क्या प्रधानमंत्री मोदी आज 'मन की बात' में देश को संबोधित करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह कार्यक्रम स्वच्छता, पर्यावरण, और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देता है।
- प्रधानमंत्री लोगों के विचारों और सुझावों को सुनने का प्रयास करते हैं।
- यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर प्रेरणा और जानकारी फैलाने का कार्य करता है।
- पिछले एपिसोड में छठ पर्व और जीएसटी बचत उत्सव पर चर्चा की गई थी।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 128वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करेंगे।
इसका प्रसारण सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन नेटवर्क पर किया जाएगा।
यह कार्यक्रम एयर न्यूज वेबसाइट, न्यूजऑनएयर मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होगा। साथ ही, एयर न्यूज, डीडी न्यूज, प्रधानमंत्री कार्यालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर इसे लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। आकाशवाणी पर हिंदी के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होगा।
'मन की बात' भारत और विदेशों में नागरिकों से जुड़ने का प्रधानमंत्री का महत्वपूर्ण मंच है। पीएम मोदी राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, जमीनी स्तर की पहलों को प्रोत्साहित करते हैं और विकास और सामाजिक अभियानों में लोगों की भागीदारी बढ़ाते हैं।
पिछला एपिसोड 26 अक्टूबर को प्रसारित हुआ, जिसमें 'मन की बात' का 127वां संस्करण था। उस भाषण में प्रधानमंत्री ने छठ पर्व की शुभकामनाएं दी थीं और संस्कृत को पुनर्जीवित करने में योगदान देने वाले युवा रचनाकारों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने भारत के कॉफी सेक्टर के वैश्विक पहचान के जश्न का भी उल्लेख किया।
लोगों की भलाई पर बात करते हुए, पीएम मोदी ने 'जीएसटी बचत उत्सव' के बारे में चर्चा की और इसके सकारात्मक प्रभाव पर जोर दिया।
उन्होंने स्वच्छता और सततता को बढ़ावा देने वाले कई नागरिकों के प्रयासों की सराहना की, जैसे कि छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 'गार्बेज कैफे' जहां प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन मिलता है, और बेंगलुरु में इंजीनियर कपिल शर्मा के नेतृत्व में झीलों को पुनर्जीवित करने के लिए चलाए गए कैंपेन।
प्रधानमंत्री ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की भी प्रशंसा की, जिन्होंने अपनी यूनिट्स में भारतीय नस्ल के कुत्तों की संख्या बढ़ाई है।
'मन की बात' ने जमीनी स्तर पर प्रेरणादायक कार्यों को प्रदर्शित करने और लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच स्थापित किया है।
अक्टूबर 2014 में लॉन्च होने के बाद से, इस कार्यक्रम ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे जन सहभागिता और आंदोलन को बढ़ावा मिला है।