26 जुलाई 2026
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'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड: एनडीए नेताओं ने बताया जनभागीदारी का सशक्त मंच, राजनीति से परे बताई पहुँच

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'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड: एनडीए नेताओं ने बताया जनभागीदारी का सशक्त मंच, राजनीति से परे बताई पहुँच

सारांश

'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड कारगिल के शहीदों से शुरू होकर छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण, त्रिपुरा के स्वदेशी वाद्ययंत्र और हथकरघा दिवस तक फैला रहा। NDA नेताओं ने इसे राजनीति से परे जनभागीदारी का अनूठा मंच बताया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' के 136वें एपिसोड पर 26 जुलाई को देशभर के NDA नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे नागरिकों के नवाचारों और उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला मंच बताया।
छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय ने बस्तर ओलंपिक्स, मल्हार की तांबे की प्लेट और कोरबा के 'कैच द रेन' अभियान का उल्लेख होने पर प्रसन्नता जताई।
त्रिपुरा CM माणिक साहा ने कहा कि त्रिपुरा के स्वदेशी वाद्ययंत्र का उल्लेख राज्य के कारीगरों के लिए प्रेरणा है।
एपिसोड में कारगिल विजय दिवस , डॉ.
एपीजे अब्दुल कलाम का स्मरण और 7 अगस्त के राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील शामिल रही।
गणेश उत्सव में स्थानीय मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की पूजा और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान भी किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड के प्रसारण के बाद 26 जुलाई को देशभर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने इसे जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का प्रभावशाली माध्यम करार दिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने एकस्वर में कहा कि यह कार्यक्रम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आम नागरिकों के नवाचारों, पर्यावरण संरक्षण प्रयासों और स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय मंच देता है।

भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रिया

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि 'मन की बात' देश के विभिन्न कोनों में हो रहे प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है और लोगों में नई सोच व ऊर्जा का संचार करता है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि इस एपिसोड की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के स्मरण से हुई। उन्होंने कहा, 'मन की बात वास्तव में देश की आवाज़ बन चुका है।'

केंद्रीय मंत्री एवं दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री इस मंच पर कभी राजनीतिक मुद्दे नहीं उठाते, बल्कि कश्मीर की पारंपरिक चटाइयों, स्थानीय हर्बल चाय, जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाते हैं। उन्होंने 7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के संदर्भ में भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री की अपील को भी सराहा।

छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह एपिसोड राज्य के लिए गर्व का अवसर रहा, क्योंकि प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर पांडुम, मल्हार में मिली तांबे की प्लेट और 'कैच द रेन' अभियान के तहत कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव में स्थानीय गाँवों की मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की पूजा और स्वदेशी उत्पाद अपनाने का आह्वान किया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि लगातार 136 एपिसोड तक जनता से संवाद बनाए रखना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा में स्वदेशी रूप से निर्मित पहले संगीत वाद्ययंत्र का उल्लेख किया, जिससे राज्य के कारीगरों और कलाकारों का मनोबल बढ़ा।

सांसदों और राज्य मंत्रियों के विचार

BJP सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी उपलब्धियों से अधिक देश के करोड़ों नागरिकों के योगदान को महत्व देते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने 'मन की बात' को दुनिया के सबसे लोकप्रिय मासिक कार्यक्रमों में से एक बताया, जो उन प्रतिभाशाली और मेहनती लोगों की कहानियाँ सामने लाता है जिन पर सामान्यतः ध्यान नहीं जाता।

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम केरल से कश्मीर तक पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने इस एपिसोड में कारगिल के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि को देश के युवाओं के लिए स्थायी प्रेरणा का स्रोत बताया।

कार्यक्रम की विषयवस्तु

136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का स्मरण, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भारतीय हस्तशिल्प को अपनाने की अपील, 'कैच द रेन' अभियान, स्वदेशी गणेश प्रतिमाओं की पूजा और त्रिपुरा के स्वदेशी वाद्ययंत्र जैसे विविध विषयों को स्थान दिया। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होता है।

आगे की राह

'मन की बात' का अगला एपिसोड अगस्त के अंतिम रविवार को प्रसारित होने की संभावना है। NDA नेताओं की यह एकजुट प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ गठबंधन इस मंच को जन-संपर्क के एक प्रमुख साधन के रूप में देखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कार्यक्रम की सरकारी-समर्थित छवि को और पुख्ता करती है। यह कार्यक्रम निर्विवाद रूप से स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच देता है, लेकिन विपक्ष और स्वतंत्र मीडिया विश्लेषकों का यह भी तर्क रहा है कि इसकी विषयवस्तु का चयन और प्रस्तुति सरकारी एजेंडे के अनुकूल होती है। 136 एपिसोड की यह निरंतरता प्रधानमंत्री की जन-संचार क्षमता को दर्शाती है, परंतु इसकी वास्तविक जनभागीदारी और प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी भी सार्वजनिक विमर्श में अनुपस्थित है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड कब प्रसारित हुआ और इसमें क्या था?
'मन की बात' का 136वाँ एपिसोड 26 जुलाई को प्रसारित हुआ। इसमें कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का स्मरण, 'कैच द रेन' अभियान, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस और स्वदेशी गणेश प्रतिमाओं जैसे विषय शामिल रहे।
NDA नेताओं ने 'मन की बात' को लेकर क्या कहा?
NDA नेताओं ने इसे राजनीति से परे जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी मंच बताया। BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लेकर छत्तीसगढ़ और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों तक सभी ने कार्यक्रम की सराहना की।
छत्तीसगढ़ का 136वें एपिसोड में क्या उल्लेख हुआ?
प्रधानमंत्री ने बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर पांडुम, मल्हार में मिली तांबे की प्लेट और 'कैच द रेन' अभियान के तहत कोरबा के प्रयासों का विशेष उल्लेख किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे राज्य के लिए गर्व का विषय बताया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस कब है और 'मन की बात' में इसका क्या संदर्भ था?
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त को मनाया जाता है। 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को अपनाने की अपील की।
त्रिपुरा के स्वदेशी वाद्ययंत्र का 'मन की बात' में क्यों उल्लेख हुआ?
प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा में स्वदेशी रूप से निर्मित पहले संगीत वाद्ययंत्र का उल्लेख किया, जिससे राज्य के कारीगरों और कलाकारों का उत्साह बढ़ा। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने इसे राज्य के शिल्पकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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