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'मन की बात' में जल संरक्षण और खेल पर जोर, भाजपा नेताओं ने बताया जनजागरूकता का सशक्त मंच

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'मन की बात' में जल संरक्षण और खेल पर जोर, भाजपा नेताओं ने बताया जनजागरूकता का सशक्त मंच

सारांश

'मन की बात' सिर्फ रेडियो कार्यक्रम नहीं — BJP नेताओं के अनुसार यह सामाजिक बदलाव का मंच है। जल संरक्षण से लेकर युवाओं के खेल करियर तक, सांसद योगेंद्र चंदोलिया और विधायक सीपी सिंह ने कार्यक्रम को दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

BJP सांसद योगेंद्र चंदोलिया और विधायक सीपी सिंह ने 28 जून को 'मन की बात' की सराहना की।
चंदोलिया ने वर्षा जल संचयन और STP के माध्यम से उपचारित जल के घरेलू उपयोग पर बल दिया।
कारपूलिंग जैसी छोटी पहलों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बताया गया।
विधायक सीपी सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत रहे हैं।
युवाओं को खेलों में करियर बनाने की अपील की गई, इसे रोज़गार का सशक्त विकल्प बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का प्रभावशाली माध्यम करार दिया है। 28 जून को दिल्ली से लोकसभा सांसद योगेंद्र चंदोलिया और झारखंड के रांची से BJP विधायक सीपी सिंह ने कार्यक्रम में उठाए गए विषयों — विशेष रूप से जल संरक्षण और युवाओं के लिए खेल करियर — की सराहना की।

मन की बात: जनजागरूकता का मंच

सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि 'मन की बात' का प्रत्येक एपिसोड समाज के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक विषयों को सामने लाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए वाहन साझाकरण (कारपूलिंग) की अपील की थी, जिसे नागरिकों ने गंभीरता से अपनाया। उनके अनुसार ऐसी छोटी-छोटी पहलें न केवल ईंधन की खपत घटाती हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होती हैं।

चंदोलिया ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री देश के दूरदराज इलाकों में हो रहे सामूहिक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर उजागर करते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि किसी दूरस्थ गाँव में ग्रामीणों ने मिलकर स्वयं पुल का निर्माण किया — जो आत्मनिर्भरता और सामूहिक भागीदारी का प्रतीक है। उनके अनुसार, 'मन की बात' के माध्यम से ऐसे प्रयासों की जानकारी करोड़ों देशवासियों तक पहुँचती है।

जल संरक्षण: समय की सबसे बड़ी जरूरत

जल संरक्षण के मुद्दे पर चंदोलिया ने कहा कि तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या के बीच पानी का संरक्षण देश और विश्व दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने पर बल दिया और कहा कि यदि बारिश के पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के माध्यम से उपचारित किया जाए, तो उसे स्नान, कपड़े धोने, सफाई और शौचालय जैसे घरेलू कार्यों में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि पेयजल की आवश्यकता सीमित होती है, जबकि शेष ज़रूरतों के लिए उपचारित जल का उपयोग कर बड़े पैमाने पर जल बचाया जा सकता है।

खेलों को मिली नई पहचान

रांची से BJP विधायक सीपी सिंह ने 'मन की बात' में खेलों पर की गई चर्चा की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई पहचान और सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि आज का युवा खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि करियर के रूप में देख रहा है। इसका परिणाम यह है कि भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत रहे हैं।

सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि जो पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं, वे अपना समय व्यर्थ गतिविधियों या नशे में बर्बाद करने के बजाय खेलों में करियर बनाने की दिशा में प्रयास करें। उनके अनुसार, खेल न केवल स्वस्थ जीवन का माध्यम हैं, बल्कि रोज़गार और सम्मानजनक भविष्य का एक सशक्त विकल्प भी बन चुके हैं।

भाजपा नेताओं का समग्र संदेश

दोनों नेताओं ने एकमत से कहा कि 'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जो समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र पर ध्यान देती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करता है। आने वाले एपिसोड में भी इसी तरह के सामाजिक विषयों पर चर्चा जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे पाठक इसी संदर्भ में लें। फिर भी, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन जैसे विषय निर्विवाद रूप से महत्वपूर्ण हैं — भारत जल संकट के गंभीर खतरे का सामना कर रहा है और नीति आयोग की रिपोर्टें इसे बार-बार रेखांकित कर चुकी हैं। असली प्रश्न यह है कि क्या रेडियो कार्यक्रम में जागरूकता से ज़मीनी नीतिगत बदलाव भी आ रहा है। खेलों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक प्रवृत्ति है, लेकिन इसका श्रेय किसी एक कार्यक्रम या नेतृत्व को देना अतिसरलीकरण होगा।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी के 'मन की बात' में इस बार कौन-से मुख्य विषय उठाए गए?
इस एपिसोड में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, कारपूलिंग के माध्यम से ईंधन बचत और युवाओं के लिए खेल करियर जैसे विषयों पर चर्चा हुई। BJP नेताओं ने इन विषयों को सामाजिक जागरूकता के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
जल संरक्षण पर 'मन की बात' में क्या सुझाव दिए गए?
सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने वर्षा जल को STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से उपचारित कर स्नान, कपड़े धोने और शौचालय जैसे घरेलू कार्यों में उपयोग करने का सुझाव दिया। उनके अनुसार पेयजल की मात्रा सीमित रखकर उपचारित जल से बड़े पैमाने पर जल बचाया जा सकता है।
BJP विधायक सीपी सिंह ने खेलों के बारे में क्या कहा?
रांची से BJP विधायक सीपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई पहचान मिली है और भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक व एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत रहे हैं। उन्होंने युवाओं से खेलों में करियर बनाने की अपील की।
'मन की बात' कार्यक्रम का क्या महत्व है?
'मन की बात' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जिसमें वे समाज से जुड़े विषयों, नागरिकों की प्रेरणादायक कहानियों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं। BJP नेताओं के अनुसार यह कार्यक्रम नागरिकों को देश के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करता है।
कारपूलिंग को लेकर 'मन की बात' में क्या संदेश दिया गया?
प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए वाहन साझाकरण (कारपूलिंग) अपनाने की अपील की थी। सांसद चंदोलिया के अनुसार इस अपील को नागरिकों ने गंभीरता से अपनाया है, जिससे ईंधन बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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