'मन की बात' के 135वें एपिसोड पर BJP नेता वीरेंद्र सचदेवा बोले — ज्ञान और प्रेरणा का अनूठा मंच
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सचदेवा ने रविवार, 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देशवासियों को निरंतर नई जानकारी प्रदान करने और समाज को सकारात्मक दिशा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
ज्ञान साझा करने का अनूठा मंच
पत्रकारों से बातचीत में सचदेवा ने कहा, 'हर बार जब लोग 'मन की बात' सुनते हैं, तो उन्हें कुछ नया सीखने को मिलता है। ज्ञान साझा करने के लिए दुनिया में शायद ही कोई ऐसा कार्यक्रम हो, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसी जानकारियाँ सामने आती हैं, जिनसे आम लोगों का परिचय पहले नहीं रहा होता।' उनके अनुसार, यह कार्यक्रम केवल एक संवाद का मंच नहीं, बल्कि देश की विविधता, संस्कृति और उपलब्धियों को जानने का सशक्त माध्यम बन गया है।
135वें एपिसोड के प्रमुख विषय
BJP नेता ने बताया कि इस बार के एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। एपिसोड के अंत में पीएम ने 'कैच द रेन' अभियान का उल्लेख करते हुए आगामी मानसून सीजन में वर्षा की हर बूंद को संरक्षित करने का आह्वान किया। सचदेवा ने इसे सामूहिक संकल्प के रूप में अपनाने की अपील की।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने हरगिला पक्षी के संरक्षण से जुड़ी जानकारी साझा की — एक ऐसा विषय जिससे अधिकांश लोग अनजान थे। नागालैंड की पारंपरिक खेल लीग, भारतीय परंपराओं में खेलों की भागीदारी, तथा बच्चों और महिलाओं की खेल गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया।
शिक्षा, विरासत और तकनीक का संगम
सचदेवा ने नालंदा विश्वविद्यालय में शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा और संस्कृत विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल के उपयोग जैसे विषयों का भी विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा साझा की गई ऐसी जानकारियाँ लोगों के लिए न केवल नई होती हैं, बल्कि प्रेरणादायक भी होती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक के एकीकरण पर व्यापक चर्चा हो रही है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
पर्यावरण के मोर्चे पर, BJP नेता ने पीएम मोदी के उन संदेशों का उल्लेख किया जिनमें मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं के उपयोग और प्लास्टिक के कम इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया गया। सचदेवा ने कहा कि ये छोटी-छोटी पहलें पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
परिवार के साथ सुनने की अपील
सचदेवा ने देशवासियों से — विशेष रूप से बच्चों से — अपील की कि वे अपने परिवार के साथ 'मन की बात' अवश्य सुनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपीलों का व्यापक सामाजिक असर होता है और लोग उन्हें अपनाने के लिए स्वाभाविक रूप से प्रेरित होते हैं। गौरतलब है कि 'मन की बात' अक्टूबर 2014 में शुरू हुआ था और यह देश के सबसे लंबे समय तक चलने वाले रेडियो कार्यक्रमों में से एक बन चुका है।