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'मन की बात' का 134वाँ एपिसोड: BJP नेताओं ने बताया बच्चों-समाज को जोड़ने वाला अनूठा मंच

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'मन की बात' का 134वाँ एपिसोड: BJP नेताओं ने बताया बच्चों-समाज को जोड़ने वाला अनूठा मंच

सारांश

'मन की बात' का 134वाँ एपिसोड तालाब संरक्षण, खेल भावना और डॉल्फिन एम्बुलेंस सेवा जैसे विषयों के साथ आया। BJP नेताओं ने इसे राजनीति से परे, समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाला मंच बताया — जो हर महीने नागरिक सहभागिता की नई मिसाल पेश करता है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 134वाँ एपिसोड 31 मई को प्रसारित हुआ।
BJP राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम ने इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक प्रेरणा का मंच बताया।
एपिसोड में तालाब संरक्षण , खेल भावना , भीषण गर्मी और डॉल्फिन एम्बुलेंस सेवा जैसे विषय उठाए गए।
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने मोदी को दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में बताया जो नियमित जनसंवाद करते हैं।
BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कार्यक्रम पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को भी समान प्राथमिकता देता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड के प्रसारण के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने इसे देश की प्रतिभाओं, नवाचारों और सामाजिक प्रयासों को सामने लाने वाला एक महत्वपूर्ण मंच करार दिया। 31 मई को प्रसारित इस एपिसोड में प्रधानमंत्री ने तालाब संरक्षण, खेल भावना, वन्यजीव सुरक्षा और भीषण गर्मी जैसे विषयों को उठाया।

कार्यक्रम की विशेषता और सामाजिक भूमिका

BJP के राष्ट्रीय महासचिव एवं 'मन की बात' के राष्ट्रीय संयोजक दुष्यंत गौतम ने कहा कि यह कार्यक्रम कोई राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि देशभर में हो रहे प्रेरणादायक कार्यों को उजागर करने का माध्यम है। उन्होंने कहा, 'मन की बात' के जरिए समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है और बच्चों व युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।

गौतम ने यह भी रेखांकित किया कि कई परिवार इस कार्यक्रम को एक साथ बैठकर सुनते हैं, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा और सामान्य ज्ञान दोनों मिलते हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र की असली सफलता नागरिकों की सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है और यह कार्यक्रम उसी भावना को मजबूत करता है।

134वें एपिसोड के प्रमुख विषय

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि इस एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण विषयों को स्थान दिया — जिनमें भीषण गर्मी की स्थिति, खेल जगत में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और मित्रता की भावना को बढ़ावा देने वाले खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियाँ शामिल थीं।

खंडेलवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री ने उन दो एथलीटों का विशेष उल्लेख किया जिन्होंने एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अलावा, वन्यजीव संरक्षण में कार्यरत सामाजिक संगठनों और डॉल्फिन संरक्षण के लिए शुरू की गई एम्बुलेंस सेवा का भी जिक्र किया गया।

गौरतलब है कि इस एपिसोड में सामूहिक तालाब सफाई और संरक्षण के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया, जो समुदाय-नेतृत्व वाले पर्यावरण संरक्षण का एक उदाहरण है।

दिल्ली BJP अध्यक्ष का बयान

दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जो नियमित रूप से जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हैं। उनके अनुसार, हर महीने प्रसारित होने वाला यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री और आम नागरिकों के बीच एक अनूठा सेतु बन चुका है।

मल्होत्रा ने यह भी उल्लेख किया कि कई दशक पूर्व अमेरिका में राष्ट्रपति द्वारा रेडियो के माध्यम से जनता को संबोधित करने की परंपरा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे एक नियमित और व्यापक जनसंवाद का स्वरूप दिया है।

पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर जोर

खंडेलवाल ने रेखांकित किया कि इस एपिसोड से यह स्पष्ट होता है कि सरकार केवल मानव कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के क्षरण को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ रही हैं।

आगे आने वाले महीनों में 'मन की बात' के अगले एपिसोड में कौन-से सामाजिक विषय उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा — विशेषकर जब देश मानसून और कृषि सीजन में प्रवेश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कार्यक्रम वास्तव में एक असामान्य राजनीतिक संचार प्रयोग है — जो एक दशक से अधिक समय से बिना नागाह चलता आ रहा है। सवाल यह है कि क्या यह केवल सत्तारूढ़ दल का प्रचार माध्यम है या वास्तव में नागरिक सहभागिता का उपकरण — इसका उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दों पर नीतिगत कार्रवाई कितनी होती है। डॉल्फिन एम्बुलेंस और तालाब संरक्षण जैसे विषयों का उल्लेख सराहनीय है, परंतु मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि इन जमीनी पहलों को बाद में संस्थागत समर्थन मिलता है या नहीं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन की बात' का 134वाँ एपिसोड कब प्रसारित हुआ और इसमें क्या था?
134वाँ एपिसोड 31 मई को प्रसारित हुआ। इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने तालाब संरक्षण, भीषण गर्मी, खेल भावना, वन्यजीव सुरक्षा और डॉल्फिन एम्बुलेंस सेवा जैसे विषयों पर चर्चा की।
दुष्यंत गौतम 'मन की बात' में क्या भूमिका निभाते हैं?
दुष्यंत गौतम BJP के राष्ट्रीय महासचिव हैं और 'मन की बात' कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम को देश की प्रतिभाओं और सामाजिक प्रयासों को सामने लाने का माध्यम बताया।
BJP नेताओं ने 'मन की बात' की सराहना क्यों की?
BJP नेताओं ने इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक प्रेरणा का मंच बताया। उनके अनुसार यह कार्यक्रम नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देता है और परिवारों को एक साथ जोड़ता है।
'मन की बात' में डॉल्फिन एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख क्यों हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी ने वन्यजीव संरक्षण में कार्यरत सामाजिक संगठनों और डॉल्फिन संरक्षण के लिए शुरू की गई एम्बुलेंस सेवा का जिक्र किया। BJP सांसद खंडेलवाल के अनुसार, यह सरकार की पर्यावरण और जैव विविधता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हर्ष मल्होत्रा ने 'मन की बात' की तुलना किससे की?
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इसकी तुलना अमेरिका में राष्ट्रपति द्वारा रेडियो के माध्यम से जनता को संबोधित करने की परंपरा से की। उन्होंने कहा कि मोदी ने इसे और अधिक नियमित व व्यापक जनसंवाद का स्वरूप दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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