा है। इस उल्लेख के बाद ब्रांड के मार्केटिंग हेड दीवान सोनवणे ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे आदिवासी संस्कृति और कारीगरों के लिए 'बहुत सम्मान की बात' बताया।
ब्रांड की स्थापना और उद्देश्य
शबरी नेचुरल की स्थापना महाराष्ट्र के जनजातीय विकास विभाग के अंतर्गत 'शबरी ट्राइबल फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन' के माध्यम से की गई थी। इसका मूल उद्देश्य जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाना और उनकी सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करना है। सोनवणे के अनुसार, महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आने वाले उत्पादों को इस मंच के ज़रिये राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
उत्पादों की विविधता और भौगोलिक विस्तार
इस ब्रांड के अंतर्गत खाद्य पदार्थों, वन आधारित उत्पादों, प्राकृतिक शहद, महुआ से बने उत्पादों, हस्तशिल्प, बांस से निर्मित सजावटी वस्तुओं और पारंपरिक आभूषणों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि भंडारा जिले में गोंड समुदाय द्वारा महुआ मधु और महुआ सिरप तैयार किया जाता है, जबकि धुले जिले में कोकणा और भील समुदायों द्वारा महुआ ऑयल और महुआ चॉकलेट बनाई जाती है।
नासिक क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े बोहाडा मुखौटे और गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ क्षेत्र में माडिया गोंड समुदाय द्वारा तैयार किए जाने वाले डोकरा शिल्प भी इस ब्रांड के माध्यम से लोगों तक पहुँचाए जा रहे हैं। ये हस्तनिर्मित वस्तुएँ आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला को जीवंत रखती हैं।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और पुरस्कार
शबरी नेचुरल को न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल चुकी है। सोनवणे ने बताया कि इस ब्रांड को एक प्रतिष्ठित जापानी ग्लोबल डिज़ाइन अवॉर्ड प्रदान किया जा चुका है, जो महाराष्ट्र के आदिवासी उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। गौरतलब है कि यह पुरस्कार उत्पादों की पारंपरिक शिल्पकला और नवीन प्रस्तुति के संयोजन के लिए दिया गया।
मन की बात का आदिवासी समुदायों पर असर
प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों का उल्लेख पहले भी कई बार इन्हें राष्ट्रीय चर्चा में लाने में सहायक रहा है। नासिक स्थित शबरी नेचुरल के लिए यह उल्लेख एक बड़े अवसर का संकेत है, जो ब्रांड की पहुँच और बिक्री को और व्यापक बना सकता है। आदिवासी उत्पादों के प्रचार-प्रसार की दिशा में यह कदम महाराष्ट्र के जनजातीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।