26 अक्टूबर 2026
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दिल्ली सरकारी स्कूलों की बदहाली पर AAP विधायक कुलदीप कुमार का BJP पर हमला, कृष्णा नगर छात्रा मौत पर उठाए सवाल

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दिल्ली सरकारी स्कूलों की बदहाली पर AAP विधायक कुलदीप कुमार का BJP पर हमला, कृष्णा नगर छात्रा मौत पर उठाए सवाल

सारांश

कृष्णा नगर में एक सरकारी स्कूल में छात्रा की दर्दनाक मौत के बाद AAP विधायक कुलदीप कुमार ने BJP सरकार को घेरा — न मंत्री पहुँचे, न मुख्यमंत्री। हैप्पीनेस करिकुलम बंद करने और निजी स्कूलों को फायदा पहुँचाने के आरोपों के साथ यह सियासी टकराव दिल्ली की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

AAP विधायक कुलदीप कुमार ने 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की BJP सरकार पर सरकारी स्कूलों की बदहाली का आरोप लगाया।
कृष्णा नगर के एक सरकारी स्कूल में छात्रा ने कथित तौर पर खुद पर पदार्थ छिड़ककर आग लगाई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
विधायक ने आरोप लगाया कि घटना के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद और मुख्यमंत्री — दोनों ने न परिवार से मुलाकात की, न स्कूल का दौरा किया।
कुलदीप कुमार ने हैप्पीनेस करिकुलम बंद करने को राजनीतिक द्वेष बताया; इस पाठ्यक्रम को देखने मेलानिया ट्रंप भी दिल्ली आई थीं।
विधायक ने शिक्षा मंत्री पर साइकिल और किताब योजनाओं में कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए।
हैप्पीनेस क्लास बंद होने और स्कूल हिंसा के बीच संबंध के समर्थन में कोई स्वतंत्र आँकड़ा प्रस्तुत नहीं किया गया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने 26 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजधानी के सरकारी स्कूलों में न गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बची है और न ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पा रही है। कृष्णा नगर के एक सरकारी स्कूल में छात्रा की मौत की घटना को केंद्र में रखते हुए उन्होंने सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए।

कृष्णा नगर घटना और सरकार पर सवाल

कुलदीप कुमार ने बताया कि लगभग दो दिन पहले कृष्णा नगर के एक सरकारी स्कूल में एक छात्रा ने कथित तौर पर स्वयं पर कोई पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल में शिक्षक, प्रधानाचार्य, सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी कैमरे मौजूद होने के बावजूद ऐसी भयावह घटना कैसे घटी। उनके अनुसार, स्कूल परिसर के भीतर हुई इस घटना की गंभीर जाँच होनी चाहिए और प्रशासन की भूमिका की समीक्षा की जानी चाहिए।

कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद न तो पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे और न ही स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री की ओर से भी घटनास्थल का दौरा नहीं किया गया। विधायक ने इसे सरकार की घोर असंवेदनशीलता करार दिया।

हैप्पीनेस करिकुलम बंद होने का आरोप

कुलदीप कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यकाल में शुरू किए गए हैप्पीनेस करिकुलम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते इसे बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद छात्रों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास पर ध्यान देना था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पाठ्यक्रम को देखने के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप दिल्ली आई थीं।

कुलदीप कुमार ने दावा किया कि हैप्पीनेस क्लास बंद होने के बाद स्कूलों में चाकूबाजी, छात्राओं से छेड़छाड़ और विद्यार्थियों के उत्पीड़न जैसी घटनाएँ बढ़ी हैं। हालाँकि, इन घटनाओं और हैप्पीनेस क्लास बंद होने के बीच सीधे संबंध के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र आँकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।

निजी स्कूलों को फायदा पहुँचाने का आरोप

आप विधायक ने आरोप लगाया कि BJP सरकार जानबूझकर सरकारी स्कूलों की स्थिति कमज़ोर करके निजी स्कूलों को लाभ पहुँचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से आते हैं, इसलिए उनकी शिक्षा और सुरक्षा की अनदेखी एक गंभीर सामाजिक विफलता है।

कुलदीप कुमार ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद पर बच्चों की साइकिल और किताबों से जुड़ी सरकारी योजनाओं में कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए। उन्होंने दिल्ली सरकार को 'चार इंजन वाली सरकार' बताते हुए व्यंग्य किया कि यह सरकार विकास और सुरक्षा — दोनों मोर्चों पर पीछे जा रही है।

पूर्व सरकार के कार्यकाल से तुलना

कुलदीप कुमार ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली के सरकारी स्कूलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती AAP सरकार ने जो शैक्षणिक बुनियाद खड़ी की, उसे आगे बढ़ाने के बजाय वर्तमान सरकार उसे कमज़ोर कर रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में BJP सरकार को विपक्ष की ओर से शासन-व्यवस्था पर लगातार घेरा जा रहा है।

AAP का यह हमला स्पष्ट रूप से राजनीतिक रूप से प्रेरित है, लेकिन कृष्णा नगर की घटना ने स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं, जिनका उत्तर सरकार को देना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रधानाचार्य, सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी होने के बावजूद ऐसी घटना हुई, तो जवाबदेही का ढाँचा कहाँ टूटा? AAP के आरोप सियासी हैं, लेकिन BJP सरकार की चुप्पी और मंत्री की अनुपस्थिति ने उन्हें और धार दे दी है। हैप्पीनेस करिकुलम के बंद होने और स्कूल हिंसा के बीच सीधा कारण-प्रभाव संबंध स्थापित करना अभी निराधार है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की ज़रूरत को नकारना भी उचित नहीं होगा। असल जाँच यह होनी चाहिए कि दिल्ली सरकार के पास स्कूल सुरक्षा का कोई सत्यापन-योग्य ढाँचा है या नहीं।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्णा नगर सरकारी स्कूल में छात्रा की मौत कैसे हुई?
कथित तौर पर छात्रा ने स्कूल परिसर में खुद पर कोई पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना लगभग दो दिन पहले हुई बताई जा रही है और इसकी जाँच की माँग उठाई गई है।
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता घटाई है, हैप्पीनेस करिकुलम बंद किया, और कृष्णा नगर में छात्रा की मौत के बाद भी शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने न परिवार से मुलाकात की और न स्कूल का दौरा किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर योजनाओं में कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए।
हैप्पीनेस करिकुलम क्या था और इसे क्यों बंद किया गया?
हैप्पीनेस करिकुलम AAP सरकार के कार्यकाल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य छात्रों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर ध्यान देना था। AAP का आरोप है कि BJP ने राजनीतिक कारणों से इसे बंद कर दिया, हालाँकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद पर क्या आरोप हैं?
AAP विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री आशीष सूद न तो कृष्णा नगर में पीड़ित परिवार से मिले और न ही स्कूल का निरीक्षण किया। इसके अलावा, उन पर छात्रों की साइकिल और किताबों से जुड़ी योजनाओं में कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए गए हैं।
क्या दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सुरक्षा की कमी की जाँच होगी?
AAP विधायक ने माँग की है कि कृष्णा नगर घटना की गंभीरता से जाँच हो और यह पता लगाया जाए कि सीसीटीवी, सुरक्षा गार्ड और प्रशासन मौजूद होने के बावजूद घटना कैसे हुई। इस मामले में सरकार की आधिकारिक जाँच प्रक्रिया के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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