26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी में ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: सीएम योगी बोले — जो राज्य कभी 'बीमारू' था, आज GCC हब बन रहा है

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी में ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: सीएम योगी बोले — जो राज्य कभी 'बीमारू' था, आज GCC हब बन रहा है

सारांश

जो राज्य 2015-16 में दिल्ली के फाइव स्टार होटल में इन्वेस्टर्स समिट कराने पर मजबूर था, वही उत्तर प्रदेश आज ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का केंद्र बन चुका है। GCC इनोवेशन समिट-2026 में योगी ने माइक्रोसॉफ्ट, HCL, LG समेत दर्जनों कंपनियों के साथ MoU साइन किए — और 2031 तक 500 नए GCC का लक्ष्य रखा।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ GCC इनोवेशन समिट में कहा कि उत्तर प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
₹15 लाख करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है; ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव जल्द धरातल पर उतरेंगे।
पाँच कंपनियों — हैवेल्स, एमरी प्राइस, मेटलाइफ, एलजी, डब्ल्यूएसपी — को लेटर ऑफ कम्फर्ट; अनुमानित 6,467 रोज़गार सृजित होंगे।
15 एमओयू और 13 शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौते; 2030-31 तक 500 नए GCC का लक्ष्य।
राज्य में स्टार्टअप 120 से बढ़कर ~25,000 हुए; हर वर्ष 2 लाख STEM स्नातक तैयार।
LG इलेक्ट्रॉनिक्स ₹634 करोड़ का निवेश करेगी; माइक्रोसॉफ्ट नोएडा केंद्र 3,000 कर्मचारियों तक पहुँचा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के 'द सेंट्रम' में आयोजित जीसीसी इनोवेशन समिट-2026 में कहा कि जो राज्य एक दशक पहले निवेशकों की नज़र में 'खतरनाक' और 'बीमारू' था, उसे आज ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इनमें ₹15 लाख करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव ज़मीन पर उतरने के लिए तैयार हैं।

वह दौर जब लखनऊ की बजाय दिल्ली में करनी पड़ी थी समिट

मुख्यमंत्री योगी ने उस वक्त को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2015-16 में तत्कालीन सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की कोशिश की, लेकिन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने लखनऊ आने से इनकार कर दिया। नतीजा यह हुआ कि निवेश यूपी में होना था, परंतु समिट दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में करानी पड़ी। उन्होंने कहा, 'निवेशकों का कहना था कि लखनऊ बहुत खतरनाक शहर है।'

योगी ने कहा कि उस दौर में राज्य 'उपद्रव, अराजकता और माफिया प्रवृत्ति' के लिए जाना जाता था और 'पॉलिसी पैरालिसिस' की स्थिति थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं, तो पूंजी कैसे सुरक्षित रहेगी — यही कारण था कि निवेशक यहाँ आने से कतराते थे।

आज की तस्वीर: GCC हब के रूप में उभरता यूपी

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उत्तर प्रदेश में 200 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), 400 से ज़्यादा एसटीपीआई-पंजीकृत आईटी एवं आईटीईएस इकाइयाँ और 4.3 करोड़ वर्ग फीट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक 500 नए GCC स्थापित करना है, जिसके लिए 4 करोड़ वर्ग फीट अतिरिक्त ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस विकसित करने की योजना है।

नोएडा GCC के स्थापित केंद्र के रूप में उभरा है, जबकि लखनऊ में भी इस क्षेत्र का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। कानपुर समेत अन्य शहरों में संभावनाएँ विकसित की जा रही हैं। राज्य में स्टार्टअप की संख्या 120 से बढ़कर लगभग 25,000 तक पहुँच चुकी है।

प्रमुख कंपनियों को Letter of Comfort और 15 MoU

समिट में सीएम योगी ने पाँच प्रमुख GCC परियोजनाओं के लिए कंपनियों के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किए। इनमें हैवेल्स, एमरी प्राइस, मेटलाइफ, एलजी और डब्ल्यूएसपी शामिल रहे। इन परियोजनाओं से 6,467 रोज़गार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

इसके अलावा GCC निवेशकों के साथ 15 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें पेटीएम, बार्कलेज, एडब्ल्यूएस (AWS), माइक्रोसॉफ्ट, नौकरी समेत अन्य कंपनियाँ शामिल रहीं। तकनीकी प्रतिभा और उद्योग की ज़रूरतों के बीच तालमेल के लिए 13 विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के साथ भी समझौते किए गए — इनमें आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, आईआईटी रुड़की, आईआईएम लखनऊ, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय प्रमुख हैं।

उद्योग जगत के अनुभव: माइक्रोसॉफ्ट से HCL तक

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रतिनिधि बृजेश शर्मा ने बताया कि कंपनी उत्तर प्रदेश में ₹634 करोड़ का निवेश करेगी — मुख्यतः प्रतिभा विकास और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के बुनियादी ढाँचे पर। इससे 500 से अधिक उच्च-मूल्य वाली नौकरियाँ सृजित होने की संभावना है।

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर के प्रतिनिधि राजीव कुमार ने बताया कि नोएडा में कंपनी का केंद्र तीन वर्षों में 3,000 कर्मचारियों तक पहुँच चुका है। HCL टेक के प्रतिनिधि किरण चेरुकुरी ने बताया कि कंपनी लखनऊ में 12,500 कर्मचारियों के साथ काम कर रही है और AI आधारित GCC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए AWS तथा डीप-टेक नवाचार के लिए आईआईटी कानपुर के साथ सहयोग कर रही है।

बुनियादी ढाँचा और आगे की राह

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 75,000 एकड़ का लैंड बैंक, 5 अंतर्राष्ट्रीय और 17 घरेलू हवाई अड्डे, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, मेट्रो और औद्योगिक भूमि की उपलब्धता ने निवेश की संभावनाएँ बढ़ाई हैं। सरकार 36 सेक्टोरल नीतियाँ और 1,000 से अधिक व्यवसाय-अनुकूल सुधार लागू कर चुकी है। लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की स्थापना और रोज़गार के अवसरों में परिवर्तित करना है।

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश GCC, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी उद्योगों के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य 6 लाख एसटीईएम (STEM) स्नातकों की प्रतिभा क्षमता तैयार करना है, ताकि वैश्विक कंपनियों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने वास्तव में कार्यरत कारखानों और स्थायी नौकरियों में बदले। 'प्रस्ताव' और 'ग्राउंड ब्रेकिंग' के बीच का फर्क अक्सर भारतीय निवेश समिटों में धुंधला रहा है — यूपी भी इस परंपरा का अपवाद नहीं। GCC क्षेत्र में नोएडा की वास्तविक सफलता निर्विवाद है, लेकिन लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में विस्तार अभी महत्वाकांक्षा के स्तर पर ही है। 6 लाख STEM स्नातकों का लक्ष्य तभी सार्थक होगा जब शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक कंपनियों की माँग के अनुरूप हो — यह अंतर पाटना बुनियादी ढाँचे से भी बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव कब और कहाँ घोषित हुए?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 26 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के 'द सेंट्रम' में आयोजित GCC इनोवेशन समिट-2026 में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ₹50 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें ₹15 लाख करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।
यूपी GCC इनोवेशन समिट 2026 में कौन-सी बड़ी कंपनियाँ शामिल रहीं?
समिट में माइक्रोसॉफ्ट, HCL टेक, LG इलेक्ट्रॉनिक्स, AWS, बार्कलेज, पेटीएम, स्मार्टवर्क्स और कई अन्य कंपनियाँ शामिल रहीं। कुल 15 एमओयू और 5 कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किए गए।
2015-16 में यूपी की इन्वेस्टर्स समिट दिल्ली में क्यों हुई थी?
सीएम योगी के अनुसार उस समय उद्योगपति लखनऊ को असुरक्षित मानते थे और आने से इनकार कर दिया था। तत्कालीन सरकार को मजबूरन दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में समिट आयोजित करनी पड़ी थी।
2030-31 तक उत्तर प्रदेश में GCC का क्या लक्ष्य है?
सरकार ने 2030-31 तक 500 नए GCC स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4 करोड़ वर्ग फीट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस विकसित करने की योजना है। राज्य में अभी 200 से अधिक GCC पहले से कार्यरत हैं।
LG इलेक्ट्रॉनिक्स उत्तर प्रदेश में कितना निवेश करेगी?
LG इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रतिनिधि बृजेश शर्मा के अनुसार कंपनी उत्तर प्रदेश में ₹634 करोड़ का निवेश करेगी। यह राशि मुख्यतः प्रतिभा विकास और R&D बुनियादी ढाँचे पर खर्च होगी और इससे 500 से अधिक उच्च-मूल्य वाली नौकरियाँ सृजित होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले