'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड: एनडीए नेताओं ने बताया जनभागीदारी का सशक्त मंच, राजनीति से परे बताई पहुँच
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड के प्रसारण के बाद 26 जुलाई को देशभर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने इसे जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का प्रभावशाली माध्यम करार दिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने एकस्वर में कहा कि यह कार्यक्रम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आम नागरिकों के नवाचारों, पर्यावरण संरक्षण प्रयासों और स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय मंच देता है।
भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि 'मन की बात' देश के विभिन्न कोनों में हो रहे प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है और लोगों में नई सोच व ऊर्जा का संचार करता है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि इस एपिसोड की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के स्मरण से हुई। उन्होंने कहा, 'मन की बात वास्तव में देश की आवाज़ बन चुका है।'
केंद्रीय मंत्री एवं दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री इस मंच पर कभी राजनीतिक मुद्दे नहीं उठाते, बल्कि कश्मीर की पारंपरिक चटाइयों, स्थानीय हर्बल चाय, जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाते हैं। उन्होंने 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के संदर्भ में भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री की अपील को भी सराहा।
छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह एपिसोड राज्य के लिए गर्व का अवसर रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर पांडुम, मल्हार में मिली तांबे की प्लेट और 'कैच द रेन' अभियान के तहत कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव में स्थानीय गाँवों की मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की पूजा और स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान किया।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि लगातार 136 एपिसोड तक जनता से संवाद बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा में स्वदेशी रूप से निर्मित पहले संगीत वाद्ययंत्र का उल्लेख किया, जिससे राज्य के कारीगरों और कलाकारों का मनोबल बढ़ा।
सांसदों और राज्य मंत्रियों के विचार
BJP सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी उपलब्धियों से अधिक देश के करोड़ों नागरिकों के योगदान को महत्व देते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 'मन की बात' को दुनिया के सबसे लोकप्रिय मासिक कार्यक्रमों में से एक बताया, जो उन प्रतिभाशाली और मेहनती लोगों की कहानियाँ सामने लाता है जिन पर सामान्यतः ध्यान नहीं जाता।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केरल से कश्मीर तक पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने इस एपिसोड में कारगिल के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि को देश के युवाओं के लिए स्थायी प्रेरणा का स्रोत बताया।
कार्यक्रम की विषयवस्तु
136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का स्मरण, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भारतीय हस्तशिल्प को अपनाने की अपील, 'कैच द रेन' अभियान, स्वदेशी गणेश प्रतिमाओं की पूजा और त्रिपुरा के स्वदेशी वाद्ययंत्र जैसे विविध विषयों को स्थान दिया। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होता है।
आगे की राह
'मन की बात' का अगला एपिसोड अगस्त के अंतिम रविवार को प्रसारित होने की संभावना है। NDA नेताओं की यह एकजुट प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ गठबंधन इस मंच को जन-संपर्क के एक प्रमुख साधन के रूप में देखता है।