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मन की बात में PM मोदी ने सराहा बिजनौर की 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' को, ₹12 करोड़ का कारोबार

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मन की बात में PM मोदी ने सराहा बिजनौर की 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' को, ₹12 करोड़ का कारोबार

सारांश

₹1 लाख की पूंजी से शुरू हुई बिजनौर की 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' अब ₹12 करोड़ का ब्रांड है — और PM मोदी ने 'मन की बात' में इसे राष्ट्रीय मंच दिया। 30 हज़ार लखपति दीदियों की यह कहानी बताती है कि ग्रामीण महिला उद्यमिता सिर्फ नारा नहीं, एक काम करता हुआ मॉडल भी है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में बिजनौर की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाई 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' का विशेष उल्लेख किया।
ब्रांड की शुरुआत दिसंबर 2023 में करीब ₹1 लाख की पूंजी से हुई थी; आज कारोबार ₹12 करोड़ से अधिक पहुँच चुका है।
वर्तमान में 160 से अधिक उत्पाद , 100+ आउटलेट्स और 64+ विदुर प्रेरणा कैफे के ज़रिए विपणन।
बिजनौर में 30 हज़ार से अधिक 'लखपति दीदियों' के निर्माण में इस पहल का योगदान।
नीति आयोग को आपूर्ति और प्रयागराज महाकुंभ व अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल में प्रदर्शन से वैश्विक पहचान।
पूरी सप्लाई चेन वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के ज़रिए डिजिटल की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' का विशेष उल्लेख किया, जिसे राज्य में ग्रामीण महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय प्रतीक माना जा रहा है। इस उल्लेख के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 26 जुलाई को इसे प्रदेश की लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए गौरव और प्रेरणा का क्षण बताया।

उत्पाद की पृष्ठभूमि और शुरुआत

दिसंबर 2023 में बिजनौर जिला प्रशासन की पहल पर स्थापित 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी' ब्रांड की शुरुआत विकास खंड कोतवाली के ग्राम लखीवाला की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने महज करीब ₹1 लाख की प्रारंभिक पूंजी से की थी। लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्री से तैयार यह हर्बल टी आज देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुँच चुकी है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी अपनी संभावनाएं मज़बूत कर रही है।

ब्रांड का विस्तार और कारोबार

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, आज इस ब्रांड के तहत 160 से अधिक उत्पादों का उत्पादन और विपणन स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। ब्रांड का कुल कारोबार ₹12 करोड़ से अधिक पहुँच चुका है। उत्पाद 100 से अधिक 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी' आउटलेट्स और 64 से अधिक 'विदुर प्रेरणा कैफे' के ज़रिए उपलब्ध हैं, और हर्बल टी का विपणन मुरादाबाद समेत अन्य जिलों में भी किया जा रहा है।

गौरतलब है कि संबंधित स्वयं सहायता समूह नीति आयोग की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पादों की आपूर्ति भी सफलतापूर्वक कर चुका है, जो इस ब्रांड की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रमाण है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान

अरुण कुमार ने बताया कि इस हर्बल टी का प्रदर्शन प्रयागराज महाकुंभ, नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल समेत कई राष्ट्रीय आयोजनों में हो चुका है। इन कार्यक्रमों में अमेरिका, यूरोप सहित कई देशों से आए आगंतुकों और संभावित खरीदारों ने इस उत्पाद में विशेष रुचि दिखाई।

यह ऐसे समय में आया है जब 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियानों के तहत स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच दिलाने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।

लखपति दीदी और डिजिटल सप्लाई चेन

उपमुख्यमंत्री मौर्य ने बताया कि इस पहल के चलते बिजनौर में 30 हज़ार से अधिक 'लखपति दीदियों' के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। पूरी सप्लाई चेन और विपणन व्यवस्था को डिजिटल बनाया गया है, जिसके तहत वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के ज़रिए ऑर्डर प्रबंधन, उत्पाद ट्रेसबिलिटी, इन्वेंट्री और वितरण प्रणाली का संचालन किया जा रहा है।

मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं केवल स्वरोज़गार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोज़गार सृजन और देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य जिलों और राज्यों में भी दोहराए जाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹12 करोड़ का यह कारोबार कितनी महिलाओं की आय में वास्तविक बदलाव ला रहा है — और क्या '30 हज़ार लखपति दीदियों' का आँकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित है। 'मन की बात' में उल्लेख से ब्रांड को राष्ट्रीय दृश्यता मिलती है, पर यह भी देखना होगा कि क्या यह मॉडल सरकारी संरक्षण के बिना टिकाऊ है। नीति आयोग को आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल में उपस्थिति उत्साहजनक संकेत हैं, लेकिन बिना निजी बाज़ार में स्वतंत्र पैठ के, यह सफलता संस्थागत खरीद पर निर्भर रह सकती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' क्या है और इसे कौन बनाता है?
यह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के ग्राम लखीवाला की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार एक हर्बल चाय है, जिसमें लेमनग्रास, गिलोय, तुलसी, मुलेठी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग होता है। इसे दिसंबर 2023 में बिजनौर जिला प्रशासन की पहल पर 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी' ब्रांड के तहत लॉन्च किया गया था।
PM मोदी ने 'मन की बात' में इस हर्बल टी का उल्लेख क्यों किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान की सफलता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। यह ब्रांड ग्रामीण महिला उद्यमिता, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और स्वयं सहायता समूहों की शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा है।
'विदुर प्रेरणा स्वदेशी' ब्रांड का कारोबार कितना बड़ा है?
वर्तमान में इस ब्रांड का कुल कारोबार ₹12 करोड़ से अधिक है। इसके तहत 160 से अधिक उत्पादों का उत्पादन होता है और 100 से अधिक आउटलेट्स व 64 से अधिक 'विदुर प्रेरणा कैफे' के ज़रिए बिक्री की जाती है।
बिजनौर की इस पहल से कितनी महिलाओं को फायदा हुआ है?
इस पहल के चलते बिजनौर में 30 हज़ार से अधिक 'लखपति दीदियों' के निर्माण में योगदान मिला है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी ये महिलाएं स्वरोज़गार के साथ-साथ रोज़गार सृजन में भी भूमिका निभा रही हैं।
क्या 'विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी' अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी उपलब्ध है?
अभी यह उत्पाद मुख्यतः राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध है, लेकिन प्रयागराज महाकुंभ और नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल में अमेरिका और यूरोप के खरीदारों ने इसमें रुचि दिखाई है। नीति आयोग को सफल आपूर्ति के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में संभावनाएं मज़बूत होती दिख रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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