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'मन की बात' के 139वें एपिसोड में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संदेश, भाजपा नेताओं ने की PM मोदी की सराहना

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'मन की बात' के 139वें एपिसोड में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संदेश, भाजपा नेताओं ने की PM मोदी की सराहना

सारांश

'मन की बात' का 139वाँ एपिसोड महज़ एक रेडियो संवाद नहीं था — यह आत्मनिर्भरता के उन जीवंत उदाहरणों का उत्सव था जो पंजाब की बुनकरों से लेकर बिहार के मखाना उत्पादकों तक फैले हैं। देशभर के BJP नेताओं ने इसे 'वोकल फॉर लोकल' और स्वस्थ भारत के संकल्प की पुनर्पुष्टि बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में आत्मनिर्भर भारत , स्वदेशी उत्पाद और स्वस्थ जीवनशैली केंद्रीय विषय रहे।
बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली के BJP नेताओं ने एपिसोड की सराहना की और इसे राष्ट्र-निर्माण का प्रेरक मंच बताया।
पंजाब की महिला बुनकरों और मिथिला-बिहार के मखाना उत्पादकों के आत्मनिर्भरता के उदाहरण कार्यक्रम में प्रमुखता से उठाए गए।
'ई-संजीवनी' पहल का उल्लेख करते हुए अंडमान, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे दूरदराज़ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को रेखांकित किया गया।
BJP प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने भारत के रक्षा निर्यात की बढ़ती क्षमता को आत्मनिर्भरता के प्रमाण के रूप में उद्धृत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 139वाँ एपिसोड 25 अक्टूबर 2026 को प्रसारित हुआ, जिसमें आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पादों और स्वस्थ जीवनशैली पर केंद्रित संदेश दिए गए। बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली समेत देशभर के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच देश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि और आम नागरिकों के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाता है।

कार्यक्रम के प्रमुख विषय

इस एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न (मोटे अनाज) की खेती और उपयोग को बढ़ावा देने, 'वोकल फॉर लोकल' की भावना, अंगदान के प्रति जागरूकता और स्वच्छता जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने पंजाब की महिला बुनकरों का उदाहरण दिया, जो हथकरघा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसके साथ ही मिथिला और बिहार के मखाना उत्पादकों का उल्लेख किया, जो बेहतर पैकेजिंग के जरिए अपने उत्पादों को विदेशी बाज़ारों तक पहुँचा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आगामी वाल्मीकि जयंती पर शुभकामनाएं दीं और निषाद राज का भी उल्लेख किया। 'ई-संजीवनी' पहल का ज़िक्र करते हुए बताया कि इसके माध्यम से अंडमान द्वीप समूह, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे दूरदराज़ के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं।

बिहार के नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री 'मन की बात' के माध्यम से देशवासियों को उनकी विरासत और समाज को प्रेरित करने वाले तपस्वियों के अनुभवों से जोड़ते हैं। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम प्रकृति, कृषि और संस्कृति की ओर ध्यान आकर्षित करता है और प्रत्येक भारतीय के मन में गर्व की भावना उत्पन्न करता है।

बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि यह कार्यक्रम देश के साथ-साथ विदेशों में भी सुना गया। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' लोगों को नई पहल करने और दूसरों के अनुभवों से सीखने के लिए प्रोत्साहित करता है।

महाराष्ट्र और राजस्थान के नेताओं की राय

पुणे से केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री का हर माह होने वाला यह संवाद आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, 'वोकल फॉर लोकल' को प्रोत्साहन देने और मोटे अनाजों की खेती के प्रसार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहता है। उन्होंने कहा कि इससे देशवासियों को देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलती है।

जयपुर से BJP के प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज रक्षा क्षेत्र में भी अपनी क्षमता बढ़ा रहा है और उन देशों को हथियार निर्यात करने में सक्षम हुआ है, जिनसे पहले वह रक्षा उपकरण आयात करता था। भाटिया ने इसे देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता का ठोस उदाहरण बताया।

दिल्ली BJP का दृष्टिकोण

दिल्ली BJP के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं 'मन की बात' को लोगों की सामूहिक शक्ति का उत्सव बताया है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम नए विषयों की जानकारी देने के साथ-साथ नई समझ विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है। सचदेवा ने 'ई-संजीवनी' का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दूरदराज़ के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच इस कार्यक्रम में उठाए गए विषयों की व्यावहारिक सफलता को दर्शाती है।

आगे की दिशा

BJP नेताओं ने एकमत से कहा कि 'मन की बात' देश की सांस्कृतिक विरासत को मज़बूत करने, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने और आम नागरिकों के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में इस मंच की भूमिका आने वाले समय में और अधिक विस्तृत होने की संभावना है, क्योंकि स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने के प्रयास जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के स्वतंत्र आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते। फिर भी, पंजाब की बुनकरों और बिहार के मखाना उत्पादकों के उदाहरण यह संकेत देते हैं कि कार्यक्रम कम-से-कम कुछ सूक्ष्म-स्तरीय सफलताओं को दृश्यता प्रदान कर रहा है। असली कसौटी यह होगी कि ये उदाहरण क्या नीतिगत बदलाव या बाज़ार-विस्तार में तब्दील होते हैं, या केवल प्रेरणादायक कथाओं तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन की बात' का 139वाँ एपिसोड किस बारे में था?
25 अक्टूबर 2026 को प्रसारित 139वें एपिसोड में PM मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, 'वोकल फॉर लोकल', श्रीअन्न (मोटे अनाज), अंगदान जागरूकता और 'ई-संजीवनी' स्वास्थ्य पहल पर चर्चा की। उन्होंने पंजाब की महिला बुनकरों और बिहार के मखाना उत्पादकों के उदाहरण भी साझा किए।
BJP नेताओं ने 'मन की बात' के 139वें एपिसोड पर क्या कहा?
बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली के BJP नेताओं ने कार्यक्रम की सराहना की। विजय कुमार सिन्हा ने इसे सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाला मंच बताया, जबकि केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इसे सामाजिक-आर्थिक चेतना का माध्यम कहा।
'ई-संजीवनी' क्या है और 'मन की बात' में इसका उल्लेख क्यों हुआ?
'ई-संजीवनी' भारत सरकार की एक टेलीमेडिसिन पहल है, जिसके माध्यम से अंडमान द्वीप समूह, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जा रही हैं। दिल्ली BJP के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे 'मन की बात' की सकारात्मक पहलों के उदाहरण के रूप में उद्धृत किया।
बिहार के मखाना उत्पादकों का 'मन की बात' से क्या संबंध है?
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, PM मोदी ने एपिसोड में मिथिला और बिहार के मखाना उत्पादकों का उल्लेख किया, जो बेहतर पैकेजिंग के जरिए अपने उत्पादों को विदेशी बाज़ारों तक पहुँचा रहे हैं। यह आत्मनिर्भरता और 'वोकल फॉर लोकल' की भावना का व्यावहारिक उदाहरण बताया गया।
भारत के रक्षा निर्यात का 'मन की बात' से क्या संदर्भ था?
राजस्थान BJP प्रभारी संजय भाटिया ने कहा कि भारत आज उन देशों को हथियार निर्यात कर रहा है जिनसे वह पहले रक्षा उपकरण आयात करता था — जो 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
राष्ट्र प्रेस
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