26 जुलाई 2026
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मन की बात 136वां एपिसोड: देशभर में भाजपा नेताओं ने सुना PM मोदी का संबोधन, प्लास्टिक मुक्त भारत का आह्वान

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मन की बात 136वां एपिसोड: देशभर में भाजपा नेताओं ने सुना PM मोदी का संबोधन, प्लास्टिक मुक्त भारत का आह्वान

सारांश

'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड महज़ एक रेडियो कार्यक्रम नहीं था — यह BJP का देशव्यापी जन-संपर्क अभियान बन गया। PM मोदी ने प्लास्टिक प्रदूषण पर आह्वान करते हुए बिहार के सीतामढ़ी की 'वेस्ट टू वेल्थ' पहल को राष्ट्रीय मंच दिया, जहाँ 40 किलो प्लास्टिक से एक बेंच बनाई जा रही है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' के 136वें एपिसोड को 26 जुलाई को देशभर में सामूहिक रूप से सुना गया।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ( पटना ), मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ( राजस्थान ) और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ( बिहार ) सहित कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।
लखनऊ में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूर्व सैन्य अधिकारियों और सेवानिवृत्त सैनिकों ने संबोधन सुना।
PM मोदी ने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ रिसाइक्लिंग और नवाचार अपनाने की अपील की।
बिहार के सीतामढ़ी की 'वेस्ट टू वेल्थ' पहल को सराहा — एक बेंच में लगभग 40 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे का पुनः उपयोग।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण को रविवार, 26 जुलाई को देशभर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं, मुख्यमंत्रियों, पूर्व सैन्य अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से सुना। कई राज्यों में विशेष सार्वजनिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए। इस बार के संबोधन में प्रधानमंत्री ने प्लास्टिक प्रदूषण और 'वेस्ट टू वेल्थ' जैसी नवाचार-आधारित पहलों पर विशेष ज़ोर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

पटना में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी पटना में आयोजित श्रवण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

लखनऊ में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पूर्व सेना अधिकारियों और सेवानिवृत्त सैनिकों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को सामूहिक रूप से सुना — यह संयोग इस एपिसोड को और भी भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रताप नगर कम्युनिटी सेंटर पहुँचे और आम नागरिकों के साथ बैठकर कार्यक्रम सुना। पुणे में केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सार्वजनिक श्रवण कार्यक्रम में भाग लिया। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज अंबाला कैंट स्थित जैन सोडा वाटर फैक्ट्री पहुँचे, जहाँ उन्होंने BJP कार्यकर्ताओं के साथ संबोधन सुना।

PM मोदी का संदेश: प्लास्टिक प्रदूषण और नवाचार

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखा। उन्होंने देशवासियों से सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की चुनौती से निपटने के लिए रिसाइक्लिंग और नवाचार-आधारित समाधान अपनाने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मेरे प्यारे देशवासियो, आज पूरी दुनिया प्लास्टिक प्रदूषण की चुनौती का सामना कर रही है। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक वर्षों तक प्रकृति को नुकसान पहुँचाता है, इसलिए इसका सही तरीके से निपटान बेहद ज़रूरी है।"

बिहार की 'वेस्ट टू वेल्थ' पहल को मिली सराहना

प्रधानमंत्री ने बिहार के सीतामढ़ी जिले की एक उल्लेखनीय पहल का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यहाँ रिसाइकिल किए गए प्लास्टिक कचरे से आकर्षक बेंच बनाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, एक बेंच तैयार करने में लगभग 40 किलोग्राम सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग होता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल यह साबित करती है कि यदि कचरे का सही प्रबंधन किया जाए, तो उसे उपयोगी सार्वजनिक सुविधाओं में बदला जा सकता है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि समाज के लिए टिकाऊ संसाधन भी तैयार करता है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि 'मन की बात' कार्यक्रम 2014 से प्रसारित हो रहा है और यह अपने 136वें एपिसोड तक पहुँच चुका है। इस बार का संबोधन ऐसे समय में आया है जब सरकार प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ राष्ट्रीय अभियान को और मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है। सामूहिक श्रवण कार्यक्रमों के ज़रिए BJP ने इस संदेश को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया।

आने वाले दिनों में सीतामढ़ी जैसी 'वेस्ट टू वेल्थ' पहलों को अन्य राज्यों में भी प्रोत्साहित किए जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री के उल्लेख के बाद ऐसी स्थानीय पहलों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या ये आयोजन नागरिक जागरूकता बढ़ाते हैं या महज़ राजनीतिक दृश्यता का माध्यम बनते हैं। सीतामढ़ी की 'वेस्ट टू वेल्थ' पहल जैसे स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच देना सकारात्मक है, परंतु प्लास्टिक प्रदूषण पर भारत की नीतिगत प्रगति — जैसे 2022 के सिंगल-यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध का अनुपालन — अभी भी असमान है। असली परीक्षा यह है कि प्रधानमंत्री के रेडियो संदेश ज़मीनी बदलाव में कितने तब्दील होते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड कब प्रसारित हुआ?
'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड रविवार, 26 जुलाई को प्रसारित हुआ। देशभर में BJP नेताओं और आम नागरिकों ने सामूहिक श्रवण कार्यक्रमों के ज़रिए इसे सुना।
PM मोदी ने 136वें 'मन की बात' में क्या कहा?
PM मोदी ने प्लास्टिक प्रदूषण की चुनौती पर ज़ोर देते हुए रिसाइक्लिंग और नवाचार-आधारित समाधान अपनाने की अपील की। उन्होंने बिहार के सीतामढ़ी की 'वेस्ट टू वेल्थ' पहल का उल्लेख किया, जहाँ लगभग 40 किलोग्राम सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बेंच बनाई जा रही हैं।
सीतामढ़ी की 'वेस्ट टू वेल्थ' पहल क्या है?
बिहार के सीतामढ़ी जिले में रिसाइकिल किए गए प्लास्टिक कचरे से सार्वजनिक बेंच बनाई जा रही हैं। एक बेंच तैयार करने में लगभग 40 किलोग्राम सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग होता है, जो कचरे को उपयोगी सार्वजनिक सुविधा में बदलने का उदाहरण है।
136वें 'मन की बात' में कौन-से प्रमुख नेता शामिल हुए?
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना में, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के प्रताप नगर कम्युनिटी सेंटर में, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल पुणे में, और हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज अंबाला कैंट में उपस्थित रहे।
लखनऊ में 'मन की बात' श्रवण कार्यक्रम विशेष क्यों था?
लखनऊ में यह कार्यक्रम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व सेना अधिकारियों और सेवानिवृत्त सैनिकों ने भाग लिया। इस संयोग ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति के भाव से जोड़ दिया।
राष्ट्र प्रेस
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