'मन की बात' का 135वाँ एपिसोड: नितिन नवीन बोले — हर बार नई प्रेरणा देता है यह कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 135वाँ एपिसोड रविवार, 28 जून 2026 को देशभर में प्रसारित हुआ। नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यह कार्यक्रम सुना और इसे देशवासियों तक पहुँचने का सबसे प्रभावी माध्यम करार दिया। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम देशभर में हो रही सकारात्मक पहलों को एक साझा मंच प्रदान करता है।
जल संरक्षण और 'कैच द रेन' अभियान
पत्रकारों से बातचीत में नितिन नवीन ने बताया कि इस बार के एपिसोड में प्रधानमंत्री ने 'कैच द रेन' अभियान के ज़रिये वर्षा जल संरक्षण का अहम संदेश दिया। उन्होंने इस पहल को जलवायु संरक्षण और जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
नवीन ने कहा, 'मन की बात' हर बार नई जानकारी, नया उत्साह और नई प्रेरणा लेकर आता है, जिससे न केवल भारत बल्कि दुनियाभर के लोग भारतीय नागरिकों के स्वैच्छिक प्रयासों से परिचित होते हैं। यह कार्यक्रम समाज को प्रेरित करने का कार्य करता है।
'खेलो इंडिया' और युवाओं की भागीदारी
BJP अध्यक्ष ने खेल क्षेत्र में प्रधानमंत्री की सोच की सराहना करते हुए कहा कि 'खेलो इंडिया' अभियान को लगातार बढ़ावा दिए जाने का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। आज देश के युवा बड़ी संख्या में खेलों में हिस्सा ले रहे हैं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं और भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी 'मन की बात' की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के हर नागरिक को प्रेरित करता है और उनमें आत्मविश्वास जगाता है। सिंधिया के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने संबोधन में आम लोगों के उल्लेखनीय कार्यों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक सोच और जनभागीदारी को बल मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ में UCC पर मुख्यमंत्री साय का रुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में 'मन की बात' सुना। उन्होंने कहा कि देशभर के नागरिक महीने के अंतिम रविवार का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इस दिन उन्हें प्रधानमंत्री के विचार सुनने और उनसे जुड़ने का अवसर मिलता है।
साय ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर भी अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि राज्य में UCC लागू करने के लिए पहले ही एक समिति गठित की जा चुकी है, जो समाज के सभी वर्गों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। समयाभाव के कारण यह प्रस्ताव वर्तमान सत्र में नहीं आ पाएगा, लेकिन शीतकालीन सत्र में इसे पेश किए जाने की संभावना है।
यह ऐसे समय में आया है जब कई भाजपा-शासित राज्य UCC की दिशा में कदम उठा रहे हैं। छत्तीसगढ़ की इस पहल से राष्ट्रीय स्तर पर इस विषय पर बहस और तेज़ होने की संभावना है।